व्रत कैलेंडर · कुआलालंपुर
एकादशी 2027: सभी 25 तिथियाँ, नाम और पारण
2027 में कुआलालंपुर के लिए कुल 25 एकादशी हैं। पहली एकादशी — सफला एकादशी — रविवार, 3 जनवरी 2027 को है; पारण 4 जन, 07:19 से 09:42 तक।
- यह तालिका कुआलालंपुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
एकादशी 2027 की पूरी सूची
| तारीख | नाम | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | पारण समय | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रविवार, 3 जनवरी 2027 | सफला एकादशी | कृष्ण | पौष · अमांत मार्गशीर्ष | 2 जन, 16:55 | 3 जन, 18:39 | 4 जन, 07:19 → 09:42 | — |
| मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | पौष पुत्रदा एकादशी | शुक्ल | पौष | 18 जन, 12:57 | 19 जन, 10:20 | यहाँ द्वादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती, इसलिए सुबह का सामान्य पारण समय लागू नहीं होता — एकादशी समाप्त होने के बाद अपनी परंपरा के अनुसार पारण करें। | — |
| मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 | षटतिला एकादशी | कृष्ण | माघ · अमांत पौष | 1 फ़र, 11:11 | 2 फ़र, 13:41 | 3 फ़र, 07:27 → 09:51 | — |
| बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 | जया एकादशी | शुक्ल | माघ | 16 फ़र, 22:50 | 17 फ़र, 20:02 | 18 फ़र, 07:26 → 09:50 | — |
| गुरुवार, 4 मार्च 2027 | विजया एकादशी | कृष्ण | फाल्गुन · अमांत माघ | 3 मार्च, 07:14 | 4 मार्च, 09:54 | 5 मार्च, 07:22 → 09:47 | एकादशी बुधवार, 3 मार्च 2027 के सूर्योदय पर भी है; व्रत दूसरे दिन दिया गया है, कुछ स्मार्त गृहस्थ पहले दिन रखते हैं |
| गुरुवार, 18 मार्च 2027 | आमलकी एकादशी | शुक्ल | फाल्गुन | 18 मार्च, 06:52 | 19 मार्च, 04:21 | 19 मार्च, 14:33 → 16:59 | — |
| शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 | पापमोचनी एकादशी | कृष्ण | चैत्र · अमांत फाल्गुन | 2 अप्रै, 03:16 | 3 अप्रै, 05:22 | 3 अप्रै, 14:29 → 16:55 | — |
| शनिवार, 17 अप्रैल 2027 | कामदा एकादशी | शुक्ल | चैत्र | 16 अप्रै, 13:52 | 17 अप्रै, 11:58 | 18 अप्रै, 07:06 → 09:33 | — |
| रविवार, 2 मई 2027 | वरूथिनी एकादशी | कृष्ण | वैशाख · अमांत चैत्र | 1 मई, 21:24 | 2 मई, 22:22 | 3 मई, 07:03 → 09:29 | — |
| रविवार, 16 मई 2027 | मोहिनी एकादशी | शुक्ल | वैशाख | 15 मई, 20:48 | 16 मई, 19:44 | 17 मई, 07:01 → 09:28 | — |
| मंगलवार, 1 जून 2027 | अपरा एकादशी | कृष्ण | ज्येष्ठ · अमांत वैशाख | 31 मई, 12:33 | 1 जून, 12:10 | 2 जून, 07:02 → 09:29 | — |
| सोमवार, 14 जून 2027 | निर्जला एकादशी | शुक्ल | ज्येष्ठ | 14 जून, 04:42 | 15 जून, 04:38 | 15 जून, 14:27 → 16:55 | — |
| बुधवार, 30 जून 2027 | योगिनी एकादशी | कृष्ण | आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ | 30 जून, 00:35 | 30 जून, 23:01 | 1 जुला, 07:07 → 09:35 | — |
| बुधवार, 14 जुलाई 2027 | देवशयनी एकादशी | शुक्ल | आषाढ़ | 13 जुला, 14:39 | 14 जुला, 15:40 | 15 जुला, 07:10 → 09:37 | — |
