SwarnSiddhi
Login Join for Free
Back to Blog

बातें दिल में रह जाती हैं?

अप्रैल 18, 2025
बातें दिल में रह जाती हैं?

क्या आपके मन में बहुत कुछ होता है,
लेकिन जब बोलने या लिखने की बारी आती है, तो आप जैसा चाहते हैं वैसा नहीं कह पाते?

ज्योतिष के अनुसार, यह समस्या अक्सर बुध ग्रह और दूसरे या तीसरे भाव की स्थिति से जुड़ी होती है।

  • बुध संवाद, लेखन और समझ का ग्रह होता है। अगर यह नीच का (मीन में), वक्री या राहु, शनि, मंगल से पीड़ित हो, तो यह बोलने में अटकाव, मन की उलझन या भाषा में गड़बड़ी ला सकता है।
  • दूसरा भाव वाणी और तीसरा भाव अभिव्यक्ति का होता है। अगर ये भाव कमजोर हों, तो व्यक्ति बोल नहीं पाता या स्पष्ट नहीं कह पाता
  • राहु और बुध की युति व्यक्ति को भ्रमित और असंगत बना देती है।

स्पष्ट अभिव्यक्ति के ज्योतिषीय उपाय:

  • बुधवार को “ॐ बुं बुधाय नमः” का जाप करें।
  • रोज़ गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
  • हरी सब्ज़ी विष्णु को अर्पित करें या हरी मूंग दाल का दान करें
  • उपयुक्त हो तो पन्ना (एमराल्ड) पहनें या कार्यस्थल पर हरा क्रिस्टल रखें।
  • कोई भी बात कहने से पहले लिख लें—विचार स्पष्ट होंगे।

बुध मजबूत होगा, तो शब्द भी सटीक होंगे।