दशमी 2027 में कब है

2027 में दशमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका कुआलालंपुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2027 की सभी दशमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
शनिवार, 2 जनवरी 2027कृष्णपौष1 जन, 15:402 जन, 16:54—
सोमवार, 18 जनवरी 2027शुक्लपौष17 जन, 14:5718 जन, 12:57—
सोमवार, 1 फ़रवरी 2027कृष्णमाघ31 जन, 09:041 फ़र, 11:11—
मंगलवार, 16 फ़रवरी 2027शुक्लमाघ16 फ़र, 01:1516 फ़र, 22:50—
मंगलवार, 2 मार्च 2027कृष्णफाल्गुन2 मार्च, 04:373 मार्च, 07:15—
बुधवार, 17 मार्च 2027शुक्लफाल्गुन17 मार्च, 09:1418 मार्च, 06:52क्षय तिथि
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027कृष्णचैत्र1 अप्रै, 00:472 अप्रै, 03:15—
शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027शुक्लचैत्र15 अप्रै, 15:5116 अप्रै, 13:52—
शनिवार, 1 मई 2027कृष्णवैशाख30 अप्रै, 19:441 मई, 21:24—
शनिवार, 15 मई 2027शुक्लवैशाख14 मई, 22:1015 मई, 20:48—
सोमवार, 31 मई 2027कृष्णज्येष्ठ30 मई, 12:0531 मई, 12:33—
रविवार, 13 जून 2027शुक्लज्येष्ठ13 जून, 05:1514 जून, 04:42—
मंगलवार, 29 जून 2027कृष्णआषाढ़29 जून, 01:2030 जून, 00:34—
मंगलवार, 13 जुलाई 2027शुक्लआषाढ़12 जुला, 14:1113 जुला, 14:39—
गुरुवार, 29 जुलाई 2027कृष्णश्रावण28 जुला, 11:4629 जुला, 10:04—
बुधवार, 11 अगस्त 2027शुक्लश्रावण11 अग, 01:5812 अग, 03:29—
शुक्रवार, 27 अगस्त 2027कृष्णभाद्रपद26 अग, 20:1027 अग, 17:56—
शुक्रवार, 10 सितंबर 2027शुक्लभाद्रपद9 सित, 17:0910 सित, 19:31—
शनिवार, 25 सितंबर 2027कृष्णआश्विन25 सित, 03:2526 सित, 01:01—
रविवार, 10 अक्तूबर 2027शुक्लआश्विन9 अक्टू, 11:3210 अक्टू, 14:11—
सोमवार, 25 अक्तूबर 2027कृष्णकार्तिक24 अक्टू, 10:2325 अक्टू, 08:10—
मंगलवार, 9 नवंबर 2027शुक्लकार्तिक8 नव, 07:549 नव, 10:05—
मंगलवार, 23 नवंबर 2027कृष्णमार्गशीर्ष22 नव, 17:5923 नव, 16:15—
बुधवार, 8 दिसंबर 2027शुक्लमार्गशीर्ष8 दिस, 04:219 दिस, 05:29—
बुधवार, 22 दिसंबर 2027कृष्णपौष22 दिस, 03:0523 दिस, 02:11—

समय कुआलालंपुर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

दशमी जनवरी 2027

जनवरी 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 2 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 1 जन, 15:40 → 2 जन, 16:54
  • सोमवार, 18 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 17 जन, 14:57 → 18 जन, 12:57

दशमी फ़रवरी 2027

फ़रवरी 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 1 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 31 जन, 09:04 → 1 फ़र, 11:11
  • मंगलवार, 16 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 16 फ़र, 01:15 → 16 फ़र, 22:50

दशमी मार्च 2027

मार्च 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 2 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 2 मार्च, 04:37 → 3 मार्च, 07:15
  • बुधवार, 17 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 17 मार्च, 09:14 → 18 मार्च, 06:52 (क्षय तिथि)

दशमी अप्रैल 2027

अप्रैल 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 1 अप्रै, 00:47 → 2 अप्रै, 03:15
  • शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 15 अप्रै, 15:51 → 16 अप्रै, 13:52

दशमी मई 2027

मई 2027 में दशमी 3 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 1 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 30 अप्रै, 19:44 → 1 मई, 21:24
  • शनिवार, 15 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 14 मई, 22:10 → 15 मई, 20:48
  • सोमवार, 31 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 30 मई, 12:05 → 31 मई, 12:33

दशमी जून 2027

जून 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 13 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 13 जून, 05:15 → 14 जून, 04:42
  • मंगलवार, 29 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 29 जून, 01:20 → 30 जून, 00:34

दशमी जुलाई 2027

जुलाई 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 13 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 12 जुला, 14:11 → 13 जुला, 14:39
  • गुरुवार, 29 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 28 जुला, 11:46 → 29 जुला, 10:04

दशमी अगस्त 2027

अगस्त 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 11 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 11 अग, 01:58 → 12 अग, 03:29
  • शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 26 अग, 20:10 → 27 अग, 17:56

दशमी सितंबर 2027

सितंबर 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 10 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 9 सित, 17:09 → 10 सित, 19:31
  • शनिवार, 25 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 25 सित, 03:25 → 26 सित, 01:01

दशमी अक्तूबर 2027

अक्तूबर 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 10 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 9 अक्टू, 11:32 → 10 अक्टू, 14:11
  • सोमवार, 25 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 24 अक्टू, 10:23 → 25 अक्टू, 08:10

दशमी नवंबर 2027

नवंबर 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 9 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 8 नव, 07:54 → 9 नव, 10:05
  • मंगलवार, 23 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 22 नव, 17:59 → 23 नव, 16:15

दशमी दिसंबर 2027

दिसंबर 2027 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 8 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 8 दिस, 04:21 → 9 दिस, 05:29
  • बुधवार, 22 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 22 दिस, 03:05 → 23 दिस, 02:11

दशमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2027 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

दशमी कब है 2027 में?

2027 में अगली दशमी शनिवार, 2 जनवरी 2027 को है। तिथि 1 जन, 15:40 → 2 जन, 16:54 तक चलती है (कुआलालंपुर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2027 में दशमी कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल दशमी और कृष्ण दशमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। दशमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में दशमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या दशमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो कुआलालंपुर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

दशमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

दशमी तिथि, दसमी — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय दशमी क्या होती है?

2027 में 1 बार दशमी क्षय तिथि है: बुधवार, 17 मार्च 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।