पितृ दोष कैलकुलेटर

जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान भरें — कैलकुलेटर पितृ दोष के छह शास्त्रीय योग जाँचता है और हर योग आपकी कुंडली में दिखाता है। उदाहरण (2 नवंबर 1975, 18:45, नई दिल्ली): पितृ दोष का संकेत मिलता है: सूर्य और राहु एक ही राशि में।

  • जाँचे जाने वाले छह योग साफ़ लिखे हैं
  • हर योग आपकी कुंडली में — बनता हो या नहीं
  • जन्म विवरण केवल इस परिणाम के लिए, सहेजा नहीं जाता

तिथि, सटीक समय और स्थान। जाँच सर्वर पर इन्हीं से होती है और कुछ सहेजा नहीं जाता।

लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए नीचे के भाव जन्म समय पर निर्भर हैं। समय अनुमानित हो तो भावों को भी अनुमानित मानें।

आपका विवरण केवल यह परिणाम निकालने के लिए इस्तेमाल होता है और सहेजा नहीं जाता। यह पेज के पते (URL) में नहीं, अनुरोध के भीतर भेजा जाता है, और इससे बना पेज न कैश होता है न सर्च में जाता है।

पितृ दोष परिणाम

पितृ दोष के 1 संकेत

पितृ दोष का संकेत मिलता है: सूर्य और राहु एक ही राशि में।

पितृ दोष के छह योग जो यह कैलकुलेटर जाँचता है
योगइस कुंडली मेंबनता है?
सूर्य और राहु एक ही राशि मेंसूर्य तुला में, राहु तुला मेंहाँ
सूर्य और केतु एक ही राशि मेंसूर्य तुला में, केतु मेष मेंनहीं
राहु 9वें भाव मेंराहु छठे भाव मेंनहीं
केतु 9वें भाव मेंकेतु बारहवें भाव मेंनहीं
शनि 9वें भाव मेंशनि तीसरे भाव मेंनहीं
सूर्य, राहु या केतु के साथ 9वें भाव मेंसूर्य छठे भाव में; राहु छठे भाव, केतु बारहवें भाव मेंनहीं

ये योग आम हैं: लगभग हर तीसरी कुंडली में इनमें से कोई एक मिलता है। इसलिए परिणाम को पारिवारिक कर्तव्यों पर सोचने का संकेत मानें, किसी पूर्वज के श्राप का प्रमाण नहीं।

यह कैलकुलेटर पितृ दोष कैसे तय करता है

पितृ दोष की कोई एक तय परिभाषा नहीं है; अलग-अलग ज्योतिषी अलग योग गिनते हैं। यह कैलकुलेटर ये छह शास्त्रीय योग जाँचता है, और इनमें से कोई एक भी बने तो दोष बताता है:

  • सूर्य और राहु एक ही राशि में — सूर्य पिता और वंश का कारक है, राहु उसे ग्रहण लगाता माना जाता है।
  • सूर्य और केतु एक ही राशि में।
  • राहु, केतु या शनि लग्न से 9वें भाव में — 9वाँ भाव पिता, गुरु और धर्म का है।
  • सूर्य 9वें भाव में राहु या केतु के साथ — परंपरा इसे अलग से गिनाती है।

भाव संपूर्ण राशि पद्धति से गिने जाते हैं (लग्न की राशि पहला भाव), ग्रह निरयन (लाहिड़ी) हैं। ऐप का दोष कार्ड यही जाँच इसी इंजन से करता है।

पितृ दोष पर ज्योतिषी अलग क्यों बोलते हैं

  • कुछ लोग चंद्र-राहु, गुरु पर पाप ग्रहों की दृष्टि या 9वें भाव के स्वामी की स्थिति भी जोड़ते हैं। यह कैलकुलेटर उन्हें नहीं गिनता और ऊपर सूची में यही बताता है।
  • सूची जितनी लंबी, उतनी ज़्यादा कुंडलियाँ इसमें आती हैं — इसलिए किसी एक संकेत को निजी दुर्भाग्य का प्रमाण न मानें।
  • पूरी पृष्ठभूमि पितृ दोष गाइड (अंग्रेज़ी) में है।

पितृ दोष में अपनाए जाने वाले उपाय

पारंपरिक उपाय पूर्वजों को याद करने के हैं और अधिकतर मुफ़्त हैं: अमावस्या पर तर्पण, पितृ पक्ष में श्राद्ध, भूखे को भोजन, और सुबह सूर्य को जल। हर महीने की अमावस्या की तिथि यहाँ देखें। महँगी पूजा वैकल्पिक है, ज़रूरी नहीं।

पितृ दोष — सामान्य प्रश्न

पितृ दोष क्या है?

पितृ दोष कुंडली की वह स्थिति है जिसे परंपरा पूर्वजों के प्रति अधूरे कर्तव्य से जोड़ती है। इसे सूर्य, राहु-केतु, शनि और 9वें भाव से जुड़े कुछ योगों से पहचाना जाता है।

कुंडली में पितृ दोष कैसे देखें?

ऊपर जन्म तिथि, सटीक समय और स्थान भरें। कैलकुलेटर छह योग जाँचता है — सूर्य के साथ राहु या केतु, 9वें भाव में राहु, केतु या शनि, और 9वें भाव में सूर्य के साथ राहु या केतु — और हर योग आपकी कुंडली में दिखाता है।

यह कैलकुलेटर कौन-सा नियम लगाता है?

छह शास्त्रीय योगों में से कोई एक: सूर्य-राहु एक राशि में, सूर्य-केतु एक राशि में, 9वें भाव में राहु, केतु या शनि, या 9वें भाव में सूर्य के साथ राहु या केतु।

क्या पितृ दोष आम है?

हाँ। इन योगों से लगभग हर तीसरी कुंडली में कम से कम एक संकेत मिलता है, इसलिए इसे निजी श्राप न मानें।

क्या पितृ दोष के लिए सटीक जन्म समय चाहिए?

सूर्य-राहु और सूर्य-केतु की जाँच तिथि से हो जाती है। 9वें भाव की जाँच लग्न पर निर्भर है, जो लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए उसके लिए सटीक समय चाहिए।

पितृ दोष हो तो क्या करें?

कुछ भी जल्दबाज़ी में नहीं। बहुत से परिवार कुंडली देखे बिना ही पितृ पक्ष में श्राद्ध और अमावस्या पर तर्पण करते हैं। कोई उपाय करना हो तो मुफ़्त या सस्ता चुनें, और डर दिखाकर बेचने वालों से सावधान रहें।