शुक्ल पक्ष · चतुर्थी तिथि · भाद्रपद
गणेश चतुर्थी 2027 कब है?
2027 में गणेश चतुर्थी शुक्रवार, 3 सितंबर को है। जोधपुर में चतुर्थी तिथि 3 सितंबर, 14:19 से 4 सितंबर, 12:26 तक रहेगी।
गणेश चतुर्थी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय जोधपुर के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
जोधपुर के लिए गणना
गणेश चतुर्थी 2027: तारीख और तिथि का समय
शुक्रवार, 3 सितंबर 2027
- तिथि
- चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
- हिंदू मास
- भाद्रपद
- तिथि आरंभ
- 3 सितंबर, 14:19
- तिथि समाप्त
- 4 सितंबर, 12:26
- दिन का निर्णय
- मध्याह्न
- जोधपुर में मध्याह्न
- 11:21 से 13:52
इस बार तिथि क्षय है। चतुर्थी तिथि एक निर्णायक क्षण के बाद शुरू होकर अगले से पहले ख़त्म हो जाती है, यानी किसी को नहीं छूती, और सामान्य नियम दिन नहीं चुन पाता। पर्व रद्द नहीं होता: वह उस दिन मनाया जाता है जिस दिन यह तिथि चलती है, जो ऊपर की तारीख है। यह बताना ज़रूरी है — सिर्फ़ तारीख छापने का मतलब होता कि वह नियम लागू हुआ जो इस साल लागू नहीं हुआ।
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: गणेश चतुर्थी का निर्णय दिन के मध्य भाग में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके मध्याह्न पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
मुहूर्त · जोधपुर
गणेश चतुर्थी 2027 शुभ मुहूर्त
इस बार जोधपुर के लिए कोई अलग मुहूर्त नहीं दिया गया।
चतुर्थी तिथि इस दिन के मध्याह्न से मेल ही नहीं खाती, इसलिए दोनों का साझा समय ख़ाली है। किसी एक हिस्से को अकेले छापने का मतलब होता ऐसा पूजा समय जिसमें तिथि चल ही नहीं रही — जो कोई समय न देने से बुरा है। दिन के शुभ समय नीचे दिए हैं।
- मध्याह्न
- 11:21 से 13:52
- चतुर्थी तिथि
- 3 सितंबर, 14:19 से 4 सितंबर, 12:26
मध्याह्न दिन के उजाले का बीच वाला पाँचवाँ भाग है। यह घड़ी के 12 बजे के बराबर नहीं होता — दोनों में आधे घंटे तक का अंतर रहता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | जोधपुर में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:11 से 13:02 | शुभ |
| अमृत काल | 10:19 से 11:48 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:47 से 05:32 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | जोधपुर में समय |
|---|---|
| राहु काल | 11:02 से 12:37 |
| यमगण्ड काल | 15:46 से 17:21 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 08:49 से 09:40 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 13:02 से 13:52 |
| वर्ज्यम् | 23:32 से 01:04 |
ऊपर का हर समय जोधपुर के लिए शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में गणेश चतुर्थी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जोधपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | सोमवार, 14 सितंबर 2026 | बीत गई |
| 2027 | शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 | आने वाली |
| 2028 | बुधवार, 23 अगस्त 2028 | आने वाली |
पंचांगों में गणेश चतुर्थी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग गणेश चतुर्थी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: गणेश चतुर्थी का निर्णय मध्याह्न से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- पितृ पक्ष — शनिवार, 26 सितंबर से शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 तक
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
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गणेश चतुर्थी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2027 में गणेश चतुर्थी कब है?
2027 में गणेश चतुर्थी शुक्रवार, 3 सितंबर को है। जोधपुर में चतुर्थी तिथि 3 सितंबर, 14:19 से 4 सितंबर, 12:26 तक रहेगी।
गणेश चतुर्थी की तिथि क्या है?
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि। जोधपुर में यह तिथि 3 सितंबर, 14:19 से 4 सितंबर, 12:26 तक है, और गणेश चतुर्थी का दिन दिन के मध्य भाग में चल रही तिथि से तय होता है।
इस बार तिथि को क्षय क्यों बताया गया है?
चतुर्थी तिथि इस बार एक निर्णायक क्षण के बाद शुरू होकर अगले से पहले ख़त्म हो जाती है, यानी किसी को नहीं छूती — यह क्षय तिथि है। पर्व रद्द नहीं होता: वह उसी दिन मनाया जाता है जिस दिन तिथि चलती है, जो ऊपर दी गई तारीख है।
जोधपुर में गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त क्या है?
इस बार जोधपुर के लिए कोई अलग मुहूर्त नहीं दिया गया। चतुर्थी तिथि इस दिन के मध्याह्न से मेल ही नहीं खाती, इसलिए दोनों का साझा समय ख़ाली है। दिन के शुभ समय ऊपर तालिका में दिए हैं।
दूसरे कैलेंडर में गणेश चतुर्थी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल गणेश चतुर्थी कब है?
2028 में बुधवार, 23 अगस्त।