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पिता से दूरी या सीनियर्स से टकराव – क्या इसके पीछे है सूर्य का दोष?

अप्रैल 18, 2025
पिता से दूरी या सीनियर्स से टकराव – क्या इसके पीछे है सूर्य का दोष?

क्या आपका अपने पिता से रिश्ता तनावपूर्ण रहा है? क्या आप अक्सर बॉस या किसी भी अथॉरिटी से उलझ जाते हैं?
ज्योतिष के अनुसार, इसका कारण आपकी कुंडली में छिपा हो सकता है।

सूर्य पिता, आत्मसम्मान और शासन (authority) का प्रतिनिधित्व करता है। अगर सूर्य नीच राशि (तुला) में हो, या 6वें, 8वें, या 12वें भाव में हो, तो पिता से दूरी, गलतफहमियां या टकराव देखने को मिलते हैं।
अगर सूर्य पर शनि, राहु या केतु की दृष्टि हो या युति हो, तो यह karmic रिश्ता बन सकता है – यानी पिछले जन्मों की अनसुलझी कहानियाँ।

इसके साथ ही, अगर नवम भाव या उसके स्वामी पर अशुभ प्रभाव हो, तो व्यक्ति को पिता का साथ या मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।

लेकिन ज्योतिष केवल समस्या नहीं दिखाता, समाधान भी देता है।


पिता या वरिष्ठों से संबंध सुधारने के उपाय:

  • रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें।
  • रविवार को पिता या वरिष्ठों से बहस न करें।
  • सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में घी का दीपक जलाएं।
  • अगर संभव हो, अपने पिता या बुजुर्गों की सेवा करें – यही नवम भाव को बल देता है।

सूर्य को ठीक कीजिए, रिश्ते भी उजाले में आ जाएंगे।
क्या आपका अपने पिता से रिश्ता तनावपूर्ण रहा है? क्या आप अक्सर बॉस या किसी भी अथॉरिटी से उलझ जाते हैं?
ज्योतिष के अनुसार, इसका कारण आपकी कुंडली में छिपा हो सकता है।

सूर्य पिता, आत्मसम्मान और शासन (authority) का प्रतिनिधित्व करता है। अगर सूर्य नीच राशि (तुला) में हो, या 6वें, 8वें, या 12वें भाव में हो, तो पिता से दूरी, गलतफहमियां या टकराव देखने को मिलते हैं।
अगर सूर्य पर शनि, राहु या केतु की दृष्टि हो या युति हो, तो यह karmic रिश्ता बन सकता है – यानी पिछले जन्मों की अनसुलझी कहानियाँ।

इसके साथ ही, अगर नवम भाव या उसके स्वामी पर अशुभ प्रभाव हो, तो व्यक्ति को पिता का साथ या मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।

लेकिन ज्योतिष केवल समस्या नहीं दिखाता, समाधान भी देता है।

पिता या वरिष्ठों से संबंध सुधारने के उपाय:

  • रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें।
  • रविवार को पिता या वरिष्ठों से बहस न करें।
  • सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में घी का दीपक जलाएं।
  • अगर संभव हो, अपने पिता या बुजुर्गों की सेवा करें – यही नवम भाव को बल देता है।

सूर्य को ठीक कीजिए, रिश्ते भी उजाले में आ जाएंगे।