| शुक्रवार, 30 जुलाई 2027 | कामिका एकादशी | कृष्ण | श्रावण · अमांत आषाढ़ | 29 जुला, 10:04 | 30 जुला, 07:44 | यहाँ द्वादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती, इसलिए सुबह का सामान्य पारण समय लागू नहीं होता — एकादशी समाप्त होने के बाद अपनी परंपरा के अनुसार पारण करें। | — |
| गुरुवार, 12 अगस्त 2027 | श्रावण पुत्रदा एकादशी | शुक्ल | श्रावण | 12 अग, 03:29 | 13 अग, 05:30 | 13 अग, 14:31 → 16:58 | — |
| शनिवार, 28 अगस्त 2027 | अजा एकादशी | कृष्ण | भाद्रपद · अमांत श्रावण | 27 अग, 17:56 | 28 अग, 15:12 | 29 अग, 07:08 → 09:34 | — |
| शनिवार, 11 सितंबर 2027 | परिवर्तिनी एकादशी | शुक्ल | भाद्रपद | 10 सित, 19:31 | 11 सित, 22:06 | 12 सित, 07:05 → 09:31 | — |
| रविवार, 26 सितंबर 2027 | इंदिरा एकादशी | कृष्ण | आश्विन · अमांत भाद्रपद | 26 सित, 01:01 | 26 सित, 22:20 | 27 सित, 07:01 → 09:26 | — |
| सोमवार, 11 अक्तूबर 2027 | पापांकुशा एकादशी | शुक्ल | आश्विन | 10 अक्टू, 14:11 | 11 अक्टू, 16:39 | 12 अक्टू, 06:57 → 09:22 | — |
| सोमवार, 25 अक्तूबर 2027 | रमा एकादशी | कृष्ण | कार्तिक · अमांत आश्विन | 25 अक्टू, 08:10 | 26 अक्टू, 05:52 | 26 अक्टू, 14:09 → 16:33 | क्षय — किसी सूर्योदय को नहीं छूती; जिस दिन चलती है उसी दिन |
| बुधवार, 10 नवंबर 2027 | देवउठनी एकादशी | शुक्ल | कार्तिक | 9 नव, 10:05 | 10 नव, 11:42 | 11 नव, 06:57 → 09:21 | — |
| बुधवार, 24 नवंबर 2027 | उत्पन्ना एकादशी | कृष्ण | मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक | 23 नव, 16:15 | 24 नव, 14:41 | 25 नव, 07:00 → 09:24 | — |
| गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 | मोक्षदा एकादशी | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 9 दिस, 05:29 | 10 दिस, 05:50 | 10 दिस, 14:17 → 16:40 | — |
| गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 | सफला एकादशी | कृष्ण | पौष · अमांत मार्गशीर्ष | 23 दिस, 02:11 | 24 दिस, 01:42 | 24 दिस, 07:41 → 09:37 | — |
समय कुआलालंपुर के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।
2027 में देवशयनी, देवउठनी, निर्जला और अन्य प्रमुख एकादशी
- देवशयनी एकादशी — बुधवार, 14 जुलाई 2027
- देवउठनी एकादशी — बुधवार, 10 नवंबर 2027
- निर्जला एकादशी — सोमवार, 14 जून 2027
- मोक्षदा एकादशी — गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
एकादशी जनवरी 2027
- रविवार, 3 जनवरी 2027 — सफला एकादशी, कृष्ण पक्ष, पौष · अमांत मार्गशीर्ष; पारण 4 जन, 07:19 से 09:42 तक
- मंगलवार, 19 जनवरी 2027 — पौष पुत्रदा एकादशी, शुक्ल पक्ष, पौष; तिथि 18 जन, 12:57 से 19 जन, 10:20 तक
एकादशी फ़रवरी 2027
- मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 — षटतिला एकादशी, कृष्ण पक्ष, माघ · अमांत पौष; पारण 3 फ़र, 07:27 से 09:51 तक
- बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 — जया एकादशी, शुक्ल पक्ष, माघ; पारण 18 फ़र, 07:26 से 09:50 तक
एकादशी मार्च 2027
