अष्टमी 2026 में कब है

2026 में अष्टमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका टोरंटो के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी अष्टमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
शनिवार, 10 जनवरी 2026कृष्णमाघ9 जन, 21:5410 जन, 23:50—
सोमवार, 26 जनवरी 2026शुक्लमाघ25 जन, 12:4126 जन, 10:48—
सोमवार, 9 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन8 फ़र, 18:319 फ़र, 20:58—
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन23 फ़र, 20:3324 फ़र, 18:22—
बुधवार, 11 मार्च 2026कृष्णचैत्र10 मार्च, 16:2511 मार्च, 18:50—
बुधवार, 25 मार्च 2026शुक्लचैत्र25 मार्च, 04:2126 मार्च, 02:19—
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख9 अप्रै, 11:5010 अप्रै, 13:46—
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख23 अप्रै, 11:2024 अप्रै, 09:52—
शनिवार, 9 मई 2026कृष्णज्येष्ठ9 मई, 04:3310 मई, 05:37—
शनिवार, 23 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ22 मई, 19:3423 मई, 18:57—
सोमवार, 8 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ7 जून, 17:558 जून, 17:54—
सोमवार, 22 जून 2026शुक्लज्येष्ठ21 जून, 05:5122 जून, 06:11—
मंगलवार, 7 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़7 जुला, 03:558 जुला, 02:52—
मंगलवार, 21 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़20 जुला, 18:3321 जुला, 19:47—
गुरुवार, 6 अगस्त 2026कृष्णश्रावण5 अग, 11:126 अग, 09:23—
गुरुवार, 20 अगस्त 2026शुक्लश्रावण19 अग, 09:5020 अग, 11:48—
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद3 सित, 16:554 सित, 14:44—
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद18 सित, 03:3119 सित, 05:57—
शनिवार, 3 अक्तूबर 2026कृष्णआश्विन2 अक्टू, 22:303 अक्टू, 20:22—
रविवार, 18 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन17 अक्टू, 22:5919 अक्टू, 01:22—
रविवार, 1 नवंबर 2026कृष्णकार्तिक1 नव, 04:222 नव, 02:41—
मंगलवार, 17 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक16 नव, 17:5017 नव, 19:36—
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष30 नव, 13:421 दिस, 12:44—
गुरुवार, 17 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष16 दिस, 12:1617 दिस, 12:56—
बुधवार, 30 दिसंबर 2026कृष्णपौष30 दिस, 02:0731 दिस, 02:03—

समय टोरंटो के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

अष्टमी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 10 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 9 जन, 21:54 → 10 जन, 23:50
  • सोमवार, 26 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 25 जन, 12:41 → 26 जन, 10:48

अष्टमी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 9 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 8 फ़र, 18:31 → 9 फ़र, 20:58
  • मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 23 फ़र, 20:33 → 24 फ़र, 18:22

अष्टमी मार्च 2026

मार्च 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 11 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 10 मार्च, 16:25 → 11 मार्च, 18:50
  • बुधवार, 25 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 25 मार्च, 04:21 → 26 मार्च, 02:19

अष्टमी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 9 अप्रै, 11:50 → 10 अप्रै, 13:46
  • शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 23 अप्रै, 11:20 → 24 अप्रै, 09:52

अष्टमी मई 2026

मई 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 9 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 9 मई, 04:33 → 10 मई, 05:37
  • शनिवार, 23 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 22 मई, 19:34 → 23 मई, 18:57

अष्टमी जून 2026

जून 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 8 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 7 जून, 17:55 → 8 जून, 17:54
  • सोमवार, 22 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 21 जून, 05:51 → 22 जून, 06:11

अष्टमी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 7 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 7 जुला, 03:55 → 8 जुला, 02:52
  • मंगलवार, 21 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 20 जुला, 18:33 → 21 जुला, 19:47

अष्टमी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 6 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 5 अग, 11:12 → 6 अग, 09:23
  • गुरुवार, 20 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 19 अग, 09:50 → 20 अग, 11:48

अष्टमी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 3 सित, 16:55 → 4 सित, 14:44
  • शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 18 सित, 03:31 → 19 सित, 05:57

अष्टमी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 3 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 2 अक्टू, 22:30 → 3 अक्टू, 20:22
  • रविवार, 18 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 17 अक्टू, 22:59 → 19 अक्टू, 01:22

अष्टमी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 1 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 1 नव, 04:22 → 2 नव, 02:41
  • मंगलवार, 17 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 16 नव, 17:50 → 17 नव, 19:36

अष्टमी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में अष्टमी 3 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 30 नव, 13:42 → 1 दिस, 12:44
  • गुरुवार, 17 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 16 दिस, 12:16 → 17 दिस, 12:56
  • बुधवार, 30 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 30 दिस, 02:07 → 31 दिस, 02:03

अष्टमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

अष्टमी कब है 2026 में?

2026 में अगली अष्टमी रविवार, 18 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 17 अक्टू, 22:59 → 19 अक्टू, 01:22 तक चलती है (टोरंटो के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में अष्टमी कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल अष्टमी और कृष्ण अष्टमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। अष्टमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में अष्टमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या अष्टमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो टोरंटो में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

अष्टमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

अष्टमी तिथि, आठें — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।