प्रदोष व्रत 2026: सभी 25 तिथियाँ और प्रदोष काल

2026 में कुआलालंपुर के लिए कुल 25 प्रदोष व्रत हैं। अगला प्रदोष व्रत — गुरु प्रदोष — गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 को है; प्रदोष पूजा 19:03 से 21:27 तक।

  • यह तालिका कुआलालंपुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

प्रदोष व्रत 2026 की पूरी सूची

तारीखनामपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा का समयटिप्पणी
गुरुवार, 1 जनवरी 2026गुरु प्रदोषशुक्लपौष1 जन, 04:182 जन, 00:531 जन, 19:15 → 21:39—
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026शुक्र प्रदोषकृष्णमाघ · अमांत पौष15 जन, 22:4717 जन, 00:5216 जन, 19:21 → 21:45—
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026शुक्र प्रदोषशुक्लमाघ30 जन, 13:4031 जन, 10:5630 जन, 19:26 → 21:50—
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026शनि प्रदोषकृष्णफाल्गुन · अमांत माघ14 फ़र, 18:3215 फ़र, 19:3514 फ़र, 19:28 → 21:52—
रविवार, 1 मार्च 2026रवि प्रदोषशुक्लफाल्गुन28 फ़र, 23:141 मार्च, 21:401 मार्च, 19:27 → 21:40—
सोमवार, 16 मार्च 2026सोम प्रदोषकृष्णचैत्र · अमांत फाल्गुन16 मार्च, 12:1117 मार्च, 11:5416 मार्च, 19:25 → 21:49—
सोमवार, 30 मार्च 2026सोम प्रदोषशुक्लचैत्र30 मार्च, 09:4031 मार्च, 09:2630 मार्च, 19:22 → 21:46—
बुधवार, 15 अप्रैल 2026बुध प्रदोषकृष्णवैशाख · अमांत चैत्र15 अप्रै, 02:4316 अप्रै, 01:0115 अप्रै, 19:19 → 21:43—
बुधवार, 29 अप्रैल 2026बुध प्रदोषशुक्लवैशाख28 अप्रै, 21:2329 अप्रै, 22:2229 अप्रै, 19:17 → 21:41—
गुरुवार, 14 मई 2026गुरु प्रदोषकृष्णज्येष्ठ · अमांत वैशाख14 मई, 13:5115 मई, 11:0214 मई, 19:17 → 21:41—
गुरुवार, 28 मई 2026गुरु प्रदोषशुक्लअधिक ज्येष्ठ28 मई, 10:2729 मई, 12:2128 मई, 19:19 → 21:43अधिक मास
शुक्रवार, 12 जून 2026शुक्र प्रदोषकृष्णअधिक ज्येष्ठ12 जून, 22:0713 जून, 18:38—त्रयोदशी दोनों शाम प्रदोष के मध्य बिंदु पर नहीं है; जिस शाम आरंभ होती है उसी शाम व्रत · अधिक मास
शनिवार, 27 जून 2026शनि प्रदोषशुक्लज्येष्ठ27 जून, 00:5228 जून, 03:1427 जून, 19:25 → 21:49—
रविवार, 12 जुलाई 2026रवि प्रदोषकृष्णआषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ12 जुला, 04:3513 जुला, 01:0012 जुला, 19:27 → 21:51—
रविवार, 26 जुलाई 2026रवि प्रदोषशुक्लआषाढ़26 जुला, 16:2827 जुला, 18:4526 जुला, 19:27 → 21:51—
सोमवार, 10 अगस्त 2026सोम प्रदोषकृष्णश्रावण · अमांत आषाढ़10 अग, 10:3111 अग, 07:2410 अग, 19:25 → 21:49—
मंगलवार, 25 अगस्त 2026भौम प्रदोषशुक्लश्रावण25 अग, 08:5226 अग, 10:2925 अग, 19:21 → 21:45—
मंगलवार, 8 सितंबर 2026भौम प्रदोषकृष्णभाद्रपद · अमांत श्रावण8 सित, 17:139 सित, 15:018 सित, 19:15 → 21:39—
गुरुवार, 24 सितंबर 2026गुरु प्रदोषशुक्लभाद्रपद24 सित, 01:2125 सित, 01:4924 सित, 19:08 → 21:32—
गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026गुरु प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद8 अक्टू, 01:479 अक्टू, 00:468 अक्टू, 19:03 → 21:27—
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026शुक्र प्रदोषशुक्लआश्विन23 अक्टू, 17:0624 अक्टू, 16:0723 अक्टू, 18:58 → 21:22—
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026शुक्र प्रदोषकृष्णकार्तिक · अमांत आश्विन6 नव, 13:017 नव, 13:186 नव, 18:56 → 21:20—
रविवार, 22 नवंबर 2026रवि प्रदोषशुक्लकार्तिक22 नव, 07:2723 नव, 05:0722 नव, 18:58 → 21:22—
रविवार, 6 दिसंबर 2026रवि प्रदोषकृष्णमार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक6 दिस, 03:227 दिस, 04:536 दिस, 19:02 → 21:26—
सोमवार, 21 दिसंबर 2026सोम प्रदोषशुक्लमार्गशीर्ष21 दिस, 20:0722 दिस, 16:5421 दिस, 20:07 → 21:33—

