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छठ पूजा

मई 21, 2025

📅 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • पर्व तिथि: सोमवार, 27 अक्टूबर 2025
  • षष्ठी तिथि प्रारंभ: 26 अक्टूबर 2025 को शाम 7:34 बजे
  • षष्ठी तिथि समाप्त: 27 अक्टूबर 2025 को रात 9:29 बजे
  • संध्या अर्घ्य (दिल्ली): शाम 5:40 बजे
  • प्रातः अर्घ्य (दिल्ली): 28 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे

(कृपया अपने स्थान के अनुसार स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।)


🌟 पर्व का महत्व

छठ पूजा, जिसे सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है, सूर्य देवता और छठी मैया को समर्पित एक प्रमुख हिन्दू पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। छठ पूजा का उद्देश्य सूर्य देव की उपासना करके स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करना है। यह पर्व प्रकृति, जल और सूर्य की ऊर्जा के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है।


🛐 पूजा विधि और परंपराएं

🔅 पहला दिन: नहाय-खाय (25 अक्टूबर 2025, शनिवार)

  • व्रती पवित्र नदी या तालाब में स्नान करते हैं।
  • घर की सफाई करके सात्विक भोजन तैयार किया जाता है।
  • इस दिन लौकी की सब्जी, चने की दाल और चावल का सेवन किया जाता है।

🔅 दूसरा दिन: खरना (26 अक्टूबर 2025, रविवार)

  • व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखते हैं।
  • शाम को गुड़ की खीर और रोटी बनाकर सूर्य देव को भोग अर्पित करते हैं।
  • इसके बाद व्रती और परिवार के सदस्य प्रसाद ग्रहण करते हैं।

🔅 तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य (27 अक्टूबर 2025, सोमवार)

  • व्रती और श्रद्धालु नदी या तालाब के किनारे एकत्र होते हैं।
  • डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
  • पूजा के दौरान ठेकुआ, फल, गन्ना आदि का उपयोग किया जाता है।

🔅 चौथा दिन: प्रातः अर्घ्य और पारण (28 अक्टूबर 2025, मंगलवार)

  • उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
  • इसके बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त करते हैं।
  • प्रसाद वितरण करके पर्व का समापन होता है।

🙋‍♂️ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. छठ पूजा में कौन-कौन से प्रसाद बनाए जाते हैं?
छठ पूजा में ठेकुआ, चावल के लड्डू, फल, गन्ना, नारियल आदि का प्रसाद तैयार किया जाता है।

Q2. क्या पुरुष भी छठ व्रत रख सकते हैं?
हाँ, छठ व्रत महिलाएं और पुरुष दोनों रख सकते हैं। यह पर्व सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।

Q3. क्या छठ पूजा केवल बिहार और झारखंड में ही मनाई जाती है?
नहीं, अब छठ पूजा दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, नेपाल और अन्य स्थानों पर भी बड़े उत्साह से मनाई जाती है।


📝 निष्कर्ष

छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति आभार प्रकट करने का पर्व है। यह पर्व हमें संयम, श्रद्धा और समर्पण की भावना सिखाता है। छठ मैया और सूर्य देव की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहे।