मुहूर्त कैलेंडर · भोपाल
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ तारीखें और समय
2026 में गृह प्रवेश के 37 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 14 अभी बाकी हैं — अगला बुधवार, 11 नवंबर 2026 को 06:31 – 11:38 है।
- भोपाल के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, वार और मास दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित मास का आरंभ और अंत भी।
2026 में महीनेवार गृह प्रवेश मुहूर्त
| महीना | संख्या | तारीखें | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 0 | — | शुक्र अस्त · पौष मास |
| फ़रवरी | 5 | 19, 20, 21, 25, 26 | अस्त के कारण 4 दिन छोड़े गए |
| मार्च | 6 | 4, 5, 6, 9, 13, 14 | |
| अप्रैल | 1 | 20 | |
| मई | 4 | 4, 8, 13, 14 | |
| जून | 3 | 24, 26, 27 | |
| जुलाई | 4 | 1, 2, 6, 11 | |
| अगस्त | 0 | — | आषाढ़ मास · गुरु अस्त · श्रावण मास |
| सितंबर | 0 | — | श्रावण मास · भाद्रपद मास |
| अक्तूबर | 0 | — | भाद्रपद मास · आश्विन मास · शुक्र अस्त |
| नवंबर | 6 | 11, 14, 20, 21, 25, 26 | |
| दिसंबर | 8 | 2, 3, 4, 11, 12, 18, 19, 30 |
जनवरी 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
फ़रवरी 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 | 20:52 – 06:49 (20 फ़रवरी) | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल तृतीया | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास |
| शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026 | 06:49 – 14:38 | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल तृतीया | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, फाल्गुन मास |
| शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 | 13:01 – 19:07 | रेवती | शुक्ल पंचमी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, फाल्गुन मास |
| बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 | 02:41 – 06:44 (26 फ़रवरी) | मृगशिरा | शुक्ल दशमी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, फाल्गुन मास |
| गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 | 06:44 – 12:11 | मृगशिरा | शुक्ल दशमी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास |
मार्च 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 4 मार्च 2026 | 07:39 – 06:38 (5 मार्च) | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, फाल्गुन मास |
| गुरुवार, 5 मार्च 2026 | 06:38 – 08:17 | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण द्वितीया | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास |
| शुक्रवार, 6 मार्च 2026 | 09:30 – 17:53 | चित्रा | कृष्ण तृतीया | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, फाल्गुन मास |
| सोमवार, 9 मार्च 2026 | 23:27 – 06:34 (10 मार्च) | अनुराधा | कृष्ण सप्तमी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, सोमवार, फाल्गुन मास |
| शुक्रवार, 13 मार्च 2026 | 03:03 – 06:30 (14 मार्च) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण दशमी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, फाल्गुन मास |
| शनिवार, 14 मार्च 2026 | 06:30 – 04:49 (15 मार्च) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी | फाल्गुन | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, फाल्गुन मास खरमास में — कई परिवार इसके बीतने की प्रतीक्षा करते हैं |
अप्रैल 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| सोमवार, 20 अप्रैल 2026 | 05:55 – 07:28 04:15 – 05:54 (21 अप्रैल) | रोहिणी, मृगशिरा | शुक्ल तृतीया → शुक्ल पंचमी | वैशाख | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, सोमवार, वैशाख मास |
मई 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| सोमवार, 4 मई 2026 | 05:45 – 09:58 | अनुराधा | कृष्ण तृतीया | वैशाख | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, सोमवार, वैशाख मास |
| शुक्रवार, 8 मई 2026 | 12:22 – 21:20 | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण सप्तमी | वैशाख | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, वैशाख मास |
| बुधवार, 13 मई 2026 | 05:39 – 13:30 | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण एकादशी | वैशाख | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, वैशाख मास |
| गुरुवार, 14 मई 2026 | 11:21 – 22:34 | रेवती | कृष्ण त्रयोदशी | वैशाख | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, वैशाख मास |
जून 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 24 जून 2026 | 05:35 – 13:59 | चित्रा | शुक्ल दशमी | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, ज्येष्ठ मास |
| शुक्रवार, 26 जून 2026 | 22:22 – 05:36 (27 जून) | अनुराधा | शुक्ल त्रयोदशी | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, ज्येष्ठ मास |
| शनिवार, 27 जून 2026 | 05:36 – 22:11 | अनुराधा | शुक्ल त्रयोदशी | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, ज्येष्ठ मास |
जुलाई 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 1 जुलाई 2026 | 06:51 – 05:37 (2 जुलाई) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, ज्येष्ठ मास |
| गुरुवार, 2 जुलाई 2026 | 05:37 – 09:27 | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण द्वितीया | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, ज्येष्ठ मास |