समय कुआलालंपुर के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।

2026 में सोम, भौम और शनि प्रदोष

  • सोम प्रदोष — सोमवार, 16 मार्च 2026; सोमवार, 30 मार्च 2026; सोमवार, 10 अगस्त 2026; सोमवार, 21 दिसंबर 2026
  • भौम प्रदोष — मंगलवार, 25 अगस्त 2026; मंगलवार, 8 सितंबर 2026
  • शनि प्रदोष — शनिवार, 14 फ़रवरी 2026; शनिवार, 27 जून 2026

प्रदोष व्रत जनवरी 2026

  • गुरुवार, 1 जनवरी 2026 — गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, पौष; प्रदोष पूजा 19:15 से 21:39 तक
  • शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 — शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, माघ · अमांत पौष; प्रदोष पूजा 19:21 से 21:45 तक
  • शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 — शुक्र प्रदोष, शुक्ल पक्ष, माघ; प्रदोष पूजा 19:26 से 21:50 तक

प्रदोष व्रत फ़रवरी 2026

  • शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 — शनि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन · अमांत माघ; प्रदोष पूजा 19:28 से 21:52 तक

प्रदोष व्रत मार्च 2026

  • रविवार, 1 मार्च 2026 — रवि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, फाल्गुन; प्रदोष पूजा 19:27 से 21:40 तक
  • सोमवार, 16 मार्च 2026 — सोम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, चैत्र · अमांत फाल्गुन; प्रदोष पूजा 19:25 से 21:49 तक
  • सोमवार, 30 मार्च 2026 — सोम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, चैत्र; प्रदोष पूजा 19:22 से 21:46 तक

प्रदोष व्रत अप्रैल 2026

  • बुधवार, 15 अप्रैल 2026 — बुध प्रदोष, कृष्ण पक्ष, वैशाख · अमांत चैत्र; प्रदोष पूजा 19:19 से 21:43 तक
  • बुधवार, 29 अप्रैल 2026 — बुध प्रदोष, शुक्ल पक्ष, वैशाख; प्रदोष पूजा 19:17 से 21:41 तक

प्रदोष व्रत मई 2026

  • गुरुवार, 14 मई 2026 — गुरु प्रदोष, कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ · अमांत वैशाख; प्रदोष पूजा 19:17 से 21:41 तक
  • गुरुवार, 28 मई 2026 — गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा 19:19 से 21:43 तक — अधिक मास

प्रदोष व्रत जून 2026

  • शुक्रवार, 12 जून 2026 — शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ; तिथि 12 जून, 22:07 से 13 जून, 18:38 तक — त्रयोदशी दोनों शाम प्रदोष के मध्य बिंदु पर नहीं है; जिस शाम आरंभ होती है उसी शाम व्रत; अधिक मास
  • शनिवार, 27 जून 2026 — शनि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा 19:25 से 21:49 तक

प्रदोष व्रत जुलाई 2026

  • रविवार, 12 जुलाई 2026 — रवि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा 19:27 से 21:51 तक
  • रविवार, 26 जुलाई 2026 — रवि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, आषाढ़; प्रदोष पूजा 19:27 से 21:51 तक

प्रदोष व्रत अगस्त 2026

  • सोमवार, 10 अगस्त 2026 — सोम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, श्रावण · अमांत आषाढ़; प्रदोष पूजा 19:25 से 21:49 तक
  • मंगलवार, 25 अगस्त 2026 — भौम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, श्रावण; प्रदोष पूजा 19:21 से 21:45 तक

