क्या आप छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाते हैं? या ऐसा लगता है कि अंदर से कोई ऊर्जा नहीं बची है कुछ करने के लिए?
अगर ऐसा है, तो इसका कारण आपकी कुंडली में मंगल या सूर्य का कमजोर होना हो सकता है।
मंगल गुस्सा, ऊर्जा और एक्शन का ग्रह होता है। अगर मंगल नीच राशि (कर्क) में हो, या 6वें, 8वें या 12वें भाव में अशुभ ग्रहों के साथ हो, तो व्यक्ति चिड़चिड़ा, गुस्सैल और बेचैन हो सकता है।
अगर मंगल पर शनि, राहु या केतु का प्रभाव हो, तो व्यक्ति में थकावट, हिम्मत की कमी और अंदर ही अंदर गुस्सा भरने लगता है।
साथ ही, सूर्य अगर कमजोर हो तो आत्मबल और एनर्जी की कमी महसूस होती है।
✅ गुस्से और ऊर्जा की कमी के ज्योतिषीय उपाय:
- रोज सुबह हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- उगते सूर्य को सूर्य नमस्कार करें और तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं।
- रविवार को गुड़ और गेहूं दान करें।
- मंगल मंत्र से सिद्ध मोली (लाल धागा) दाहिने हाथ में बांधें।
- हर दिन 10 मिनट योग, ध्यान या जमीन पर नंगे पाँव चलना करें।
ग्रहों को ठीक करें, आपकी आग ऊर्जा बन जाएगी, गुस्सा नहीं।