तिथि कैलेंडर · सिंगापुर
अष्टमी 2027 में कब है
2027 में अष्टमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
- यह तालिका सिंगापुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
2027 की सभी अष्टमी तिथियाँ
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| शनिवार, 16 जनवरी 2027 | शुक्ल | पौष | 15 जन, 16:44 | 16 जन, 16:13 | — |
| शुक्रवार, 29 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 29 जन, 06:33 | 30 जन, 07:29 | अगले दिन भी मान्य |
| रविवार, 14 फ़रवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 14 फ़र, 04:37 | 15 फ़र, 03:11 | — |
| रविवार, 28 फ़रवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 28 फ़र, 00:25 | 1 मार्च, 02:17 | — |
| मंगलवार, 16 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 15 मार्च, 13:21 | 16 मार्च, 11:25 | — |
| मंगलवार, 30 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 29 मार्च, 19:42 | 30 मार्च, 22:10 | — |
| बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 13 अप्रै, 19:59 | 14 अप्रै, 17:54 | — |
| गुरुवार, 29 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 28 अप्रै, 15:01 | 29 अप्रै, 17:32 | — |
| गुरुवार, 13 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 13 मई, 01:44 | 13 मई, 23:48 | — |
| शनिवार, 29 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 28 मई, 08:57 | 29 मई, 10:50 | — |
| शुक्रवार, 11 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 11 जून, 07:44 | 12 जून, 06:15 | क्षय तिथि |
| रविवार, 27 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 27 जून, 00:22 | 28 जून, 01:15 | — |
| रविवार, 11 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 10 जुला, 15:08 | 11 जुला, 14:20 | — |
| मंगलवार, 27 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 26 जुला, 12:55 | 27 जुला, 12:43 | — |
| सोमवार, 9 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 9 अग, 00:55 | 10 अग, 01:05 | — |
| बुधवार, 25 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 24 अग, 22:55 | 25 अग, 21:50 | — |
| बुधवार, 8 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 7 सित, 13:58 | 8 सित, 15:15 | — |
| गुरुवार, 23 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 23 सित, 07:07 | 24 सित, 05:28 | क्षय तिथि |
| गुरुवार, 7 अक्तूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 7 अक्टू, 06:44 | 8 अक्टू, 08:58 | अगले दिन भी मान्य |
| शनिवार, 23 अक्तूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 22 अक्टू, 14:26 | 23 अक्टू, 12:29 | — |
| शनिवार, 6 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 6 नव, 02:40 | 7 नव, 05:21 | — |
| रविवार, 21 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 20 नव, 21:47 | 21 नव, 19:50 | — |
| सोमवार, 6 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 6 दिस, 00:08 | 7 दिस, 02:30 | — |
| सोमवार, 20 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 20 दिस, 06:04 | 21 दिस, 04:23 | — |
समय सिंगापुर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
अष्टमी जनवरी 2027
जनवरी 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 16 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 15 जन, 16:44 → 16 जन, 16:13
- शुक्रवार, 29 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 29 जन, 06:33 → 30 जन, 07:29 (अगले दिन भी मान्य)
अष्टमी फ़रवरी 2027
फ़रवरी 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 14 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 14 फ़र, 04:37 → 15 फ़र, 03:11
- रविवार, 28 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 28 फ़र, 00:25 → 1 मार्च, 02:17
अष्टमी मार्च 2027
मार्च 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 16 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 15 मार्च, 13:21 → 16 मार्च, 11:25
- मंगलवार, 30 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 29 मार्च, 19:42 → 30 मार्च, 22:10
अष्टमी अप्रैल 2027
अप्रैल 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 14 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 13 अप्रै, 19:59 → 14 अप्रै, 17:54
- गुरुवार, 29 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 28 अप्रै, 15:01 → 29 अप्रै, 17:32
अष्टमी मई 2027
मई 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 13 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 13 मई, 01:44 → 13 मई, 23:48
- शनिवार, 29 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 28 मई, 08:57 → 29 मई, 10:50
अष्टमी जून 2027
जून 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 11 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 11 जून, 07:44 → 12 जून, 06:15 (क्षय तिथि)
- रविवार, 27 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 27 जून, 00:22 → 28 जून, 01:15
अष्टमी जुलाई 2027
जुलाई 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 11 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 10 जुला, 15:08 → 11 जुला, 14:20
- मंगलवार, 27 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 26 जुला, 12:55 → 27 जुला, 12:43
अष्टमी अगस्त 2027
अगस्त 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 9 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 9 अग, 00:55 → 10 अग, 01:05
- बुधवार, 25 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 24 अग, 22:55 → 25 अग, 21:50
अष्टमी सितंबर 2027
सितंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 8 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 7 सित, 13:58 → 8 सित, 15:15
- गुरुवार, 23 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 23 सित, 07:07 → 24 सित, 05:28 (क्षय तिथि)
अष्टमी अक्तूबर 2027
अक्तूबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 7 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 7 अक्टू, 06:44 → 8 अक्टू, 08:58 (अगले दिन भी मान्य)
- शनिवार, 23 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 22 अक्टू, 14:26 → 23 अक्टू, 12:29
अष्टमी नवंबर 2027
नवंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 6 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 6 नव, 02:40 → 7 नव, 05:21
- रविवार, 21 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 20 नव, 21:47 → 21 नव, 19:50
अष्टमी दिसंबर 2027
दिसंबर 2027 में अष्टमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 6 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 6 दिस, 00:08 → 7 दिस, 02:30
- सोमवार, 20 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 20 दिस, 06:04 → 21 दिस, 04:23
अष्टमी का दिन कैसे तय होता है
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
अन्य शहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
2027 की अन्य तिथियाँ
संबंधित पंचांग पृष्ठ
सामान्य प्रश्न
अष्टमी कब है 2027 में?
2027 में अगली अष्टमी शनिवार, 16 जनवरी 2027 को है। तिथि 15 जन, 16:44 → 16 जन, 16:13 तक चलती है (सिंगापुर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में अष्टमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल अष्टमी और कृष्ण अष्टमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। अष्टमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में अष्टमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या अष्टमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो सिंगापुर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
अष्टमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
अष्टमी तिथि, आठें — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय अष्टमी क्या होती है?
2027 में 2 बार अष्टमी क्षय तिथि है: शुक्रवार, 11 जून 2027; गुरुवार, 23 सितंबर 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।