घर का वास्तु

वास्तु घर को दिशाओं के हिसाब से समझने की परंपरा है। यहाँ से शुरू करें: पहले देखें आपका घर किस दिशा-मुखी है, फिर रसोई, नक्शा और सोने की दिशा — सब उसी इंजन से जो ऐप का वास्तु कंपास चलाता है।

दिशा के हिसाब से घर का वास्तु

घर के 16 वास्तु ज़ोन

घर के 16 वास्तु ज़ोन (सही उत्तर से, घड़ी की दिशा में)
ज़ोनदिशाविषयतत्व
उत्तर (N)348.75°–11.25°करियर और अवसरजल
उत्तर-ईशान (NNE)11.25°–33.75°स्वास्थ्य और रोग-प्रतिरोधजल
ईशान (उत्तर-पूर्व) (NE)33.75°–56.25°मन, स्पष्टता और आध्यात्मजल
पूर्व-ईशान (ENE)56.25°–78.75°मनोरंजन और आनंदवायु
पूर्व (E)78.75°–101.25°सामाजिक संबंधवायु
पूर्व-आग्नेय (ESE)101.25°–123.75°विश्लेषण और मंथनवायु
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (SE)123.75°–146.25°धन-प्रवाह और ऊर्जा (अग्नि)अग्नि
दक्षिण-आग्नेय (SSE)146.25°–168.75°आत्मविश्वास और शक्तिअग्नि
दक्षिण (S)168.75°–191.25°यश और विश्रामअग्नि
दक्षिण-नैऋत्य (SSW)191.25°–213.75°खर्च और निपटानपृथ्वी
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (SW)213.75°–236.25°कौशल, संबंध और स्थिरतापृथ्वी
पश्चिम-नैऋत्य (WSW)236.25°–258.75°शिक्षा और बचतआकाश
पश्चिम (W)258.75°–281.25°लाभ और प्राप्तिआकाश
पश्चिम-वायव्य (WNW)281.25°–303.75°विषहरण और विश्रामआकाश
वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (NW)303.75°–326.25°सहयोग, बैंकिंग और गतिशीलतावायु
उत्तर-वायव्य (NNW)326.25°–348.75°आकर्षण और बेचैनीजल

कमरे-दर-कमरे वास्तु गाइड

आपकी कुंडली और नक्शे से वास्तु

ऐप में घर का नक्शा स्कैन या ड्रॉ करके कमरे-दर-कमरे जाँच पाएँ, या वास्तु हाउस रिपोर्ट और एस्ट्रो-वास्तु रिपोर्ट देखें। वास्तु की मूल बातें विस्तार से: वास्तु शास्त्र की मूल बातें (अंग्रेज़ी)।

वास्तु क्या कर सकता है और क्या नहीं

वास्तु घर सजाने-बनाने का एक पारंपरिक ढाँचा है, स्वास्थ्य, धन या किसी परिणाम की गारंटी नहीं। केवल दिशा देखकर भवन की बनावट न बदलें; किसी योग्य इंजीनियर से सलाह लें।

लोग अक्सर क्या पूछते हैं

घर के वास्तु में सबसे पहले क्या देखें?

मुख्य द्वार की दिशा और दीवार पर उसकी जगह, फिर रसोई और मुख्य शयनकक्ष। ये तीन परंपरा में सबसे ज़्यादा वज़न रखते हैं।

वास्तु में दिशा कैसे नापें?

घर के बीच से, सही उत्तर के हिसाब से। फ़ोन का कंपास चुंबकीय उत्तर बताता है; वास्तु कंपास आपकी जगह के हिसाब से अंतर जोड़कर सही उत्तर दिखाता है।

क्या दक्षिण मुखी घर खराब होता है?

नहीं। हर दीवार की तरह दक्षिण में भी पसंदीदा द्वार-स्थान हैं; डर की बात परंपरा से ज़्यादा बाज़ार की है।

क्या वास्तु के लिए घर तोड़ना पड़ता है?

नहीं। ज़्यादातर सुझाव सामान की जगह, सफ़ाई, रोशनी और हवा से जुड़े हैं। ढाँचे का बदलाव केवल असली ज़रूरत पर, इंजीनियर की सलाह से।