पूर्णिमा 2026: सभी 13 तिथियाँ, व्रत और स्नान-दान

2026 में दुबई के लिए कुल 13 पूर्णिमा हैं। अगली पूर्णिमा — आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) — सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 को है; तिथि 25 अक्टू, 10:26 से 26 अक्टू, 08:12 तक।

  • यह तालिका दुबई के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

पूर्णिमा 2026 की पूरी सूची

तारीखनामहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
शनिवार, 3 जनवरी 2026पौष पूर्णिमापौष2 जन, 17:243 जन, 14:03पूर्णिमा शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन
रविवार, 1 फ़रवरी 2026माघ पूर्णिमामाघ1 फ़र, 04:232 फ़र, 02:09—
मंगलवार, 3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमा · होलिका दहनफाल्गुन2 मार्च, 16:263 मार्च, 15:38पूर्णिमा सोमवार, 2 मार्च 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन · होलिका दहन अपने नियम से सोमवार, 2 मार्च 2026 को
बुधवार, 1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमा · हनुमान जयंतीचैत्र1 अप्रै, 05:362 अप्रै, 06:12गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 के सूर्योदय पर भी
शुक्रवार, 1 मई 2026वैशाख पूर्णिमा · बुद्ध पूर्णिमावैशाख30 अप्रै, 19:431 मई, 21:23—
रविवार, 31 मई 2026अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमाअधिक ज्येष्ठ30 मई, 10:2831 मई, 12:45अधिक मास · पूर्णिमा शनिवार, 30 मई 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन
सोमवार, 29 जून 2026ज्येष्ठ पूर्णिमा · वट पूर्णिमाज्येष्ठ29 जून, 01:3730 जून, 03:57—
बुधवार, 29 जुलाई 2026आषाढ़ पूर्णिमा · गुरु पूर्णिमाआषाढ़28 जुला, 16:4929 जुला, 18:35पूर्णिमा मंगलवार, 28 जुलाई 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026श्रावण पूर्णिमा · रक्षा बंधनश्रावण27 अग, 07:3928 अग, 08:19पूर्णिमा गुरुवार, 27 अगस्त 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन · रक्षा बंधन अपने नियम से गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को
शनिवार, 26 सितंबर 2026भाद्रपद पूर्णिमा · पूर्णिमा श्राद्धभाद्रपद25 सित, 21:3726 सित, 20:49—
सोमवार, 26 अक्तूबर 2026आश्विन पूर्णिमा · शरद पूर्णिमाआश्विन25 अक्टू, 10:2626 अक्टू, 08:12पूर्णिमा रविवार, 25 अक्तूबर 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन · शरद पूर्णिमा अपने नियम से रविवार, 25 अक्तूबर 2026 को
मंगलवार, 24 नवंबर 2026कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक23 नव, 22:1324 नव, 18:53—
बुधवार, 23 दिसंबर 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमामार्गशीर्ष23 दिस, 09:1724 दिस, 05:28क्षय — किसी सूर्योदय को नहीं छूती; जिस दिन चलती है उसी दिन

समय दुबई के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।

2026 में गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा और अन्य प्रमुख पूर्णिमा

पूर्णिमा जनवरी 2026

  • शनिवार, 3 जनवरी 2026 — पौष पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष, पौष; तिथि 2 जन, 17:24 से 3 जन, 14:03 तक — पूर्णिमा शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन

हर वर्ष जनवरी की पूर्णिमा

पूर्णिमा फ़रवरी 2026

  • रविवार, 1 फ़रवरी 2026 — माघ पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष, माघ; तिथि 1 फ़र, 04:23 से 2 फ़र, 02:09 तक

हर वर्ष फ़रवरी की पूर्णिमा

पूर्णिमा मार्च 2026

  • मंगलवार, 3 मार्च 2026 — फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन), शुक्ल पक्ष, फाल्गुन; तिथि 2 मार्च, 16:26 से 3 मार्च, 15:38 तक — पूर्णिमा सोमवार, 2 मार्च 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन; होलिका दहन अपने नियम से सोमवार, 2 मार्च 2026 को

हर वर्ष मार्च की पूर्णिमा

पूर्णिमा अप्रैल 2026

  • बुधवार, 1 अप्रैल 2026 — चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती), शुक्ल पक्ष, चैत्र; तिथि 1 अप्रै, 05:36 से 2 अप्रै, 06:12 तक — गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 के सूर्योदय पर भी

हर वर्ष अप्रैल की पूर्णिमा

पूर्णिमा मई 2026

  • शुक्रवार, 1 मई 2026 — वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा), शुक्ल पक्ष, वैशाख; तिथि 30 अप्रै, 19:43 से 1 मई, 21:23 तक
  • रविवार, 31 मई 2026 — अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ; तिथि 30 मई, 10:28 से 31 मई, 12:45 तक — अधिक मास; पूर्णिमा शनिवार, 30 मई 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन

हर वर्ष मई की पूर्णिमा

पूर्णिमा जून 2026

  • सोमवार, 29 जून 2026 — ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा), शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ; तिथि 29 जून, 01:37 से 30 जून, 03:57 तक

