क्या आपको अक्सर घुटनों, पीठ या जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है?
क्या दवाइयों के बाद भी राहत सिर्फ थोड़ी देर के लिए मिलती है?
ज्योतिष में, ऐसे पुराने और हड्डियों से जुड़े दर्द का संबंध होता है शनि (Saturn) ग्रह से।
- शनि हमारे शरीर की हड्डियों, जोड़, घुटनों और ढांचे का कारक होता है।
- अगर यह लग्न, छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो या मंगल, राहु, केतु से पीड़ित हो, तो व्यक्ति को जोड़ों का दर्द, गठिया या पुराना दर्द हो सकता है।
- साढ़ेसाती, शनि की महादशा या शनि की दृष्टि में भी ये समस्याएं गहराती हैं।
यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि कर्मजनित पीड़ा भी हो सकती है—जो अनुशासन और सेवा से हल्की होती है।
✅ हड्डियों और जोड़ों के लिए उपाय:
- शनिवार को “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
- नहाने से पहले तिल के तेल की मालिश करें।
- शनिवार को लोहे, सरसों के तेल या काले तिल का दान करें।
- शरीर को निष्क्रिय न रखें—हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक ज़रूरी है।
- बुजुर्गों या शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की सेवा करें।
जब शनि संतुलित होता है, तो शरीर में मज़बूती और आत्मा में स्थिरता आती है।