इंटरैक्टिव कुंडली: किसी भी भाव को छूकर पढ़ें

छपी हुई कुंडली में बस राशियाँ और ग्रहों के नाम होते हैं, और उसे पढ़ने के लिए जानना पड़ता है कि कहाँ देखें। यह कुंडली छूने पर खुद बताती है। किसी भाव को छुएँ तो दिखता है कि वह जीवन के किस हिस्से का है, उसमें कौन-से ग्रह बैठे हैं और किन ग्रहों की दृष्टि उस पर है। किसी ग्रह को छुएँ तो उसकी राशि, उसका बल और वे भाव दिखते हैं जिनका वह स्वामी है। नीचे नमूना कुंडली पर आज़माइए, फिर अपनी बनाइए।

  • मुफ़्त कुंडली वाला ही गणना इंजन
  • निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, पूर्ण-राशि भाव
  • न लॉगिन, न कुछ सेव

नमूना कुंडली पर इंटरैक्टिव कुंडली का डेमो

किसी भाव को छुएँ तो उसका पैनल खुलता है: वह किस बारे में है, उसकी राशि और स्वामी, उसमें बैठे ग्रह और उस पर पड़ने वाली दृष्टि। सुनहरी रेखाएँ उस भाव के ग्रहों की दृष्टि हैं, टूटी रेखाएँ बाहर से आने वाली दृष्टि, और बिंदुओं वाला सुनहरा रास्ता भाव के स्वामी को एक भाव से दूसरे भाव तक दिखाता है। किसी ग्रह या योग को छुएँ तो उसका अपना पैनल खुलता है। ऊपर उत्तर और दक्षिण शैली बदलें, कुंडली के ऊपर D1 से D7 तक चुनें, और आज ग्रह कहाँ चल रहे हैं यह देखने के लिए गोचर चालू करें।

अपनी कुंडली बनाइए

अपनी जन्म तिथि, समय और शहर डालिए। नमूने की जगह यहीं आपकी अपनी कुंडली खुलेगी, और कुछ भी सेव नहीं होता।

नमूना कुंडली: 5 जून 1991, सुबह 3:15, नई दिल्ली। यह एक काल्पनिक जन्म है, किसी असली व्यक्ति का नहीं।

नमूना कुंडली खुल रही है…

कुंडली के बारह भाव और उनके विषय

बारह भावों में से हर एक जीवन का एक क्षेत्र है, जिसे लग्न से, यानी जन्म के समय उदय हो रही राशि से, गिना जाता है। ये कार्ड वही शब्द इस्तेमाल करते हैं जो कुंडली का भाव-पैनल करता है, और हर कार्ड उस भाव के विस्तृत लेख से जुड़ा है। बारह भाव पेज पर सब एक साथ पढ़ सकते हैं।

भाव 1

स्वयं और शरीर

आप दुनिया के सामने कैसे आते हैं, और आपका शरीर आपका कितना साथ देता है?

  • शरीर
  • सेहत
  • स्वभाव
  • पहली छाप
  • आत्मविश्वास
भाव 1 के बारे में पढ़ें
भाव 2

धन और परिवार

आप क्या सँभालकर रखते हैं, किसे कीमती मानते हैं, और कैसे बोलते हैं?

  • बचत
  • परिवार
  • बोलचाल
  • खान-पान
  • संस्कार
भाव 2 के बारे में पढ़ें
भाव 3

हिम्मत और भाई-बहन

कुछ नया करने की हिम्मत आपको कहाँ से मिलती है, और कौन आपके साथ चलता है?

  • हिम्मत
  • भाई-बहन
  • मेहनत
  • लिखना
  • छोटी यात्राएँ
  • हुनर
भाव 3 के बारे में पढ़ें
भाव 4

घर और माँ

आपको सुकून कहाँ मिलता है, और कोई जगह घर जैसी कब लगती है?

  • घर
  • माँ
  • ज़मीन-जायदाद
  • गाड़ी
  • मन की शांति
भाव 4 के बारे में पढ़ें
भाव 5

रचना और प्रेम

आपके भीतर क्या जोश जगाता है: जो आप बनाते हैं, जिन्हें आप चाहते हैं, या जो आप सीखते हैं?

  • संतान
  • रचनात्मकता
  • प्रेम
  • बुद्धि
  • पढ़ाई
  • पूर्व पुण्य
भाव 5 के बारे में पढ़ें
भाव 6

सेहत और रोज़ का काम

मुश्किलों, रोज़ की दिनचर्या और विरोध करने वालों से आप कैसे निपटते हैं?

  • रोज़ का काम
  • सेहत
  • कर्ज़
  • विरोधी
  • सेवा
  • अनुशासन
भाव 6 के बारे में पढ़ें
भाव 7

साझेदारी और विवाह

ज़िंदगी या कारोबार आप किसके साथ मिलकर बनाना चाहते हैं?

  • विवाह
  • जीवनसाथी
  • साझेदार
  • समझौते
  • लोगों से लेन-देन
भाव 7 के बारे में पढ़ें
भाव 8

बदलाव और छिपी बातें

आपको भीतर से क्या बदलता है, और आप कौन-सी बातें सिर्फ़ भरोसे में बाँटते हैं?

