16 ज़ोन · कमरों की जगह
वास्तु के अनुसार घर का नक्शा
घर के नक्शे पर वास्तु के 16 ज़ोन कैसे बिछाएँ, हर ज़ोन किससे जुड़ा है, और हर कमरा किस दिशा में रखें — वही ज़ोन और नियम जो ऐप का फ़्लोर-प्लान वास्तु इस्तेमाल करता है।
- ज़ोन और डिग्री ऐप के वास्तु इंजन से
- 19 कमरों और चीज़ों की दिशा
- फ़्लैट के लिए भी
वास्तु नक्शे के 16 ज़ोन
हर ज़ोन 22.5° का है और उत्तर ज़ोन सही उत्तर के दोनों ओर 11.25° तक फैला है।
| ज़ोन | दिशा | विषय | तत्व | यहाँ रखें | यहाँ न रखें |
|---|---|---|---|---|---|
| उत्तर (N) | 348.75°–11.25° | करियर और अवसर | जल | नकदी की तिजोरी, बैठक, करियर कोना | शौचालय, सीढ़ी, कूड़ादान |
| उत्तर-ईशान (NNE) | 11.25°–33.75° | स्वास्थ्य और रोग-प्रतिरोध | जल | पीने का पानी, घर के पौधे, पूजा घर | शौचालय, रसोई, भारी सामान |
| ईशान (उत्तर-पूर्व) (NE) | 33.75°–56.25° | मन, स्पष्टता और आध्यात्म | जल | पूजा घर, ध्यान, पढ़ाई | शौचालय, रसोई, शयनकक्ष, सीढ़ी, भंडार कक्ष |
| पूर्व-ईशान (ENE) | 56.25°–78.75° | मनोरंजन और आनंद | वायु | बैठक / मनोरंजन, बच्चों का खेल, टीवी / मीडिया | शौचालय, भारी सामान |
| पूर्व (E) | 78.75°–101.25° | सामाजिक संबंध | वायु | बैठक, मुख्य द्वार, बरामदा | शौचालय, कूड़ादान, भारी सामान |
| पूर्व-आग्नेय (ESE) | 101.25°–123.75° | विश्लेषण और मंथन | वायु | पढ़ाई / विश्लेषण, स्नानघर | शयनकक्ष, पूजा घर, नकदी की तिजोरी |
| आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (SE) | 123.75°–146.25° | धन-प्रवाह और ऊर्जा (अग्नि) | अग्नि | रसोई, बिजली पैनल, इन्वर्टर | पानी की टंकी, पूजा घर, मुख्य शयनकक्ष |
| दक्षिण-आग्नेय (SSE) | 146.25°–168.75° | आत्मविश्वास और शक्ति | अग्नि | मुख्य शयनकक्ष (बड़ों का), आत्मविश्वास कोना | जल सज्जा (फ़व्वारा आदि), शौचालय |
| दक्षिण (S) | 168.75°–191.25° | यश और विश्राम | अग्नि | विश्राम स्थान, पुरस्कार की दीवार, टीवी / मीडिया | मुख्य द्वार, पानी की टंकी, भूमिगत पानी |
| दक्षिण-नैऋत्य (SSW) | 191.25°–213.75° | खर्च और निपटान | पृथ्वी | शौचालय, भंडार कक्ष, सीढ़ी | नकदी की तिजोरी, शयनकक्ष, रसोई |
| नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (SW) | 213.75°–236.25° | कौशल, संबंध और स्थिरता | पृथ्वी | मुख्य शयनकक्ष, तिजोरी या लॉकर, भारी सामान | शौचालय, रसोई, भूमिगत पानी, खाली कोना |
| पश्चिम-नैऋत्य (WSW) | 236.25°–258.75° | शिक्षा और बचत | आकाश | पढ़ाई का कमरा, पुस्तकालय, बच्चों का पढ़ाई कक्ष | शौचालय, कूड़ादान, पानी की टंकी |
| पश्चिम (W) | 258.75°–281.25° | लाभ और प्राप्ति | आकाश | तिजोरी या लॉकर, भंडार कक्ष, भोजन स्थान | सीढ़ी, शौचालय, कूड़ादान |
| पश्चिम-वायव्य (WNW) | 281.25°–303.75° | विषहरण और विश्राम | आकाश | स्नानघर, कूड़ादान, जूते की रैक | तिजोरी या लॉकर, पूजा घर, पढ़ाई का कमरा |
| वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (NW) | 303.75°–326.25° | सहयोग, बैंकिंग और गतिशीलता | वायु | अतिथि कक्ष, अनाज भंडार, गैराज | स्थायी मुख्य शयनकक्ष, भारी तिजोरी |
| उत्तर-वायव्य (NNW) | 326.25°–348.75° | आकर्षण और बेचैनी | जल | सीढ़ी, कूड़ादान, जूते की रैक, अतिथि | तिजोरी या लॉकर, पढ़ाई का कमरा, मुख्य शयनकक्ष |
वास्तु नक्शे में हर कमरे की दिशा
| कमरा | सबसे अच्छी दिशा | ठीक | टालें |
|---|---|---|---|
| मुख्य द्वार | उत्तर, ईशान (उत्तर-पूर्व) और पूर्व | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम | दक्षिण और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
| बैठक | उत्तर, पूर्व और ईशान (उत्तर-पूर्व) | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) |
| रसोई | आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पूर्व | ईशान (उत्तर-पूर्व) और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
| भोजन की मेज़ | पश्चिम और पूर्व | उत्तर और वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | ईशान (उत्तर-पूर्व) और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
| मुख्य शयनकक्ष | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) | दक्षिण और पश्चिम | ईशान (उत्तर-पूर्व) और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) |
| अन्य शयनकक्ष | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और पश्चिम | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और दक्षिण | ईशान (उत्तर-पूर्व) और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) |
| बच्चों का कमरा | पश्चिम, वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पूर्व | उत्तर | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और दक्षिण |
