कृष्ण पक्ष · दशमी तिथि · चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत)
दशा माता व्रत 2027 कब है?
2027 में दशा माता व्रत गुरुवार, 1 अप्रैल को है। इंदौर में दशमी तिथि 31 मार्च, 22:17 से 2 अप्रैल, 00:46 तक रहेगी।
दशा माता व्रत कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह पूर्णिमांत गणना में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। दक्षिण और पश्चिम भारत की अमांत गणना में यही तिथि फाल्गुन कृष्ण दशमी कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय इंदौर के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
इंदौर के लिए गणना
दशा माता व्रत 2027: तारीख और तिथि का समय
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027
- तिथि
- दशमी, कृष्ण पक्ष
- हिंदू मास
- चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत)
- तिथि आरंभ
- 31 मार्च, 22:17
- तिथि समाप्त
- 2 अप्रैल, 00:46
- दिन का निर्णय
- सूर्योदय
- इंदौर में सूर्योदय
- 1 अप्रैल, 06:19
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: दशा माता व्रत का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
मुहूर्त · इंदौर
दशा माता व्रत 2027 शुभ मुहूर्त
दशा माता व्रत का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | इंदौर में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 से 12:55 | शुभ |
| अमृत काल | 00:38 से 02:25 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:46 से 05:32 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | इंदौर में समय |
|---|---|
| राहु काल | 14:03 से 15:36 |
| यमगण्ड काल | 06:19 से 07:52 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 10:26 से 11:16 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 15:23 से 16:13 |
| वर्ज्यम् | 13:54 से 15:41 |
ऊपर का हर समय इंदौर के लिए गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में दशा माता व्रत की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति इंदौर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | शुक्रवार, 13 मार्च 2026 | बीत गई |
| 2027 | गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 | आने वाली |
| 2028 | सोमवार, 20 मार्च 2028 | आने वाली |
पंचांगों में दशा माता व्रत की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग दशा माता व्रत की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: दशा माता व्रत का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- पितृ पक्ष — शनिवार, 26 सितंबर से शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 तक
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
संबंधित पेज
दशा माता व्रत से जुड़े सामान्य प्रश्न
2027 में दशा माता व्रत कब है?
2027 में दशा माता व्रत गुरुवार, 1 अप्रैल को है। इंदौर में दशमी तिथि 31 मार्च, 22:17 से 2 अप्रैल, 00:46 तक रहेगी।
दशा माता व्रत की तिथि क्या है?
चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि। इंदौर में यह तिथि 31 मार्च, 22:17 से 2 अप्रैल, 00:46 तक है, और दशा माता व्रत का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।
दूसरे कैलेंडर में दशा माता व्रत की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल दशा माता व्रत कब है?
2028 में सोमवार, 20 मार्च।