  • अचानक बदलाव
  • आयु
  • विरासत
  • गहरा रिश्ता
  • राज़
  • खोज
भाव 8 के बारे में पढ़ें
भाव 9

भाग्य और आस्था

आप किस बात में विश्वास रखते हैं, और आपको जीना कौन सिखाता है?

  • पिता
  • गुरु
  • आस्था
  • भाग्य
  • ऊँची पढ़ाई
  • लंबी यात्रा
भाव 9 के बारे में पढ़ें
भाव 11

लाभ और दोस्त

आप किस चीज़ की उम्मीद रखते हैं, और वहाँ तक पहुँचने में कौन मदद करता है?

  • आमदनी
  • लाभ
  • दोस्त
  • बड़े भाई-बहन
  • जान-पहचान
  • इच्छाएँ
भाव 11 के बारे में पढ़ें
भाव 12

खर्च और छोड़ना

आप खुद को कहाँ खर्च करते हैं, और मन हल्का करने में आपकी मदद क्या करता है?

  • खर्च
  • नींद
  • विदेश
  • एकांत
  • दान
  • मुक्ति
भाव 12 के बारे में पढ़ें

कुंडली में ग्रहों की दृष्टि

दृष्टि का अर्थ है देखना। वैदिक ज्योतिष में ग्रह केवल उसी भाव पर असर नहीं डालता जिसमें वह बैठा है; वह अपने स्थान से गिनकर कुछ और भावों को भी देखता है और वहाँ के फल पर अपना रंग चढ़ाता है। इसीलिए जिस भाव में कोई ग्रह नहीं, वह भी सूना नहीं होता: उसका स्वामी और उस पर पड़ने वाली दृष्टियाँ उसकी कहानी कहती हैं।

हर ग्रह अपने से सातवें भाव को देखता है। तीन ग्रहों की विशेष दृष्टि भी होती है: मंगल चौथे और आठवें भाव को भी देखता है, गुरु पाँचवें और नौवें को, और शनि तीसरे और दसवें को। यह कुंडली, कई परंपराओं की तरह, राहु और केतु को पाँचवीं, सातवीं और नौवीं दृष्टि देती है। यहाँ दृष्टि पूरे भावों से गिनी जाती है, अंशों से नहीं, और वह एक ही दिशा में चलती है: शनि आपके दसवें भाव को देखता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि दसवाँ भाव भी शनि को देखता है।

  • सुनहरी सीधी रेखा: छुए गए भाव से डाली गई दृष्टि।
  • सितारे वाली बैंगनी रेखा: विशेष दृष्टि (मंगल, गुरु, शनि, राहु, केतु)।
  • टूटी रेखा: किसी दूसरे भाव से इस भाव पर आती दृष्टि।
  • बिंदुओं वाला सुनहरा रास्ता: स्वामी-शृंखला, भाव से उसके स्वामी के भाव तक, फिर उस ग्रह के स्वामी तक, जहाँ तक शृंखला जाए।

रेखा पर लगा छोटा निशान (सातवीं, आठवीं) दृष्टि का नाम बताता है; पूरी बात पैनल में लिखी होती है। नियम और परंपराओं के मतभेद ग्रह दृष्टि गाइड में हैं (अंग्रेज़ी में)।

इंटरैक्टिव कुंडली में D1, D9, D10 और D7

D1, यानी राशि कुंडली, स्वयं जन्म कुंडली है: लग्न से गिने बारह भाव और हर ग्रह अपनी जगह पर। दृष्टि, भावों के स्वामी, दशाएँ और योग, सब D1 से पढ़े जाते हैं। वर्ग कुंडलियाँ हर राशि को छोटे हिस्सों में बाँटकर ग्रहों को फिर से रखती हैं, और हर वर्ग एक विषय के लिए होता है:

  • D9, नवांश: विवाह और साझेदारी, और यह कि कोई ग्रह कितना टिकता है। जो ग्रह D1 और D9 में एक ही राशि में हो, वह वर्गोत्तम कहलाता है और बली माना जाता है।
  • D10, दशमांश: करियर, पद और सार्वजनिक काम।
  • D7, सप्तमांश: संतान और आपकी रचनाएँ।

कुंडली के ऊपर इनमें से कोई चुनें तो ग्रह सरककर उस कुंडली के भावों में पहुँच जाते हैं, और पैनल बताता है कि हर ग्रह वहाँ किस भाव में है और कितना सहज है। दृष्टि और स्वामी D1 के ही रहते हैं, जैसे शास्त्र पढ़ते हैं। हर वर्ग का अपना कैलकुलेटर भी है: नवांश (D9), दशमांश (D10) और सप्तमांश (D7)।

टाइम स्लाइडर: आपकी कुंडली पर गोचर

गोचर चालू करें तो कुंडली के चारों ओर एक घेरा बन जाता है, जिसमें नीचे लिखी तारीख़ पर आकाश में ग्रहों की स्थिति दिखती है; शुरुआत आज की तारीख़ से होती है। चलता हुआ हर ग्रह कुंडली के उस भाव के पास दिखता है जिससे वह गुज़र रहा है, लग्न से गिनकर।