- गुरुवार, 4 मार्च 2027 — विजया एकादशी, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन · अमांत माघ; पारण 5 मार्च, 07:22 से 09:47 तक — एकादशी बुधवार, 3 मार्च 2027 के सूर्योदय पर भी है; व्रत दूसरे दिन दिया गया है, कुछ स्मार्त गृहस्थ पहले दिन रखते हैं
- गुरुवार, 18 मार्च 2027 — आमलकी एकादशी, शुक्ल पक्ष, फाल्गुन; पारण 19 मार्च, 14:33 से 16:59 तक
एकादशी अप्रैल 2027
- शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 — पापमोचनी एकादशी, कृष्ण पक्ष, चैत्र · अमांत फाल्गुन; पारण 3 अप्रै, 14:29 से 16:55 तक
- शनिवार, 17 अप्रैल 2027 — कामदा एकादशी, शुक्ल पक्ष, चैत्र; पारण 18 अप्रै, 07:06 से 09:33 तक
एकादशी मई 2027
- रविवार, 2 मई 2027 — वरूथिनी एकादशी, कृष्ण पक्ष, वैशाख · अमांत चैत्र; पारण 3 मई, 07:03 से 09:29 तक
- रविवार, 16 मई 2027 — मोहिनी एकादशी, शुक्ल पक्ष, वैशाख; पारण 17 मई, 07:01 से 09:28 तक
एकादशी जून 2027
- मंगलवार, 1 जून 2027 — अपरा एकादशी, कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ · अमांत वैशाख; पारण 2 जून, 07:02 से 09:29 तक
- सोमवार, 14 जून 2027 — निर्जला एकादशी, शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ; पारण 15 जून, 14:27 से 16:55 तक
- बुधवार, 30 जून 2027 — योगिनी एकादशी, कृष्ण पक्ष, आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ; पारण 1 जुला, 07:07 से 09:35 तक
एकादशी जुलाई 2027
- बुधवार, 14 जुलाई 2027 — देवशयनी एकादशी, शुक्ल पक्ष, आषाढ़; पारण 15 जुला, 07:10 से 09:37 तक
- शुक्रवार, 30 जुलाई 2027 — कामिका एकादशी, कृष्ण पक्ष, श्रावण · अमांत आषाढ़; तिथि 29 जुला, 10:04 से 30 जुला, 07:44 तक
एकादशी अगस्त 2027
- गुरुवार, 12 अगस्त 2027 — श्रावण पुत्रदा एकादशी, शुक्ल पक्ष, श्रावण; पारण 13 अग, 14:31 से 16:58 तक
- शनिवार, 28 अगस्त 2027 — अजा एकादशी, कृष्ण पक्ष, भाद्रपद · अमांत श्रावण; पारण 29 अग, 07:08 से 09:34 तक
एकादशी सितंबर 2027
- शनिवार, 11 सितंबर 2027 — परिवर्तिनी एकादशी, शुक्ल पक्ष, भाद्रपद; पारण 12 सित, 07:05 से 09:31 तक
- रविवार, 26 सितंबर 2027 — इंदिरा एकादशी, कृष्ण पक्ष, आश्विन · अमांत भाद्रपद; पारण 27 सित, 07:01 से 09:26 तक
एकादशी अक्तूबर 2027
- सोमवार, 11 अक्तूबर 2027 — पापांकुशा एकादशी, शुक्ल पक्ष, आश्विन; पारण 12 अक्टू, 06:57 से 09:22 तक
- सोमवार, 25 अक्तूबर 2027 — रमा एकादशी, कृष्ण पक्ष, कार्तिक · अमांत आश्विन; पारण 26 अक्टू, 14:09 से 16:33 तक — क्षय — किसी सूर्योदय को नहीं छूती; जिस दिन चलती है उसी दिन
एकादशी नवंबर 2027
- बुधवार, 10 नवंबर 2027 — देवउठनी एकादशी, शुक्ल पक्ष, कार्तिक; पारण 11 नव, 06:57 से 09:21 तक
- बुधवार, 24 नवंबर 2027 — उत्पन्ना एकादशी, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक; पारण 25 नव, 07:00 से 09:24 तक
एकादशी दिसंबर 2027
- गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 — मोक्षदा एकादशी, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष; पारण 10 दिस, 14:17 से 16:40 तक
- गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 — सफला एकादशी, कृष्ण पक्ष, पौष · अमांत मार्गशीर्ष; पारण 24 दिस, 07:41 से 09:37 तक