| सोमवार, 6 जुलाई 2026 | 16:07 – 05:39 (7 जुलाई) | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण सप्तमी | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, सोमवार, ज्येष्ठ मास |
| शनिवार, 11 जुलाई 2026 | 02:04 – 05:41 (12 जुलाई) | रोहिणी | कृष्ण त्रयोदशी | ज्येष्ठ | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, ज्येष्ठ मास |
अगस्त 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
आषाढ़ मास (14 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और श्रावण मास (12 अगस्त 2026 से 11 सितंबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
सितंबर 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
श्रावण मास (12 अगस्त 2026 से 11 सितंबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है और भाद्रपद मास (11 सितंबर 2026 से 10 अक्तूबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है।
अक्तूबर 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
भाद्रपद मास (11 सितंबर 2026 से 10 अक्तूबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, आश्विन मास (10 अक्तूबर 2026 से 9 नवंबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है।
नवंबर 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 11 नवंबर 2026 | 06:31 – 11:38 | अनुराधा | शुक्ल द्वितीया | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, कार्तिक मास |
| शनिवार, 14 नवंबर 2026 | 20:24 – 23:24 | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल पंचमी | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, कार्तिक मास |
| शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 | 06:56 – 06:32 (21 नवंबर) | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी (क्षय) | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, कार्तिक मास |
| शनिवार, 21 नवंबर 2026 | 04:57 – 05:55 (22 नवंबर) | रेवती | शुक्ल त्रयोदशी | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, कार्तिक मास |
| बुधवार, 25 नवंबर 2026 | 06:40 – 06:41 (26 नवंबर) | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीया | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, कार्तिक मास |
| गुरुवार, 26 नवंबर 2026 | 06:41 – 17:47 | मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, कार्तिक मास |
दिसंबर 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | हिंदू मास (अमांत) | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 2 दिसंबर 2026 | 22:52 – 06:45 (3 दिसंबर) | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, कार्तिक मास |
| गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 | 06:45 – 09:23 | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, कार्तिक मास |
| शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 | 10:23 – 23:45 | चित्रा | कृष्ण एकादशी | कार्तिक | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, कार्तिक मास |
| शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 | 03:04 – 06:51 (12 दिसंबर) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | मार्गशीर्ष | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, मार्गशीर्ष मास |
| शनिवार, 12 दिसंबर 2026 | 06:51 – 14:06 | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | मार्गशीर्ष | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, मार्गशीर्ष मास |
| शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026 | 23:14 – 06:55 (19 दिसंबर) | रेवती | शुक्ल दशमी | मार्गशीर्ष | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, मार्गशीर्ष मास खरमास में — कई परिवार इसके बीतने की प्रतीक्षा करते हैं |
| शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | 06:55 – 15:58 | रेवती | शुक्ल दशमी | मार्गशीर्ष | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, मार्गशीर्ष मास खरमास में — कई परिवार इसके बीतने की प्रतीक्षा करते हैं |
| बुधवार, 30 दिसंबर 2026 | 07:00 – 12:36 | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण सप्तमी | मार्गशीर्ष | स्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, मार्गशीर्ष मास खरमास में — कई परिवार इसके बीतने की प्रतीक्षा करते हैं |
2026 में वर्जित मास और अस्त
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 26 नवंबर 2025, 11:51 | 17 फ़रवरी 2026, 15:08 |
| पौष — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 20 दिसंबर 2025, 07:13 | 19 जनवरी 2026, 01:21 |
| चैत्र — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 19 मार्च 2026, 06:53 | 17 अप्रैल 2026, 17:21 |
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 17 मई 2026, 01:31 | 15 जून 2026, 08:24 |
| आषाढ़ — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 14 जुलाई 2026, 15:13 | 12 अगस्त 2026, 23:06 |
| गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु | 14 जुलाई 2026, 18:04 | 13 अगस्त 2026, 15:53 |
| श्रावण — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 12 अगस्त 2026, 23:06 | 11 सितंबर 2026, 08:57 |
| भाद्रपद — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 11 सितंबर 2026, 08:57 | 10 अक्तूबर 2026, 21:20 |
| आश्विन — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 10 अक्तूबर 2026, 21:20 | 9 नवंबर 2026, 12:32 |