| अतिथि कक्ष | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | पश्चिम और उत्तर | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और ईशान (उत्तर-पूर्व) |
| पूजा घर | ईशान (उत्तर-पूर्व) | पूर्व और उत्तर | दक्षिण, नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) |
| पढ़ाई का कमरा | उत्तर, ईशान (उत्तर-पूर्व) और पूर्व | पश्चिम | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और दक्षिण |
| शौचालय | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम | दक्षिण और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) | ईशान (उत्तर-पूर्व), उत्तर और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
| स्नानघर | वायव्य (उत्तर-पश्चिम), पश्चिम और पूर्व | उत्तर | ईशान (उत्तर-पूर्व) और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
| सीढ़ी | दक्षिण, नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और पश्चिम | आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) और वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | ईशान (उत्तर-पूर्व), उत्तर और पूर्व |
| भंडार कक्ष | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), दक्षिण और पश्चिम | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | ईशान (उत्तर-पूर्व), पूर्व और मध्य (ब्रह्मस्थान) |
| भूमिगत पानी की टंकी | ईशान (उत्तर-पूर्व) और उत्तर | पूर्व | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) और दक्षिण |
| छत की पानी की टंकी | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), पश्चिम और दक्षिण | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | ईशान (उत्तर-पूर्व), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व), उत्तर, पूर्व और मध्य (ब्रह्मस्थान) |
| सेप्टिक टैंक | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम | — | ईशान (उत्तर-पूर्व), उत्तर, पूर्व, नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) और मध्य (ब्रह्मस्थान) |
| बालकनी | उत्तर, ईशान (उत्तर-पूर्व) और पूर्व | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) | नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) और दक्षिण |
| गैराज या पार्किंग | वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम | दक्षिण और आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) | ईशान (उत्तर-पूर्व) और नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) |
रसोई पर विस्तार: रसोई घर का वास्तु। मुख्य द्वार की सटीक जगह: उत्तर मुखी घर और बाकी दिशाओं के गाइड।
ब्रह्मस्थान: घर का बीच खुला रखें
नक्शे का बीच ब्रह्मस्थान है। परंपरा इसे खुला और हल्का रखने को कहती है — यहाँ खंभा, सीढ़ी, शौचालय या रसोई नहीं। फ़्लैट में इसका मतलब बस बीच के हिस्से को सामान से खाली रखना है।
अपने नक्शे पर ज़ोन कैसे बनाएँ
- नक्शे का बीच तय करें: आयताकार घर में दोनों विकर्णों का मिलन बिंदु। टेढ़े-मेढ़े नक्शे में ऐप का फ़्लोर-प्लान वास्तु बीच अपने आप निकालता है।
- कंपास से सही उत्तर नापें और नक्शे पर तीर बनाएँ।
- बीच से 16 रेखाएँ खींचें, हर 22.5° पर, उत्तर ज़ोन को उत्तर के दोनों ओर 11.25° पर रखकर।
- हर कमरे को तालिका से मिलाएँ; जो बदला नहीं जा सकता उसके लिए ढाँचा न तोड़ें।
नक्शे से पूरी रिपोर्ट चाहिए? ऐप में घर का नक्शा स्कैन या ड्रॉ करें, या वास्तु हाउस रिपोर्ट देखें।
वास्तु घर सजाने-बनाने का एक पारंपरिक ढाँचा है, स्वास्थ्य, धन या किसी परिणाम की गारंटी नहीं। केवल दिशा देखकर भवन की बनावट न बदलें; किसी योग्य इंजीनियर से सलाह लें।
लोग अक्सर क्या पूछते हैं
वास्तु के अनुसार घर का नक्शा कैसे बनाएँ?
नक्शे का बीच (ब्रह्मस्थान) तय करें, सही उत्तर मिलाएँ, और 22.5° के 16 ज़ोन बनाएँ। फिर ऊपर की तालिका से हर कमरे को उसकी पसंदीदा दिशा में रखें — जहाँ न हो सके, वहाँ ‘ठीक’ वाली दिशा चुनें।
वास्तु नक्शे में मुख्य द्वार कहाँ हो?
कक्ष-नियम उत्तर, ईशान (उत्तर-पूर्व) और पूर्व को सबसे अच्छा और वायव्य (उत्तर-पश्चिम) और पश्चिम को ठीक मानते हैं। दीवार पर द्वार की सटीक जगह के लिए दिशा वाले गाइड देखें।
ब्रह्मस्थान क्या है?
घर का बीच का हिस्सा। परंपरा कहती है कि इसे खुला और खाली रखें — यहाँ खंभा, सीढ़ी, शौचालय या रसोई नहीं।
क्या फ़्लैट पर भी यही नियम लागू होते हैं?
हाँ, अपने फ़्लैट के नक्शे पर, इमारत पर नहीं। जो बदला नहीं जा सकता उसे छोड़ें, और चलने-फिरने वाली चीज़ें (बिस्तर, मेज़, तिजोरी) सही ज़ोन में रखें।