क्या आप वजन बढ़ना, लिवर की समस्या या हार्मोनल गड़बड़ी से परेशान हैं?
अगर खानपान और एक्सरसाइज के बाद भी ये समस्याएं बनी रहती हैं, तो इसकी जड़ें आपकी कुंडली में हो सकती हैं—विशेषकर गुरु (बृहस्पति) ग्रह में।
ज्योतिष के अनुसार:
- गुरु शरीर की वसा, लिवर, हार्मोन और विकास संतुलन को नियंत्रित करता है।
- अगर गुरु नीच का, वक्री, या राहु/शनि/मंगल से पीड़ित हो, तो यह मोटापा, फैटी लिवर, मधुमेह या महिलाओं में PCOS जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
- छठा भाव (रोग) और लग्न भाव (शरीर) भी अगर पीड़ित हों, तो स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
✅ शारीरिक संतुलन के लिए उपाय:
- गुरुवार को “ॐ ब्रीं बृहस्पतये नमः” का जाप करें।
- गुरुवार को ज्यादा खाने से बचें—सादा जीवन गुरु को प्रिय है।
- केला, चना दाल, हल्दी का दान करें।
- सिरहाने पीला कपड़ा रखें।
- नियमित रूप से प्राणायाम या सूर्य नमस्कार करें।
जब गुरु संतुलित होता है, तब शरीर भी सुदृढ़ और संतुलित रहता है।