प्रतिपदा 2026 में कब है

2026 में प्रतिपदा 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका जयपुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी प्रतिपदा तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
रविवार, 4 जनवरी 2026कृष्णमाघ3 जन, 15:324 जन, 12:30—
सोमवार, 19 जनवरी 2026शुक्लमाघ19 जन, 01:2220 जन, 02:14—
सोमवार, 2 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन2 फ़र, 03:393 फ़र, 01:53—
बुधवार, 18 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन17 फ़र, 17:3118 फ़र, 16:58—
बुधवार, 4 मार्च 2026कृष्णचैत्र3 मार्च, 17:084 मार्च, 16:49—
गुरुवार, 19 मार्च 2026शुक्लचैत्र19 मार्च, 06:5420 मार्च, 04:53क्षय तिथि
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख2 अप्रै, 07:423 अप्रै, 08:43—
शनिवार, 18 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख17 अप्रै, 17:2218 अप्रै, 14:11—
शनिवार, 2 मई 2026कृष्णज्येष्ठ1 मई, 22:533 मई, 00:51—
रविवार, 17 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ17 मई, 01:3117 मई, 21:41—
सोमवार, 1 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ31 मई, 14:151 जून, 16:38—
सोमवार, 15 जून 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ15 जून, 08:2416 जून, 04:31क्षय तिथि
मंगलवार, 30 जून 2026कृष्णआषाढ़30 जून, 05:261 जुला, 07:39अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 15 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़14 जुला, 15:1315 जुला, 11:52—
गुरुवार, 30 जुलाई 2026कृष्णश्रावण29 जुला, 20:0630 जुला, 21:31—
गुरुवार, 13 अगस्त 2026शुक्लश्रावण12 अग, 23:0713 अग, 20:42—
शनिवार, 29 अगस्त 2026कृष्णभाद्रपद28 अग, 09:4829 अग, 09:58—
शनिवार, 12 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद11 सित, 08:5712 सित, 07:47—
रविवार, 27 सितंबर 2026कृष्णआश्विन26 सित, 22:1927 सित, 20:59—
रविवार, 11 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन10 अक्टू, 21:2011 अक्टू, 21:32—
मंगलवार, 27 अक्तूबर 2026कृष्णकार्तिक26 अक्टू, 09:4227 अक्टू, 07:02—
मंगलवार, 10 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक9 नव, 12:3210 नव, 14:01—
बुधवार, 25 नवंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष24 नव, 20:2325 नव, 16:51—
बुधवार, 9 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष9 दिस, 06:2210 दिस, 08:47अगले दिन भी मान्य
गुरुवार, 24 दिसंबर 2026कृष्णपौष24 दिस, 06:5825 दिस, 03:07—

समय जयपुर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

प्रतिपदा जनवरी 2026

जनवरी 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 4 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 3 जन, 15:32 → 4 जन, 12:30
  • सोमवार, 19 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 19 जन, 01:22 → 20 जन, 02:14

प्रतिपदा फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 2 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 2 फ़र, 03:39 → 3 फ़र, 01:53
  • बुधवार, 18 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 17 फ़र, 17:31 → 18 फ़र, 16:58

प्रतिपदा मार्च 2026

मार्च 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 4 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 3 मार्च, 17:08 → 4 मार्च, 16:49
  • गुरुवार, 19 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 19 मार्च, 06:54 → 20 मार्च, 04:53 (क्षय तिथि)

प्रतिपदा अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 2 अप्रै, 07:42 → 3 अप्रै, 08:43
  • शनिवार, 18 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 17 अप्रै, 17:22 → 18 अप्रै, 14:11

प्रतिपदा मई 2026

मई 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 2 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 1 मई, 22:53 → 3 मई, 00:51
  • रविवार, 17 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 17 मई, 01:31 → 17 मई, 21:41

प्रतिपदा जून 2026

जून 2026 में प्रतिपदा 3 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 1 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 31 मई, 14:15 → 1 जून, 16:38
  • सोमवार, 15 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 15 जून, 08:24 → 16 जून, 04:31 (क्षय तिथि)
  • मंगलवार, 30 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 30 जून, 05:26 → 1 जुला, 07:39 (अगले दिन भी मान्य)

प्रतिपदा जुलाई 2026

जुलाई 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 15 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 14 जुला, 15:13 → 15 जुला, 11:52
  • गुरुवार, 30 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 29 जुला, 20:06 → 30 जुला, 21:31

प्रतिपदा अगस्त 2026

अगस्त 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 13 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 12 अग, 23:07 → 13 अग, 20:42
  • शनिवार, 29 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 28 अग, 09:48 → 29 अग, 09:58

प्रतिपदा सितंबर 2026

सितंबर 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 12 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 11 सित, 08:57 → 12 सित, 07:47
  • रविवार, 27 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 26 सित, 22:19 → 27 सित, 20:59

प्रतिपदा अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 11 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 10 अक्टू, 21:20 → 11 अक्टू, 21:32
  • मंगलवार, 27 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 26 अक्टू, 09:42 → 27 अक्टू, 07:02

प्रतिपदा नवंबर 2026

नवंबर 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 10 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 9 नव, 12:32 → 10 नव, 14:01
  • बुधवार, 25 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 24 नव, 20:23 → 25 नव, 16:51

प्रतिपदा दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में प्रतिपदा 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 9 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 9 दिस, 06:22 → 10 दिस, 08:47 (अगले दिन भी मान्य)
  • गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 24 दिस, 06:58 → 25 दिस, 03:07

प्रतिपदा का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

प्रतिपदा कब है 2026 में?

2026 में अगली प्रतिपदा रविवार, 11 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 10 अक्टू, 21:20 → 11 अक्टू, 21:32 तक चलती है (जयपुर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में प्रतिपदा कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल प्रतिपदा और कृष्ण प्रतिपदा में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। प्रतिपदा हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में प्रतिपदा की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या प्रतिपदा पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो जयपुर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

प्रतिपदा को और किन नामों से खोजा जाता है?

पड़वा, प्रतिपत — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय प्रतिपदा क्या होती है?

2026 में 2 बार प्रतिपदा क्षय तिथि है: गुरुवार, 19 मार्च 2026; सोमवार, 15 जून 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।