संतान प्राप्ति में समस्याएं या अस्थिरता का कारण वास्तु दोष हो सकते हैं। इन दोषों को ठीक करके संतान सुख प्राप्त किया जा सकता है।
वास्तु दोष:
- शयनकक्ष का दक्षिण-पूर्व दिशा में होना (अस्थिरता का कारण बनता है)।
- पूर्वोत्तर में शौचालय।
- पश्चिम (सृजन और संतान क्षेत्र) में अव्यवस्था।
लक्षण:
- गर्भधारण में कठिनाई।
- बार-बार गर्भपात।
उपाय:
1. शयनकक्ष (Bedroom):
- शयनकक्ष को दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थानांतरित करें।
2. पूर्वोत्तर शौचालय (Northeast Toilet):
- शौचालय को वास्तु उपायों जैसे तांबे के तार या वास्तु क्रिस्टल से ठीक करें।
3. पश्चिम क्षेत्र (West Zone):
- इस क्षेत्र में हल्के और पेस्टल रंगों का उपयोग करें।
इन उपायों से संतान संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है और परिवार में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है।