धनतेरस 2026 कब है?

2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। उदयपुर में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 18:23 से 20:21 तक (वृषभ काल) है।

धनतेरस कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में यही तिथि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय उदयपुर के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

धनतेरस 2026: तारीख और तिथि का समय

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

तिथि
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
हिंदू मास
कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत)
तिथि आरंभ
6 नवंबर, 10:31
तिथि समाप्त
7 नवंबर, 10:48
दिन का निर्णय
प्रदोष काल
उदयपुर में प्रदोष काल
17:52 से 20:16

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: धनतेरस का निर्णय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके प्रदोष काल पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

धनतेरस 2026 धनतेरस पूजा मुहूर्त

धनतेरस पूजा: 18:23 से 20:21 तक (वृषभ काल)

लक्ष्मी पूजा स्थिर लग्न में की जाती है, ताकि लक्ष्मी घर में स्थिर रहें। प्रदोष काल के भीतर वृषभ लग्न ही वह स्थिर लग्न है जो उदय में रहता है, इसलिए अधिकतर पंचांग प्रदोष, अमावस्या और वृषभ लग्न — तीनों के मेल को लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त बताते हैं। लग्न का समय उदयपुर के लिए ग्रह गणना से निकाला गया है।

पूरा प्रदोष-अमावस्या काल, जिसके भीतर यह मुहूर्त पड़ता है: 17:52 से 20:16। जो लोग लग्न नहीं देखते, वे इस पूरी अवधि में पूजा करते हैं।

यह अवधि प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल प्रदोष काल ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।

प्रदोष काल
17:52 से 20:16
त्रयोदशी तिथि
6 नवंबर, 10:31 से 7 नवंबर, 10:48
वृषभ लग्न (प्रदोष के भीतर)
18:23 से 20:21

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर तीन मुहूर्त — लगभग 2 घंटे 24 मिनट — तक रहता है। जो पर्व प्रदोष में मनाया जाता है, उसकी पूजा इसी अवधि के भीतर होती है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तउदयपुर में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 11:56 से 12:40 शुभ
अमृत काल 22:31 से 00:10 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 05:01 से 05:53 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिउदयपुर में समय
राहु काल 10:55 से 12:18
यमगण्ड काल 15:05 से 16:29
दुर्मुहूर्त (पहला) 08:58 से 09:42
दुर्मुहूर्त (दूसरा) 12:40 से 13:25
वर्ज्यम् 12:36 से 14:15

ऊपर का हर समय उदयपुर के लिए शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में धनतेरस की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति उदयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 आने वाली
2027 बुधवार, 27 अक्तूबर 2027 आने वाली
2028 रविवार, 15 अक्तूबर 2028 आने वाली

पंचांगों में धनतेरस की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग धनतेरस की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: धनतेरस का निर्णय प्रदोष काल से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

धनतेरस से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में धनतेरस कब है?

2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। उदयपुर में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 18:23 से 20:21 तक (वृषभ काल) है।

धनतेरस की तिथि क्या है?

कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि। उदयपुर में यह तिथि 6 नवंबर, 10:31 से 7 नवंबर, 10:48 तक है, और धनतेरस का दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में चल रही तिथि से तय होता है।

उदयपुर में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

18:23 से 20:21 तक, जब वृषभ लग्न उदय में रहता है। यह प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि के मेल के भीतर का वह हिस्सा है जिसमें स्थिर लग्न हो। पूरा प्रदोष-अमावस्या काल 17:52 से 20:16 तक है।

दूसरे कैलेंडर में धनतेरस की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल धनतेरस कब है?

2027 में बुधवार, 27 अक्तूबर; 2028 में रविवार, 15 अक्तूबर।