आज की तिथि: कृष्ण द्वादशी — बुधवार, 7 अक्तूबर 2026

लंदन में अभी सूर्योदय नहीं हुआ है, इसलिए पंचांग का दिन अब भी बुधवार, 7 अक्तूबर 2026 का है; अगला दिन सूर्योदय (सुबह 7:12 बजे) से शुरू होगा। बुधवार, 7 अक्तूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय से शाम 6:47 बजे तक कृष्ण द्वादशी तिथि है, और उसके बाद कृष्ण त्रयोदशी।

कृष्ण द्वादशी 6 अक्तूबर को रात 8:05 बजे शुरू हुई थी। इस समय (सुबह 6:31 बजे) कृष्ण त्रयोदशी चल रही है — 8 अक्तूबर को शाम 5:46 बजे तक।

तिथि का आरंभ और समाप्ति समय — 7 अक्तूबर 2026

तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से बारह अंश आगे निकलता है। इसलिए तिथि सबके लिए एक ही क्षण शुरू और समाप्त होती है — भारतीय मानक समय वाले हर शहर में नीचे दिया गया समय एक-सा रहेगा। शहर बदलने पर केवल सूर्योदय बदलता है, और सूर्योदय ही तय करता है कि दिन किस तिथि के नाम होगा। एक तिथि लगभग 20 से 27 घंटे की होती है, इसलिए ज़्यादातर दिनों में दो तिथियाँ पड़ती हैं।

तिथि का आरंभ और समाप्ति समय — 7 अक्तूबर 2026 — लंदन
तिथिपक्षआरंभसमाप्तिटिप्पणी
कृष्ण द्वादशीकृष्ण6 अक्तूबर, रात 8:05 बजेशाम 6:47 बजेसूर्योदय पर — यही दिन की तिथि
कृष्ण त्रयोदशीकृष्णशाम 6:47 बजे8 अक्तूबर, शाम 5:46 बजेअभी चल रही है

आज की तिथि का पक्ष, हिंदू मास और संवत

एक ही महीने को दो पद्धतियाँ आधे समय अलग नाम देती हैं। उत्तर भारत में मास पूर्णिमांत गिना जाता है, यानी पूर्णिमा पर समाप्त होता है; गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमांत, यानी अमावस्या पर। शुक्ल पक्ष में दोनों एक ही नाम देती हैं; कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत नाम अगले महीने का हो जाता है। यहाँ दोनों दिए गए हैं, आज के सूर्योदय पर गणना करके।

आज की तिथि का पक्ष, हिंदू मास और संवत
विवरणमान
पक्षकृष्ण
हिंदू मास (अमांत)भाद्रपद
हिंदू मास (पूर्णिमांत)आश्विन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

आज की तिथि पर व्रत और त्योहार

बुधवार, 7 अक्तूबर 2026 को लंदन में न कोई त्योहार है, न एकादशी, पूर्णिमा या अमावस्या। आगे आने वाले व्रत-त्योहार नीचे दिए गए हैं।

आज की तिथि पर व्रत और त्योहार
व्रत / त्योहारप्रकारतारीख़
आश्विन अमावस्या (शनि अमावस्या, महालया अमावस्या)व्रतशनिवार, 10 अक्तूबर 2026
शारदीय नवरात्रित्योहाररविवार, 11 अक्तूबर 2026
दुर्गा पूजा (महा सप्तमी)त्योहारशनिवार, 17 अक्तूबर 2026
दुर्गा अष्टमीत्योहाररविवार, 18 अक्तूबर 2026

2026 की हर द्वादशी · 2026 की हर त्रयोदशी

आज का नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय

आज का नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय
अंगमानसमाप्ति
नक्षत्रमघाशाम 5:10 बजे
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी8 अक्तूबर, शाम 4:50 बजे
योगशुभरात 10:22 बजे
योगशुक्ल8 अक्तूबर, रात 8:28 बजे
करणकौलवसुबह 7:24 बजे
करणतैतिलशाम 6:47 बजे
करणगरज8 अक्तूबर, सुबह 6:14 बजे
करणवणिज8 अक्तूबर, शाम 5:46 बजे
सूर्योदयसुबह 7:10 बजे
सूर्यास्तशाम 6:25 बजे
वारबुधवार

