अगली अमावस्या कब है?

अगली अमावस्या शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 को है। लंदन में अमावस्या तिथि 9 अक्तूबर, 17:06 से 10 अक्तूबर, 16:50 तक रहेगी।

अगली अमावस्या: तारीख और तिथि का समय

शनिवार, 10 अक्तूबर 2026

आश्विन अमावस्या · 2 दिन बाद · चंद्रोदय 07:05

तिथि आरंभ
9 अक्तूबर, 17:06
तिथि समाप्त
10 अक्तूबर, 16:50
पक्ष
कृष्ण
हिंदू मास
आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत)

उत्तर भारत की पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत की अमांत पद्धति में कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा अलग महीने के नाम से जाना जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष में दोनों का नाम एक रहता है। जहाँ ऊपर दो नाम दिखें, वहाँ दोनों सही हैं — दो कैलेंडरों के तारीख पर असहमत दिखने का यह भी एक ईमानदार कारण है।

अमावस्या कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि है, जब चाँद दिखाई नहीं देता। अधिकतर श्राद्ध और पितृ कर्म इसी दिन होते हैं। नीचे दिन के साथ तिथि का आरंभ और समाप्ति समय भी दिया है।

इस पेज का हर समय लंदन के लिए निकाला गया है।

सभी शहर देखें

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

अमावस्या 2026: सभी तारीखें

2026 में लंदन के लिए 12 अमावस्या हैं। यह संख्या हर साल बदलती है: बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में संख्या बढ़ जाती है।

तारीख पक्ष मास (पूर्णिमांत) तिथि आरंभ तिथि समाप्त पर्व
18 जनवरी, रविवार कृष्ण माघ 17 जनवरी, 18:34 18 जनवरी, 19:52 —
17 फ़रवरी, मंगलवार कृष्ण फाल्गुन 16 फ़रवरी, 12:04 17 फ़रवरी, 12:01 —
18 मार्च, बुधवार कृष्ण चैत्र 18 मार्च, 02:56 19 मार्च, 01:23 —
17 अप्रैल, शुक्रवार कृष्ण वैशाख 16 अप्रैल, 15:41 17 अप्रैल, 12:52 —
16 मई, शनिवार कृष्ण ज्येष्ठ 16 मई, 00:41 16 मई, 21:01 वट सावित्री व्रत
14 जून, रविवार · क्षय तिथि कृष्ण अधिक ज्येष्ठ 14 जून, 07:50 15 जून, 03:54 —
14 जुलाई, मंगलवार कृष्ण आषाढ़ 13 जुलाई, 14:20 14 जुलाई, 10:43 —
12 अगस्त, बुधवार कृष्ण श्रावण 11 अगस्त, 21:24 12 अगस्त, 18:37 —
10 सितंबर, गुरुवार कृष्ण भाद्रपद 10 सितंबर, 06:03 11 सितंबर, 04:27 —
10 अक्तूबर, शनिवार कृष्ण आश्विन 9 अक्तूबर, 17:06 10 अक्तूबर, 16:50 —
8 नवंबर, रविवार कृष्ण कार्तिक 8 नवंबर, 05:58 9 नवंबर, 07:02 दिवाली
8 दिसंबर, मंगलवार कृष्ण मार्गशीर्ष 7 दिसंबर, 22:43 9 दिसंबर, 00:52 —

समय लंदन के अनुसार हैं। क्षय तिथि वाली पंक्ति की तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। अगले दिन भी मान्य वाली पंक्ति में तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

पर्व वाले कॉलम के बारे में: नाम केवल उन पंक्तियों पर है जिन पर हमारी गणना का कोई पर्व — जैसे दिवाली या महालया अमावस्या — उसी तिथि पर पड़ता है। जहाँ पर्व का दिन इस पंक्ति से अलग है — जैसे प्रदोष में मनाया जाने वाला पर्व — वहाँ उसकी अपनी तारीख कोष्ठक में दी है।

पंचांगों में अमावस्या की तारीख अलग क्यों होती है

तिथि चंद्र मास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है और लगभग कभी सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। यह पेज सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का है। इसके दो परिणाम ऊपर की तालिका में दिखते हैं, और दोनों भूल नहीं हैं।

  1. दो सूर्योदय पर तिथि। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं।
  2. क्षय तिथि। जब तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय है, और व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली।
  3. शहर। सूर्योदय भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा बदलता है, इसलिए एक शहर में जो तिथि सूर्योदय के ठीक बाद ख़त्म होती है, वह दूसरे में ठीक पहले ख़त्म हो सकती है — और दिन बदल जाता है।

आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है। यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना, ताकि आप अपने पंचांग से मिलान कर सकें।

अमावस्या से जुड़े सामान्य प्रश्न

अगली अमावस्या कब है?

अगली अमावस्या शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 को है। लंदन में अमावस्या तिथि 9 अक्तूबर, 17:06 से 10 अक्तूबर, 16:50 तक रहेगी।

2026 में कितनी अमावस्या हैं?

लंदन के लिए 2026 में 12। यह संख्या हर साल बदलती है, क्योंकि बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में एक-दो और जुड़ जाती हैं।

मेरे कैलेंडर में अमावस्या की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि बहुत कम ही सूर्योदय पर शुरू या ख़त्म होती है। जब वह दो दिन सूर्योदय पर चलती है, या किसी दिन नहीं, तब परंपराएँ बँट जाती हैं: कुछ सूर्योदय वाला दिन लेती हैं, कुछ वह दिन जब तिथि शुरू हुई। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना।

2026 में अमावस्या पर कौन-से पर्व पड़ते हैं?

वट सावित्री व्रत (16 मई), दिवाली (8 नवंबर)। तारीखें लंदन के लिए हैं; हर पर्व का अपना पेज उसका मुहूर्त और निर्णय का नियम बताता है।