हर वर्ष जून की पूर्णिमा

पूर्णिमा जुलाई 2026

  • बुधवार, 29 जुलाई 2026 — आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा), शुक्ल पक्ष, आषाढ़; तिथि 28 जुला, 16:49 से 29 जुला, 18:35 तक — पूर्णिमा मंगलवार, 28 जुलाई 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन

हर वर्ष जुलाई की पूर्णिमा

पूर्णिमा अगस्त 2026

  • शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 — श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन), शुक्ल पक्ष, श्रावण; तिथि 27 अग, 07:39 से 28 अग, 08:19 तक — पूर्णिमा गुरुवार, 27 अगस्त 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन; रक्षा बंधन अपने नियम से गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को

हर वर्ष अगस्त की पूर्णिमा

पूर्णिमा सितंबर 2026

  • शनिवार, 26 सितंबर 2026 — भाद्रपद पूर्णिमा (पूर्णिमा श्राद्ध), शुक्ल पक्ष, भाद्रपद; तिथि 25 सित, 21:37 से 26 सित, 20:49 तक

हर वर्ष सितंबर की पूर्णिमा

पूर्णिमा अक्तूबर 2026

  • सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 — आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा), शुक्ल पक्ष, आश्विन; तिथि 25 अक्टू, 10:26 से 26 अक्टू, 08:12 तक — पूर्णिमा रविवार, 25 अक्तूबर 2026 के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी है; कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं — स्नान-दान इसी दिन; शरद पूर्णिमा अपने नियम से रविवार, 25 अक्तूबर 2026 को

हर वर्ष अक्तूबर की पूर्णिमा

पूर्णिमा नवंबर 2026

  • मंगलवार, 24 नवंबर 2026 — कार्तिक पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष, कार्तिक; तिथि 23 नव, 22:13 से 24 नव, 18:53 तक

हर वर्ष नवंबर की पूर्णिमा

पूर्णिमा दिसंबर 2026

  • बुधवार, 23 दिसंबर 2026 — मार्गशीर्ष पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष; तिथि 23 दिस, 09:17 से 24 दिस, 05:28 तक — क्षय — किसी सूर्योदय को नहीं छूती; जिस दिन चलती है उसी दिन

हर वर्ष दिसंबर की पूर्णिमा

पूर्णिमा की तिथि कैसे तय होती है

पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि है — पूरा चाँद — और यह पृष्ठ उसे उस दिन देता है जिसके सूर्योदय पर वह हो: यही स्नान-दान का दिन है और अधिकतर पंचांग इसी को पूर्णिमा व्रत लिखते हैं। एक परंपरा अलग है, और उसे छिपाया नहीं गया: जब पूर्णिमा पिछले दिन के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी हो, तो कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं, जब चंद्रमा पूर्णिमा में उदय होता है, जबकि स्नान-दान सूर्योदय वाले दिन ही रहता है। यह स्थिति कब बनती है, यह गणना बता सकती है और ऐसी पंक्तियों में लिखा है; परिवार किस दिन व्रत रखे, यह परंपरा का प्रश्न है, खगोल का नहीं — इसलिए यह पृष्ठ आपकी जगह चुनाव नहीं करता। जो पूर्णिमा अपने आप में त्योहार भी है — गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, होलिका दहन — उसकी तारीख उसके अपने पृष्ठ पर उसी त्योहार के नियम से तय होती है; इसीलिए होलिका दहन यहाँ दी गई पूर्णिमा से एक शाम पहले भी हो सकता है।

दूसरे शहरों में पूर्णिमा 2026

दिन तय करने वाला समय — सूर्योदय, शाम का प्रदोष या चंद्रोदय — भारत में एक घंटे से भी अधिक बदलता है, इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

पूर्णिमा 2026: सामान्य प्रश्न

2026 में पूर्णिमा कब है?

2026 में दुबई के लिए 13 तिथियाँ हैं — पूरी सूची ऊपर तालिका में है। अगली: सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 — आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा); तिथि 25 अक्टू, 10:26 से 26 अक्टू, 08:12 तक।

2026 में कितनी पूर्णिमा हैं?

2026 में 13 बार। चंद्रमास लगभग 29.5 दिन का होता है, इसलिए एक वर्ष में पूर्णिमा 12 या 13 बार आती है, और किसी अंग्रेज़ी महीने में दो बार भी पड़ सकती है।

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?

बुधवार, 29 जुलाई 2026।

शरद पूर्णिमा 2026 कब है?

रविवार, 25 अक्तूबर 2026।

कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?

मंगलवार, 24 नवंबर 2026।

पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान एक ही दिन है?

अधिकतर हाँ — दोनों उस दिन जिसके सूर्योदय पर पूर्णिमा हो, और यही यहाँ दिया गया है। पर जब पूर्णिमा पिछले दिन के सूर्यास्त तक आरंभ हो चुकी हो, तो कुछ पंचांग व्रत उसी शाम रखते हैं। यहाँ दी गई 6 पूर्णिमाओं पर ऐसा है: शनिवार, 3 जनवरी 2026; मंगलवार, 3 मार्च 2026; रविवार, 31 मई 2026; बुधवार, 29 जुलाई 2026; शुक्रवार, 28 अगस्त 2026; सोमवार, 26 अक्तूबर 2026।

क्या पूर्णिमा पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए दुबई और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।