अगर आपको अक्सर सिरदर्द, आंखों में जलन, या धुंधला दिखना जैसी समस्याएं होती हैं — तो हो सकता है आपकी कुंडली में इसका कारण छिपा हो।
ज्योतिष में सूर्य को दृष्टि और दाहिनी आंख का कारक माना गया है (पुरुषों के लिए)। अगर सूर्य नीच का हो, या 6वें, 8वें या 12वें भाव में हो, तो आंखों से जुड़ी परेशानियाँ हो सकती हैं।
चंद्रमा बाईं आंख और मानसिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। अगर चंद्रमा कमजोर हो या राहु/केतु के साथ हो, तो माइग्रेन, तनाव के सिरदर्द या आंखों में जलन की शिकायत हो सकती है।
अगर मंगल या सूर्य अग्नि तत्व वाली राशि (मेष, सिंह) में हो और लग्न या छठे भाव में स्थित हो, तो यह बार-बार सिरदर्द का कारण बन सकता है।
✅ इन समस्याओं के ज्योतिषीय उपाय:
- रोज सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करें।
- त्राटक (दीपक की लौ पर ध्यान) का अभ्यास करें।
- आदित्य ह्रदय स्तोत्र या ॐ सूर्याय नमः का जाप करें।
- आंखों में गुलाब जल डालें।
- पूर्णिमा के दिन चंद्र ध्यान या चंद्र बीज मंत्र का जाप करें।
इलाज सिर्फ शरीर का नहीं, ग्रहों का भी करें — तब जाकर राहत मिलेगी।