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क्या आप बहुत भावुक हैं या बार-बार मूड बदलता है? इसका संबंध चंद्रमा से हो सकता है
अप्रैल 18, 2025
क्या आप छोटी बात पर रो पड़ते हैं? ज़्यादा सोचते हैं या बार-बार मूड खराब हो जाता है?
अगर हाँ, तो इसका कारण आपकी कुंडली में कमज़ोर या पीड़ित चंद्रमा हो सकता है।
ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावना और मानसिक संतुलन का प्रतीक होता है। अगर चंद्रमा:
- नीच राशि (वृश्चिक) में हो,
- शनि, राहु या केतु से ग्रस्त हो,
- या छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो,
...तो व्यक्ति अत्यधिक भावुक, अस्थिर या मानसिक रूप से बेचैन रह सकता है।
चंद्र-राहु युति (चंद्र ग्रहण योग) मानसिक भ्रम, चिंता और असमंजस का बड़ा कारण मानी जाती है।
✅ भावनात्मक संतुलन के लिए ज्योतिषीय उपाय:
- सोमवार को “ॐ चंद्राय नमः” या चंद्र बीज मंत्र का जाप करें।
- चांदी के गिलास में पानी पिएं या चांदी की चेन पहनें।
- पूर्णिमा की रात ध्यान करें और पानी के पास समय बिताएं।
- सोमवार को चावल, दूध या दही का दान करें।
- पूर्णिमा के दिन स्क्रीन टाइम और विवाद से दूर रहें।
आपका मन एक समुद्र है—जब चंद्रमा शांत होता है, तो आपकी भावनाएं भी स्थिर होती हैं।