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निर्जला एकादशी 2025: तिथि, महत्व, व्रत विधि और लाभ

मई 19, 2025

📅 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • व्रत की तिथि: शुक्रवार, 6 जून 2025
  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 6 जून 2025 को प्रातः 2:15 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 7 जून 2025 को प्रातः 4:47 बजे
  • पारण (व्रत खोलने का समय): 7 जून 2025 को प्रातः 5:40 बजे से 8:42 बजे तक([Drik Panchang][1])

🌟 निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला एकादशी, जिसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है, सभी एकादशियों में सबसे कठिन और पुण्यदायक मानी जाती है। "निर्जला" का अर्थ है "बिना जल के", अर्थात् इस व्रत में जल सहित किसी भी प्रकार का आहार वर्जित होता है। मान्यता है कि इस एक व्रत के पालन से वर्ष भर की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है।([Navbharat Times][2])


🛐 व्रत विधि और पूजा प्रक्रिया

🌅 प्रातःकालीन तैयारी

  • ब्राह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से स्नान कराएं।
  • पीले वस्त्र पहनाकर, तुलसी पत्र, पीले फूल, चंदन, धूप-दीप आदि से पूजा करें।([Navbharat Times][2])

📖 पूजा और मंत्र

  • विष्णु सहस्रनाम या भगवद गीता का पाठ करें।
  • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
  • संध्या समय दीप प्रज्वलित कर आरती करें।

🌙 रात्रि जागरण

  • रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करें।
  • भगवान विष्णु की लीलाओं का श्रवण करें।

🍽️ पारण (व्रत खोलना)

  • 7 जून को प्रातः 5:40 बजे से 8:42 बजे के बीच व्रत खोलें।
  • व्रत खोलने से पूर्व ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र, जल आदि का दान करें।
  • सात्विक भोजन से व्रत खोलें।([Drik Panchang][1])

🧿 व्रत के लाभ और उपाय

🧘‍♂️ आध्यात्मिक लाभ

  • पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति।
  • मन, वाणी और शरीर की शुद्धि।
  • भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि।([Navbharat Times][2])

💪 स्वास्थ्य लाभ

  • शरीर का विषहरण और पाचन तंत्र की शुद्धि।
  • मानसिक एकाग्रता और आत्म-नियंत्रण में वृद्धि।

🎁 विशेष उपाय

  • इस दिन जल से भरे घड़े, छाता, वस्त्र आदि का दान करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल आदि का दान करें।

🙋‍♂️ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या निर्जला एकादशी पर जल भी नहीं पी सकते?

उत्तर: जी हां, इस व्रत में जल सहित किसी भी प्रकार का आहार वर्जित होता है।

प्रश्न 2: क्या स्वास्थ्य कारणों से व्रत नहीं रख सकते?

उत्तर: यदि स्वास्थ्य कारणों से पूर्ण व्रत संभव नहीं है, तो फलाहार या जलाहार व्रत रख सकते हैं।

प्रश्न 3: व्रत खोलने का सही समय क्या है?

उत्तर: 7 जून 2025 को प्रातः 5:40 बजे से 8:42 बजे के बीच व्रत खोलना शुभ माना जाता है।([Drik Panchang][1])


📝 निष्कर्ष

निर्जला एकादशी 2025 एक ऐसा अवसर है, जब हम अपने जीवन को शुद्ध और आध्यात्मिक बना सकते हैं। इस कठिन व्रत के पालन से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी प्राप्त होती है। आइए, इस पावन व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएं और अपने जीवन को धन्य बनाएं।