
विवाह समय कैलकुलेटर
मेरी शादी कब होगी?
अपनी जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान भरें। कैलकुलेटर विंशोत्तरी दशा में आपके सप्तमेश, शुक्र, बृहस्पति और दाराकारक को पढ़ता है, बृहस्पति-शनि का दोहरा गोचर जोड़ता है, और अगले पाँच साल के विवाह-काल दिखाता है — कोई एक तारीख नहीं।
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कैलकुलेटर के बारे में
शादी कब होगी कैलकुलेटर
- आपकी अपनी कुंडली से सप्तमेश, शुक्र, बृहस्पति और दाराकारक
- अगले पाँच साल की हर वह दशा जो इनसे जुड़ी है, असली तारीखों के साथ
- वे महीने जब बृहस्पति और शनि दोनों आपके सातवें भाव तक पहुँचते हैं
- महीनों और सालों का समय-काल, शादी की कोई तारीख नहीं
वैदिक ज्योतिष विवाह का समय दो चरणों में देखता है: एक दशा जो कुंडली में विवाह के ग्रहों को सक्रिय करे, और उसी दौरान एक गोचर जो सातवें भाव को छुए। कैलकुलेटर आपके जन्म विवरण से दोनों करता है और पूरी गणना दिखाता है।
उदाहरण (14 मार्च 1998, 08:20, नई दिल्ली): सबसे प्रबल विवाह-काल नवंबर 2030 – मई 2032 है — राहु महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा, जो चंद्रमा (दाराकारक) को सक्रिय करती है, और गोचर नवांश (D9) के विवाह-बिंदुओं को छूते हैं।
उदाहरण: 14 मार्च 1998, 08:20, नई दिल्ली
उदाहरण
सबसे प्रबल विवाह-काल नवंबर 2030 – मई 2032 है — राहु महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा, जो चंद्रमा (दाराकारक) को सक्रिय करती है, और गोचर नवांश (D9) के विवाह-बिंदुओं को छूते हैं।
बृहस्पति और शनि दोनों पहली बार दिसंबर 2028 – मार्च 2029 में आपके सातवें भाव (तुला) तक पहुँचते हैं।
| कारक | आपकी कुंडली में |
|---|---|
| लग्न | मेष |
| सातवाँ भाव | तुला |
| सप्तमेश | शुक्र |
| दाराकारक (जीवनसाथी का कारक) | चंद्रमा |
| देखी गई अवधि | 26 अक्टूबर 2026 – 25 अक्टूबर 2031 |
| समय-काल | दशा | सक्रिय ग्रह | नवांश (D9) का साथ | आपकी उम्र |
|---|---|---|---|---|
| दिसंबर 2026 – दिसंबर 2029 | राहु महादशा, शुक्र अंतर्दशा | शुक्र (सप्तमेश, जीवनसाथी का कारक) | हाँ (0.495 / 1) | 28–31 |
| नवंबर 2030 – मई 2032 | राहु महादशा, चंद्रमा अंतर्दशा | चंद्रमा (दाराकारक) | हाँ (0.945 / 1) | 32–34 (पाँच साल के बाद तक) |
सबसे प्रबल समय (मोटे अक्षरों में) वह है जिसे नवांश (D9) में गोचर का सबसे ज़्यादा साथ मिलता है; बराबरी हो तो जो पहले आए। यही क्रम Swarn की चैट भी इस्तेमाल करती है। बाकी समय-काल भी विवाह के लिए खुले हैं — वे कम प्रबल हैं, बंद नहीं।
| दोहरा गोचर | किस विवाह-काल के भीतर |
|---|---|
| दिसंबर 2028 – मार्च 2029 | दिसंबर 2026 – दिसंबर 2029 |
| अक्टूबर 2029 – जनवरी 2030 | दिसंबर 2026 – दिसंबर 2029 |
कैलकुलेटर कैसे गणना करता है
- लग्न और सातवाँ भाव। जन्म के समय पूर्व में उदित राशि लग्न है; उससे सातवीं राशि विवाह और जीवनसाथी का भाव है, और उसका स्वामी सप्तमेश।