प्रदोष व्रत सितंबर 2026

  • मंगलवार, 8 सितंबर 2026 — भौम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, भाद्रपद · अमांत श्रावण; प्रदोष पूजा 19:15 से 21:39 तक
  • गुरुवार, 24 सितंबर 2026 — गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, भाद्रपद; प्रदोष पूजा 19:08 से 21:32 तक

प्रदोष व्रत अक्तूबर 2026

  • गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 — गुरु प्रदोष, कृष्ण पक्ष, आश्विन · अमांत भाद्रपद; प्रदोष पूजा 19:03 से 21:27 तक
  • शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 — शुक्र प्रदोष, शुक्ल पक्ष, आश्विन; प्रदोष पूजा 18:58 से 21:22 तक

प्रदोष व्रत नवंबर 2026

  • शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 — शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, कार्तिक · अमांत आश्विन; प्रदोष पूजा 18:56 से 21:20 तक
  • रविवार, 22 नवंबर 2026 — रवि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, कार्तिक; प्रदोष पूजा 18:58 से 21:22 तक

प्रदोष व्रत दिसंबर 2026

  • रविवार, 6 दिसंबर 2026 — रवि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक; प्रदोष पूजा 19:02 से 21:26 तक
  • सोमवार, 21 दिसंबर 2026 — सोम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष; प्रदोष पूजा 20:07 से 21:33 तक

प्रदोष व्रत की तिथि कैसे तय होती है

प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाता है — पर उसका दिन सूर्योदय से नहीं, शाम से तय होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का संध्या समय है; यह पृष्ठ उसे सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) मानता है और देखता है कि उसके मध्य में त्रयोदशी चल रही है या नहीं। इसीलिए प्रदोष अक्सर उस दिन से एक दिन पहले पड़ता है जिस दिन त्रयोदशी सूर्योदय पर होती है। जब त्रयोदशी दो शाम प्रदोष काल में हो, तो व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो; जब वह दोनों शाम मध्य बिंदु पर न हो, तो व्रत उस शाम रखा जाता है जिस शाम वह आरंभ होती है। हर प्रदोष का नाम उसके वार से है; सोम, भौम (मंगल) और शनि प्रदोष का विशेष महत्व माना जाता है। दिया गया पूजा समय प्रदोष काल का वही भाग है जिसमें त्रयोदशी सचमुच चल रही हो, इसलिए वह 2 घंटे 24 मिनट से छोटा भी हो सकता है।

दूसरे शहरों में प्रदोष व्रत 2026

दिन तय करने वाला समय — सूर्योदय, शाम का प्रदोष या चंद्रोदय — भारत में एक घंटे से भी अधिक बदलता है, इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

प्रदोष व्रत 2026: सामान्य प्रश्न

2026 में प्रदोष व्रत कब है?

2026 में कुआलालंपुर के लिए 25 तिथियाँ हैं — पूरी सूची ऊपर तालिका में है। अगली: गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 — गुरु प्रदोष; प्रदोष पूजा 19:03 से 21:27 तक।

2026 में कितने प्रदोष व्रत हैं?

25 — शुक्ल पक्ष में 13 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है, क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे हैं और अधिक मास का वर्ष दो और जोड़ देता है।

सोम प्रदोष 2026 कब है?

सोमवार, 16 मार्च 2026; सोमवार, 30 मार्च 2026; सोमवार, 10 अगस्त 2026; सोमवार, 21 दिसंबर 2026।

शनि प्रदोष 2026 कब है?

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026; शनिवार, 27 जून 2026।

प्रदोष काल क्या है?

सूर्यास्त के बाद का संध्या समय, जिसे यहाँ सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) माना गया है। व्रत उस दिन होता है जिस दिन इसके मध्य में त्रयोदशी चल रही हो, और पूजा का समय इसी काल का वह भाग है जिसमें त्रयोदशी हो।

प्रदोष त्रयोदशी से एक दिन पहले क्यों पड़ता है?

क्योंकि प्रदोष शाम से तय होता है, सूर्योदय से नहीं। त्रयोदशी अक्सर दोपहर या शाम को आरंभ होती है, इसलिए उस शाम प्रदोष में वही चल रही होती है, जबकि सूर्योदय वाला पंचांग अगले दिन को त्रयोदशी कहता है।

क्या प्रदोष व्रत पूरे भारत में एक ही दिन होता है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए कुआलालंपुर और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।