एकादशी की तिथि कैसे तय होती है
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, और उसका दिन सूर्योदय से तय होता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का माना जाता है। दो स्थितियों में नियम बताना ज़रूरी है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सा माना। जब एकादशी लगातार दो सूर्योदयों पर हो, तो व्रत दूसरे दिन दिया गया है — वह दिन जिसके बाद द्वादशी आती है; प्रकाशित एकादशी सूचियाँ यही दिन देती हैं और वैष्णव नियम भी यही कहता है। कुछ स्मार्त गृहस्थ पहले दिन व्रत रखते हैं, और वह दिन भी पंक्ति में लिखा है। जब एकादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय तिथि), तो व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चलती है। हर एकादशी का नाम उसके चंद्रमास और पक्ष से आता है — निर्जला ज्येष्ठ शुक्ल की है, देवशयनी आषाढ़ शुक्ल की — और अधिक मास की अपनी अलग जोड़ी होती है, पद्मिनी और परमा। पारण द्वादशी की सुबह होता है: दिया गया समय दिन के पहले पाँचवें भाग (प्रातःकाल) का है, और द्वादशी उससे पहले समाप्त हो जाए तो पारण वहीं तक है।
दूसरे शहरों में एकादशी 2027
दिन तय करने वाला समय — सूर्योदय, शाम का प्रदोष या चंद्रोदय — भारत में एक घंटे से भी अधिक बदलता है, इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
एकादशी 2027: सामान्य प्रश्न
2027 में एकादशी कब है?
2027 में कुआलालंपुर के लिए 25 तिथियाँ हैं — पूरी सूची ऊपर तालिका में है। अगली: रविवार, 3 जनवरी 2027 — सफला एकादशी; पारण 4 जन, 07:19 से 09:42 तक।
2027 में कितनी एकादशी हैं?
25 — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है, क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे हैं और अधिक मास का वर्ष दो और जोड़ देता है।
चातुर्मास 2027 कब से कब तक है?
देवशयनी एकादशी (बुधवार, 14 जुलाई 2027) से देवउठनी एकादशी (बुधवार, 10 नवंबर 2027) तक। इन चार महीनों में भगवान विष्णु का शयन माना जाता है, और विवाह जैसे मांगलिक कार्य प्रायः देवउठनी के बाद ही होते हैं।
निर्जला एकादशी 2027 कब है?
सोमवार, 14 जून 2027। यह ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी है, जिसका व्रत बिना जल के रखा जाता है।
पारण कब करें?
द्वादशी की सुबह, एकादशी के बाद वाली तिथि में। तालिका में हर एकादशी के सामने प्रातःकाल (दिन का पहला पाँचवाँ भाग) का समय है, और द्वादशी पहले समाप्त हो तो पारण वहीं तक है। पंचांगों में यह समय थोड़ा अलग हो सकता है; यहाँ नियम बताया गया है।
कुछ पंचांगों में एकादशी एक दिन पहले क्यों दी है?
क्योंकि इन तारीखों पर एकादशी दो सूर्योदयों पर है: बुधवार, 3 मार्च 2027 और गुरुवार, 4 मार्च 2027। यह पृष्ठ दूसरा दिन देता है, जिसके बाद द्वादशी आती है; कुछ स्मार्त गृहस्थ पहला दिन रखते हैं। दोनों दिन तालिका में लिखे हैं।
क्या एकादशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए कुआलालंपुर और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।