- विवाह के ग्रह। सप्तमेश, शुक्र (जीवनसाथी का कारक), बृहस्पति (विवाह का कारक) और दाराकारक — जैमिनी पद्धति में सबसे कम अंशों वाला ग्रह, जो जीवनसाथी को दर्शाता है।
- दशा। विंशोत्तरी दशा की हर महादशा-अंतर्दशा जिसमें इनमें से कोई ग्रह स्वामी हो, अगले पाँच साल में, अपनी असली तारीखों के साथ (दशा कैलकुलेटर यही तारीखें देता है)।
- नवांश। हर दशा के दौरान हर महीने देखा जाता है कि गोचर के ग्रह नवांश (D9) कुंडली के विवाह-बिंदुओं को कितना सक्रिय करते हैं; सबसे ऊँचा अंक उस दशा का नवांश-साथ है।
- दोहरा गोचर। हर पाँचवें दिन देखा जाता है कि बृहस्पति और शनि दोनों सातवें भाव में हैं या उस पर दृष्टि डालते हैं।
एक समय-काल क्यों, तारीख क्यों नहीं
दशा महीनों से सालों तक चलती है, और गोचर भी हफ़्तों-महीनों तक एक राशि में रहते हैं। इसलिए ज्योतिष ईमानदारी से इतना ही कह सकता है कि कब विवाह के योग अधिक प्रबल हैं। जो साइट या व्यक्ति शादी की पक्की तारीख बताए, वह गणना से आगे की बात कह रहा है। तरीका विस्तार से: विवाह के समय पर पूरी गाइड (अंग्रेज़ी)।
आगे क्या देखें
रिश्ता तय हो रहा हो तो कुंडली मिलान दोनों कुंडलियों के 36 गुण और दोष देखता है, और मांगलिक दोष कैलकुलेटर मंगल की स्थिति।
शादी कब होगी — सामान्य प्रश्न
जन्म तिथि से कैसे पता करें कि शादी कब होगी?
ऊपर अपनी जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान भरें। कैलकुलेटर आपका लग्न और सातवाँ भाव निकालता है, अगले पाँच साल की वे सभी दशाएँ बताता है जो सप्तमेश, शुक्र, बृहस्पति या दाराकारक से जुड़ी हैं, और वे महीने दिखाता है जब बृहस्पति और शनि दोनों सातवें भाव तक पहुँचते हैं। सबसे प्रबल समय वह है जिसे नवांश (D9) का सबसे ज़्यादा साथ मिले।
क्या ज्योतिष शादी की सही तारीख बता सकता है?
नहीं। ज्योतिष महीनों या सालों का वह समय बताता है जब विवाह के योग अधिक प्रबल हों। तारीख आप, आपका परिवार और हालात तय करते हैं; कोई ईमानदार तरीका उसका वादा नहीं कर सकता।
कैलकुलेटर को सटीक जन्म समय क्यों चाहिए?
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, और सातवाँ भाव लग्न से गिना जाता है। लग्न बदले तो सप्तमेश बदलता है, और उसके साथ दशाएँ भी। जन्म समय अनुमानित हो तो विवाह-काल को भी अनुमानित मानें।
बृहस्पति-शनि का दोहरा गोचर क्या है?
के. एन. राव का नियम: कोई बड़ी घटना तब आती है जब गोचर में बृहस्पति और शनि दोनों उस घटना के भाव में हों या उस पर दृष्टि डालें। विवाह के लिए यह सातवाँ भाव है। कैलकुलेटर बृहस्पति की 5वीं, 7वीं, 9वीं और शनि की 3री, 7वीं, 10वीं दृष्टि गिनता है।
अगले पाँच साल में कोई विवाह-काल न दिखे तो?
इसका अर्थ है कि अगले पाँच साल में सप्तमेश, शुक्र, बृहस्पति या दाराकारक की कोई दशा नहीं चलती। छोटी उप-दशा में भी विवाह हो सकता है; पूरी कुंडली का अध्ययन या विवाह रिपोर्ट उन्हें देखती है।
क्या मेरा जन्म विवरण सेव होता है?
नहीं। विवरण पेज के पते में नहीं, अनुरोध के भीतर भेजा जाता है, एक बार गणना में लगता है और सेव नहीं होता। परिणाम वाला पेज न कैश होता है, न सर्च में दिखता है।