आज का नक्षत्र · पंचांग

अगले 7 दिनों की तिथि

हर पंक्ति में लंदन के उस दिन के सूर्योदय पर चल रही तिथि और उसके समाप्त होने का समय है। जो तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाए, वह क्षय तिथि है — वह किसी दिन की तिथि नहीं बनती, और पंक्ति में यह लिखा है।

अगले 7 दिनों की तिथि
तारीख़वारतिथिसमाप्तिटिप्पणी
7 अक्तूबर 2026बुधवारकृष्ण द्वादशीशाम 6:47 बजे
8 अक्तूबर 2026गुरुवारकृष्ण त्रयोदशीशाम 5:46 बजे
9 अक्तूबर 2026शुक्रवारकृष्ण चतुर्दशीशाम 5:06 बजे
10 अक्तूबर 2026शनिवारअमावस्याशाम 4:50 बजे
11 अक्तूबर 2026रविवारशुक्ल प्रतिपदाशाम 5:01 बजे
12 अक्तूबर 2026सोमवारशुक्ल द्वितीयाशाम 5:43 बजे
13 अक्तूबर 2026मंगलवारशुक्ल तृतीयाशाम 6:58 बजे

उदया तिथि — सूर्योदय वाली तिथि ही दिन की तिथि क्यों

पंचांग में दिन आधी रात से नहीं, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है। सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उदया तिथि है और पूरे दिन उसी का नाम चलता है — भले ही वह सुबह ही समाप्त हो जाए। जो तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती, वह क्षय तिथि कहलाती है और किसी दिन की तिथि नहीं बनती; जो दो सूर्योदय छू ले (वृद्धि), वह दोनों दिनों की तिथि होती है। त्योहार हमेशा यह नियम नहीं मानते — करवा चौथ चंद्रोदय से, दिवाली प्रदोष काल से और जन्माष्टमी आधी रात से तय होती है — इसलिए हर त्योहार का अपना पेज अपना नियम लगाता है। ऊपर दिए गए आरंभ और समाप्ति के समय खगोलीय गणना हैं, इन पर विवाद नहीं है; अलग गणना-पद्धति वाले पंचांग में ये एक-दो मिनट आगे-पीछे छप सकते हैं।

दूसरे शहर में आज की तिथि

भारत में सूर्योदय का समय एक घंटे से भी ज़्यादा अलग होता है, इसलिए कुछ दिनों पर सिर्फ़ सूर्योदय ही नहीं, दिन की तिथि भी दो शहरों में अलग हो सकती है।

आज की तिथि — सामान्य प्रश्न

आज कौन-सी तिथि है?

बुधवार, 7 अक्तूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय से शाम 6:47 बजे तक कृष्ण द्वादशी तिथि है, और उसके बाद कृष्ण त्रयोदशी। सूर्योदय (सुबह 7:10 बजे) के समय जो तिथि चल रही हो, वही दिन की तिथि मानी जाती है, इसलिए आज की तिथि कृष्ण द्वादशी है।

आज की तिथि कब समाप्त होगी?

कृष्ण द्वादशी शाम 6:47 बजे समाप्त होती है। तिथि का अंत सबके लिए एक ही क्षण होता है, इसलिए भारतीय मानक समय वाले हर शहर में घड़ी का समय यही रहेगा; शहर के साथ केवल सूर्योदय बदलता है।

कल कौन-सी तिथि है?

कल यानी गुरुवार 8 अक्तूबर 2026 को सूर्योदय (सुबह 7:12 बजे) के समय कृष्ण त्रयोदशी रहेगी, इसलिए कल की तिथि यही है।

आज कोई व्रत या त्योहार है?

नहीं, आज कोई व्रत या त्योहार नहीं है। इसके बाद आश्विन अमावस्या (शनि अमावस्या, महालया अमावस्या) है, शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 को।

अलग-अलग पंचांगों में आज की तिथि अलग क्यों दिखती है?

तीन कारण होते हैं। पहला, कुछ कैलेंडर घड़ी के किसी एक समय की तिथि छापते हैं, जबकि पंचांग सूर्योदय वाली (उदया) तिथि लेता है। दूसरा, सूर्योदय शहर के साथ बदलता है, इसलिए जिस दिन तिथि दो शहरों के सूर्योदय के बीच बदले, उस दिन दोनों शहरों की तिथि अलग होती है। तीसरा, अलग गणना-पद्धति वाले पंचांग तिथि के समाप्ति-समय में एक-दो मिनट का अंतर रखते हैं।