तिथि कैलेंडर · दोहा
नवमी 2027 में कब है
2027 में नवमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
- यह तालिका दोहा के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
2027 की सभी नवमी तिथियाँ
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 | कृष्ण | पौष | 31 दिस, 10:03 | 1 जन, 10:40 | — |
| रविवार, 17 जनवरी 2027 | शुक्ल | पौष | 16 जन, 11:14 | 17 जन, 09:57 | — |
| शनिवार, 30 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 30 जन, 02:29 | 31 जन, 04:04 | — |
| सोमवार, 15 फ़रवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 14 फ़र, 22:11 | 15 फ़र, 20:14 | — |
| सोमवार, 1 मार्च 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 28 फ़र, 21:16 | 1 मार्च, 23:38 | — |
| मंगलवार, 16 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 16 मार्च, 06:25 | 17 मार्च, 04:14 | क्षय तिथि |
| बुधवार, 31 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 30 मार्च, 17:10 | 31 मार्च, 19:47 | — |
| गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 14 अप्रै, 12:54 | 15 अप्रै, 10:52 | — |
| शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 29 अप्रै, 12:32 | 30 अप्रै, 14:44 | — |
| शुक्रवार, 14 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 13 मई, 18:48 | 14 मई, 17:10 | — |
| रविवार, 30 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 29 मई, 05:51 | 30 मई, 07:05 | — |
| शनिवार, 12 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 12 जून, 01:15 | 13 जून, 00:14 | — |
| सोमवार, 28 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 27 जून, 20:15 | 28 जून, 20:20 | — |
| सोमवार, 12 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 11 जुला, 09:20 | 12 जुला, 09:11 | — |
| बुधवार, 28 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 27 जुला, 07:43 | 28 जुला, 06:46 | — |
| मंगलवार, 10 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 9 अग, 20:04 | 10 अग, 20:58 | — |
| गुरुवार, 26 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 25 अग, 16:50 | 26 अग, 15:10 | — |
| गुरुवार, 9 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 8 सित, 10:15 | 9 सित, 12:09 | — |
| शुक्रवार, 24 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 24 सित, 00:28 | 24 सित, 22:25 | — |
| शुक्रवार, 8 अक्तूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 8 अक्टू, 03:58 | 9 अक्टू, 06:33 | अगले दिन भी मान्य |
| शनिवार, 23 अक्तूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 23 अक्टू, 07:30 | 24 अक्टू, 05:24 | क्षय तिथि |
| रविवार, 7 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 7 नव, 00:20 | 8 नव, 02:54 | — |
| सोमवार, 22 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 21 नव, 14:50 | 22 नव, 12:59 | — |
| मंगलवार, 7 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 6 दिस, 21:30 | 7 दिस, 23:21 | — |
| मंगलवार, 21 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 20 दिस, 23:23 | 21 दिस, 22:05 | — |
समय दोहा के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
नवमी जनवरी 2027
जनवरी 2027 में नवमी 3 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 31 दिस, 10:03 → 1 जन, 10:40
- रविवार, 17 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 16 जन, 11:14 → 17 जन, 09:57
- शनिवार, 30 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 30 जन, 02:29 → 31 जन, 04:04
नवमी फ़रवरी 2027
फ़रवरी 2027 में नवमी 1 बार पड़ती है।
- सोमवार, 15 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 14 फ़र, 22:11 → 15 फ़र, 20:14
नवमी मार्च 2027
मार्च 2027 में नवमी 3 बार पड़ती है।
- सोमवार, 1 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 28 फ़र, 21:16 → 1 मार्च, 23:38
- मंगलवार, 16 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 16 मार्च, 06:25 → 17 मार्च, 04:14 (क्षय तिथि)
- बुधवार, 31 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 30 मार्च, 17:10 → 31 मार्च, 19:47
नवमी अप्रैल 2027
अप्रैल 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 14 अप्रै, 12:54 → 15 अप्रै, 10:52
- शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 29 अप्रै, 12:32 → 30 अप्रै, 14:44
नवमी मई 2027
मई 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 14 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 13 मई, 18:48 → 14 मई, 17:10
- रविवार, 30 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 29 मई, 05:51 → 30 मई, 07:05
नवमी जून 2027
जून 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 12 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 12 जून, 01:15 → 13 जून, 00:14
- सोमवार, 28 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 27 जून, 20:15 → 28 जून, 20:20
नवमी जुलाई 2027
जुलाई 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 12 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 11 जुला, 09:20 → 12 जुला, 09:11
- बुधवार, 28 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 27 जुला, 07:43 → 28 जुला, 06:46
नवमी अगस्त 2027
अगस्त 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 10 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 9 अग, 20:04 → 10 अग, 20:58
- गुरुवार, 26 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 25 अग, 16:50 → 26 अग, 15:10
नवमी सितंबर 2027
सितंबर 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 9 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 8 सित, 10:15 → 9 सित, 12:09
- शुक्रवार, 24 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 24 सित, 00:28 → 24 सित, 22:25
नवमी अक्तूबर 2027
अक्तूबर 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 8 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 8 अक्टू, 03:58 → 9 अक्टू, 06:33 (अगले दिन भी मान्य)
- शनिवार, 23 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 23 अक्टू, 07:30 → 24 अक्टू, 05:24 (क्षय तिथि)
नवमी नवंबर 2027
नवंबर 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 7 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 7 नव, 00:20 → 8 नव, 02:54
- सोमवार, 22 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 21 नव, 14:50 → 22 नव, 12:59
नवमी दिसंबर 2027
दिसंबर 2027 में नवमी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 7 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 6 दिस, 21:30 → 7 दिस, 23:21
- मंगलवार, 21 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 20 दिस, 23:23 → 21 दिस, 22:05
नवमी का दिन कैसे तय होता है
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
अन्य शहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
2027 की अन्य तिथियाँ
संबंधित पंचांग पृष्ठ
सामान्य प्रश्न
नवमी कब है 2027 में?
2027 में अगली नवमी शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 को है। तिथि 31 दिस, 10:03 → 1 जन, 10:40 तक चलती है (दोहा के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में नवमी कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल नवमी और कृष्ण नवमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। नवमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में नवमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या नवमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो दोहा में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
नवमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
नवमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय नवमी क्या होती है?
2027 में 2 बार नवमी क्षय तिथि है: मंगलवार, 16 मार्च 2027; शनिवार, 23 अक्तूबर 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।