मकर संक्रांति 2027 कब है?

2027 में मकर संक्रांति गुरुवार, 14 जनवरी को है। टोरंटो के समय से सूर्य 14 जनवरी, 10:40 पर मकर राशि में प्रवेश करता है।

मकर संक्रांति सौर पर्व है: यह तब मनाया जाता है जब सूर्य निरयन राशिचक्र में मकर राशि में प्रवेश करता है। वह क्षण नीचे गणना करके दिया गया है।

इस पेज का हर समय टोरंटो के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

मकर संक्रांति 2027: तारीख और संक्रांति का समय

गुरुवार, 14 जनवरी 2027

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
14 जनवरी, 10:40
पर्व का दिन
गुरुवार, 14 जनवरी 2027

राशि-प्रवेश दिन में होता है, इसलिए पर्व उसी तारीख को है। यह क्षण हर साल गणना से निकाला जाता है — "हमेशा 14 तारीख" वाला अनुमान पहले ही खिसक चुका है और हर लीप चक्र में और खिसकता है।

क्षेत्रीय पंचांग पुण्य काल का नियम अलग-अलग ढंग से लगाते हैं, और पंजाबी तथा तमिल सौर कैलेंडर अपने नव वर्ष की तारीख अपने नियम से तय करते हैं। ऊपर का क्षण खगोल है; दिन उसकी व्याख्या है।

आने वाले वर्षों में मकर संक्रांति की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति टोरंटो के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 बुधवार, 14 जनवरी 2026 बीत गई
2027 गुरुवार, 14 जनवरी 2027 आने वाली
2028 शुक्रवार, 14 जनवरी 2028 आने वाली

पंचांगों में मकर संक्रांति की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग मकर संक्रांति की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: मकर संक्रांति का निर्णय सूर्य के राशि-प्रवेश से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

मकर संक्रांति से जुड़े सामान्य प्रश्न

2027 में मकर संक्रांति कब है?

2027 में मकर संक्रांति गुरुवार, 14 जनवरी को है। टोरंटो के समय से सूर्य 14 जनवरी, 10:40 पर मकर राशि में प्रवेश करता है।

क्या मकर संक्रांति की तारीख हर साल एक ही रहती है?

लगभग, पर ठीक-ठीक नहीं। सूर्य का राशि-प्रवेश हर साल लगभग छह घंटे आगे खिसकता है और लीप वर्ष में फिर लौट आता है, इसलिए यह पर्व दो आसपास की तारीखों के बीच बदलता रहता है — इसीलिए इसे हर साल गणना से निकाला जाता है, तय नहीं माना जाता।

अगले साल मकर संक्रांति कब है?

2028 में शुक्रवार, 14 जनवरी।