संतान प्राप्ति में समस्याएं कई बार ज्योतिषीय कारणों से हो सकती हैं। इन उपायों के माध्यम से ग्रहों के प्रभाव को संतुलित कर संतान सुख प्राप्त किया जा सकता है।
ज्योतिषीय कारण:
- पंचम भाव (संतान) पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव।
- कमजोर या पीड़ित गुरु ग्रह (संतान के आशीर्वाद)।
- राहु या केतु का पंचम भाव में होना।
लक्षण:
- गर्भधारण में कठिनाई।
- बार-बार गर्भपात या गर्भावस्था में जटिलताएं।
उपाय:
1. भगवान कृष्ण की पूजा करें:
- प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- दान करें:
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गुरुवार को पीले वस्त्र या मिठाई का दान करें।
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संतान गोपाल पूजा करें:
- संतान सुख के लिए योग्य पंडित से संतान गोपाल पूजा करवाएं।
इन उपायों से ग्रह दोष कम होंगे और संतान सुख की प्राप्ति में मदद मिलेगी।