द्वादशी 2026 में कब है

2026 में द्वादशी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका पुणे के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी द्वादशी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
गुरुवार, 15 जनवरी 2026कृष्णमाघ14 जन, 17:5315 जन, 20:17—
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026शुक्लमाघ29 जन, 13:5530 जन, 11:10—
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन13 फ़र, 14:2614 फ़र, 16:02—
शनिवार, 28 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन27 फ़र, 22:3328 फ़र, 20:43—
सोमवार, 16 मार्च 2026कृष्णचैत्र15 मार्च, 09:1716 मार्च, 09:42—
सोमवार, 30 मार्च 2026शुक्लचैत्र29 मार्च, 07:4730 मार्च, 07:10—
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख14 अप्रै, 01:0915 अप्रै, 00:13—
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख27 अप्रै, 18:1628 अप्रै, 18:52—
गुरुवार, 14 मई 2026कृष्णज्येष्ठ13 मई, 13:3014 मई, 11:21—
गुरुवार, 28 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ27 मई, 06:2228 मई, 07:57—
शुक्रवार, 12 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ11 जून, 22:3712 जून, 19:37—
शुक्रवार, 26 जून 2026शुक्लज्येष्ठ25 जून, 20:1026 जून, 22:23—
शनिवार, 11 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़11 जुला, 05:2312 जुला, 02:04—
रविवार, 26 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़25 जुला, 11:3426 जुला, 13:58—
सोमवार, 10 अगस्त 2026कृष्णश्रावण9 अग, 11:0510 अग, 08:01—
सोमवार, 24 अगस्त 2026शुक्लश्रावण24 अग, 04:1925 अग, 06:22अगले दिन भी मान्य
मंगलवार, 8 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद7 सित, 17:048 सित, 14:43—
बुधवार, 23 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद22 सित, 21:4323 सित, 22:51—
बुधवार, 7 अक्तूबर 2026कृष्णआश्विन7 अक्टू, 00:357 अक्टू, 23:17—
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन22 अक्टू, 14:4823 अक्टू, 14:36—
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026कृष्णकार्तिक5 नव, 10:366 नव, 10:31—
शनिवार, 21 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक21 नव, 06:3222 नव, 04:57—
शनिवार, 5 दिसंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष4 दिस, 23:456 दिस, 00:52—
सोमवार, 21 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष20 दिस, 20:1521 दिस, 17:37—

समय पुणे के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

द्वादशी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 15 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 14 जन, 17:53 → 15 जन, 20:17
  • शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 29 जन, 13:55 → 30 जन, 11:10

द्वादशी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 13 फ़र, 14:26 → 14 फ़र, 16:02
  • शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 27 फ़र, 22:33 → 28 फ़र, 20:43

द्वादशी मार्च 2026

मार्च 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 16 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 15 मार्च, 09:17 → 16 मार्च, 09:42
  • सोमवार, 30 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 29 मार्च, 07:47 → 30 मार्च, 07:10

द्वादशी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 14 अप्रै, 01:09 → 15 अप्रै, 00:13
  • मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 27 अप्रै, 18:16 → 28 अप्रै, 18:52

द्वादशी मई 2026

मई 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 14 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 13 मई, 13:30 → 14 मई, 11:21
  • गुरुवार, 28 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 27 मई, 06:22 → 28 मई, 07:57

द्वादशी जून 2026

जून 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 12 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 11 जून, 22:37 → 12 जून, 19:37
  • शुक्रवार, 26 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 25 जून, 20:10 → 26 जून, 22:23

द्वादशी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 11 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 11 जुला, 05:23 → 12 जुला, 02:04
  • रविवार, 26 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 25 जुला, 11:34 → 26 जुला, 13:58

द्वादशी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 10 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 9 अग, 11:05 → 10 अग, 08:01
  • सोमवार, 24 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 24 अग, 04:19 → 25 अग, 06:22 (अगले दिन भी मान्य)

द्वादशी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 8 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 7 सित, 17:04 → 8 सित, 14:43
  • बुधवार, 23 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 22 सित, 21:43 → 23 सित, 22:51

द्वादशी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 7 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 7 अक्टू, 00:35 → 7 अक्टू, 23:17
  • शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 22 अक्टू, 14:48 → 23 अक्टू, 14:36

द्वादशी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 5 नव, 10:36 → 6 नव, 10:31
  • शनिवार, 21 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 21 नव, 06:32 → 22 नव, 04:57

द्वादशी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में द्वादशी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 5 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 4 दिस, 23:45 → 6 दिस, 00:52
  • सोमवार, 21 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 20 दिस, 20:15 → 21 दिस, 17:37

द्वादशी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

द्वादशी कब है 2026 में?

2026 में अगली द्वादशी शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 22 अक्टू, 14:48 → 23 अक्टू, 14:36 तक चलती है (पुणे के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में द्वादशी कितनी बार आती है?

24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल द्वादशी और कृष्ण द्वादशी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। द्वादशी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में द्वादशी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या द्वादशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो पुणे में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

द्वादशी को और किन नामों से खोजा जाता है?

द्वादशी तिथि, बारस — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।