जनवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त

जनवरी 2026 में कोई गृह प्रवेश मुहूर्त नहीं है। शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।

  • गोवा के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, वार और मास दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित मास का आरंभ और अंत भी।

जनवरी 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीखें और समय

शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026शुक्र3.9° (सीमा 10°)14:33 – 01:46 (24 जनवरी)
शनिवार, 24 जनवरी 2026शुक्र4.2° (सीमा 10°)00:40 – 07:04 (25 जनवरी)
बुधवार, 28 जनवरी 2026शुक्र5.1° (सीमा 10°)09:27 – 07:04 (29 जनवरी)
गुरुवार, 29 जनवरी 2026शुक्र5.3° (सीमा 10°)07:04 – 13:55

जनवरी 2026 में वर्जित अवधि

  • शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है
  • पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है

गृह प्रवेश मुहूर्त के नियम

  • मास: वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ और फाल्गुन — अमावस्या से अमावस्या तक गिने (अमांत)। चैत्र, आषाढ़ से आश्विन तक के चार मास और पौष वर्जित हैं, और कोई भी अधिक मास भी।
  • वार: रविवार और मंगलवार कभी नहीं (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)।
  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती — स्थिर और मृदु नक्षत्र।
  • तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी या त्रयोदशी, या कृष्ण प्रतिपदा। द्वादशी, रिक्ता तिथियाँ, षष्ठी, अष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या नहीं — प्रकाशित सूचियाँ द्वादशी पर भी गृह प्रवेश नहीं देतीं।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और गृह प्रवेश नहीं।
  • खरमास: प्रकाशित गृह प्रवेश सूचियाँ इसे नियम नहीं मानतीं, इसलिए यहाँ भी नहीं; पर खरमास (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027) में पड़ने वाली तिथियाँ चिह्नित हैं, क्योंकि कई परिवार इसके बीतने तक रुकते हैं।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, गोवा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि छूती है, वह पूरा छोड़ दिया जाता है।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: प्रवेश का लग्न (स्थिर लग्न उत्तम माना जाता है) और गृहस्वामी की अपनी कुंडली। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार गृह प्रवेश मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या जनवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त है?

नहीं। शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।

जनवरी 2026 के बाद अगला गृह प्रवेश मुहूर्त कब है?

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 को।

कुछ पंचांग जनवरी 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?

23, 24, 28 और 29 जनवरी बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।