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 19 अक्तूबर 2026, 08:15 | 29 अक्तूबर 2026, 09:40 |
| पौष — गृह प्रवेश के लिए वर्जित मास | 8 जनवरी 2027, 01:54 | 6 फ़रवरी 2027, 21:26 |
गृह प्रवेश मुहूर्त के नियम
- मास: वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ और फाल्गुन — अमावस्या से अमावस्या तक गिने (अमांत)। चैत्र, आषाढ़ से आश्विन तक के चार मास और पौष वर्जित हैं, और कोई भी अधिक मास भी।
- वार: रविवार और मंगलवार कभी नहीं (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)।
- नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती — स्थिर और मृदु नक्षत्र।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी या त्रयोदशी, या कृष्ण प्रतिपदा। द्वादशी, रिक्ता तिथियाँ, षष्ठी, अष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या नहीं — प्रकाशित सूचियाँ द्वादशी पर भी गृह प्रवेश नहीं देतीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और गृह प्रवेश नहीं।
- खरमास: प्रकाशित गृह प्रवेश सूचियाँ इसे नियम नहीं मानतीं, इसलिए यहाँ भी नहीं; पर खरमास (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027) में पड़ने वाली तिथियाँ चिह्नित हैं, क्योंकि कई परिवार इसके बीतने तक रुकते हैं।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, भोपाल के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि छूती है, वह पूरा छोड़ दिया जाता है।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: प्रवेश का लग्न (स्थिर लग्न उत्तम माना जाता है) और गृहस्वामी की अपनी कुंडली। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 | शुक्र | 3.9° (सीमा 10°) | 14:33 – 01:46 (24 जनवरी) |
| शनिवार, 24 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.2° (सीमा 10°) | 00:40 – 07:02 (25 जनवरी) |
| बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.1° (सीमा 10°) | 09:27 – 07:01 (29 जनवरी) |
| गुरुवार, 29 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.3° (सीमा 10°) | 07:01 – 13:55 |
| बुधवार, 4 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 6.8° (सीमा 10°) | 22:12 – 00:10 (5 फ़रवरी) |
| शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 7.3° (सीमा 10°) | 00:24 – 01:19 (7 फ़रवरी) |
| बुधवार, 11 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 8.5° (सीमा 10°) | 09:59 – 10:53 |
| शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 9.2° (सीमा 10°) | 18:16 – 06:52 (15 फ़रवरी) |
दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं
- अस्त अंश से या दृष्टि से। यह पेज गुरु या शुक्र को तब अस्त मानता है जब वे अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में हों। कुछ पंचांग अस्त तब मानते हैं जब ग्रह सचमुच सूर्य की चमक में दिखना बंद हो जाए, जो छोटी अवधि होती है — इसलिए वे ऊपर की ‘अस्त के कारण छोड़े गए दिन’ तालिका के 8 दिनों में से कुछ को भी सूची में रखते हैं।
- अतिरिक्त दोष और लग्न। कुछ पंचांग हर दिन को और दोषों पर भी जाँचते हैं, जिससे कुछ तिथियाँ और घट जाती हैं। इस सूची को पंचांग-शुद्धि की शुरुआत मानें और अंतिम मुहूर्त पंडित से तय कराएँ।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
संबंधित मुहूर्त और पंचांग पेज
सामान्य प्रश्न
2026 में गृह प्रवेश के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
37। महीनेवार: फ़रवरी 5, मार्च 6, अप्रैल 1, मई 4, जून 3, जुलाई 4, नवंबर 6, दिसंबर 8। जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में कोई नहीं।
2026 का अगला गृह प्रवेश मुहूर्त कब है?
बुधवार, 11 नवंबर 2026 को 06:31 – 11:38, अनुराधा नक्षत्र में (भोपाल के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में गृह प्रवेश मुहूर्त नहीं है?
जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर — शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, पौष मास (20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, आषाढ़ मास (14 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है, श्रावण मास (12 अगस्त 2026 से 11 सितंबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, भाद्रपद मास (11 सितंबर 2026 से 10 अक्तूबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है, आश्विन मास (10 अक्तूबर 2026 से 9 नवंबर 2026) गृह प्रवेश के लिए वर्जित है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है।
2026 में खरमास कब है?
खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक है।
2026 में चातुर्मास कब से कब तक है?
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है — देवशयनी एकादशी के आरंभ से देवउठनी एकादशी के आरंभ तक। गृह प्रवेश के लिए यहाँ मास का नियम लागू है: आषाढ़ से आश्विन तक के मास वर्जित हैं।
2026 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।
क्या खरमास में गृह प्रवेश हो सकता है?
प्रकाशित गृह प्रवेश सूचियाँ मास का नियम मानती हैं, खरमास का नहीं, इसलिए मार्गशीर्ष या फाल्गुन का जो भाग खरमास में पड़ता है उसकी तारीखें भी देती हैं। 2026 में ऐसी 4 तारीखें हैं और वे चिह्नित हैं; खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक है।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
मुख्य कारण अस्त गिनने का तरीका (अंश-सीमा या दृष्टि), अतिरिक्त दोष और लग्न की जाँच, और शहर का सूर्योदय हैं। हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है।