स्लाइडर खिसकाकर जन्म से 2100 तक कोई भी तारीख़ चुनें, तीर वाली कुंजियों से एक-एक महीना आगे-पीछे जाएँ, या प्ले दबाकर बरसों को बीतते देखें। किसी चलते ग्रह को छुएँ तो वह भाव खुलता है जिससे वह गुज़र रहा है; उस भाव के पैनल में उस तारीख़ का आकाश जुड़ जाता है: उस भाव से गुज़रते ग्रह और उसे देखते ग्रह।

स्लाइडर के नीचे उस तारीख़ पर चल रही दशाएँ दिखती हैं, और जब शनि चंद्रमा से उस स्थिति में हो तो साढ़ेसाती या ढैया भी। ये तारीख़ें उसी इंजन से आती हैं जो विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर में है, और साढ़ेसाती पर अलग पेज भी है।

कुंडली में SAV और बल की परतें

कुंडली के ऊपर दो और बटन हैं। SAV बिंदु हर भाव को उसके सर्वाष्टकवर्ग बिंदुओं के हिसाब से रंगता है, यानी वे सहायक अंक जो उस राशि को ग्रहों से मिलते हैं: जितने ज़्यादा बिंदु, वहाँ फल उतनी आसानी से मिलते हैं। बल हर ग्रह के चारों ओर उसके षड्बल (रूप में) के अनुसार घेरा बनाता है। रात्रि दृश्य केवल कुंडली वाले हिस्से को गहरा करता है, ताकि कम रोशनी में पढ़ना आसान हो। दोनों के पीछे के अंक सर्वाष्टकवर्ग और षड्बल कैलकुलेटर में हैं।

इंटरैक्टिव कुंडली: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इंटरैक्टिव कुंडली मुफ़्त है?

हाँ। नमूना कुंडली और आपकी अपनी कुंडली, यहाँ या मुफ़्त कुंडली पेज पर, दोनों मुफ़्त हैं और लॉगिन नहीं माँगतीं।

क्या मेरा जन्म विवरण सेव होता है?

नहीं। कुंडली फ़ॉर्म भेजने पर गणना होती है और आपके ब्राउज़र में ही बनती है। किसी खाते में कुछ सेव नहीं होता, और जन्म विवरण पेज के पते (URL) में कभी नहीं आता, इसलिए कोई लिंक या ब्राउज़र हिस्ट्री उसे नहीं रखती।

सीधी और टूटी रेखाओं का क्या मतलब है?

सुनहरी सीधी रेखा उस भाव से डाली गई दृष्टि है जिसे आपने छुआ, सितारे वाली बैंगनी रेखा विशेष दृष्टि है, और टूटी रेखा उस भाव पर बाहर से आने वाली दृष्टि है। बिंदुओं वाला सुनहरा रास्ता स्वामी-शृंखला है: भाव से उस भाव तक जहाँ उसका स्वामी बैठा है, और वहाँ से आगे।

D9 चुनने पर ग्रह अपनी जगह क्यों बदलते हैं?

हर वर्ग कुंडली ग्रहों को नए सिरे से रखती है और उसका लग्न भी अलग होता है, इसलिए ग्रह दूसरे भावों में आ जाते हैं। दृष्टि और भावों के स्वामी फिर भी D1, यानी जन्म कुंडली, से ही पढ़े जाते हैं।

उत्तर भारतीय या दक्षिण भारतीय, कौन-सी शैली चुनें?

जो आपको पढ़नी आती हो। ग्रहों की स्थिति दोनों में एक ही रहती है। उत्तर भारतीय कुंडली में भाव अपनी जगह रहते हैं और राशियाँ घूमती हैं; दक्षिण भारतीय कुंडली में राशियाँ अपनी जगह रहती हैं और भाव घूमते हैं।

क्या मैं किसी भाव के बारे में AI से पूछ सकता हूँ?

हाँ, Swarn Siddhi ऐप में, जहाँ AI ज्योतिषी आपकी सहेजी हुई कुंडली पढ़ता है। यहाँ का 'AI से पूछें' बटन आपका सवाल लिखकर वहाँ तक का रास्ता दिखाता है।

यह कितनी सटीक है?

इसमें वही इंजन है जो मुफ़्त कुंडली में है: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश और पूर्ण-राशि भाव। सबसे ज़्यादा फ़र्क जन्म समय से पड़ता है, क्योंकि लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है और उसके साथ हर भाव बदल जाता है।

अपनी इंटरैक्टिव कुंडली बनाएँ

नमूने के ऊपर वाले फ़ॉर्म से अपनी कुंडली इसी पेज पर खोलिए। मुफ़्त कुंडली पेज वही कुंडली बनाता है और साथ में लिखा हुआ फलादेश भी देता है: आपका लग्न, चंद्र राशि, दशाएँ और योग।

मेरी मुफ़्त कुंडली बनाएँ