पूरा चाँद · शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि · साल में 12 से 13 बार
अगली पूर्णिमा कब है?
अगली पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 को है। काठमांडू में पूर्णिमा तिथि 25 अक्तूबर, 12:11 से 26 अक्तूबर, 09:57 तक रहेगी।
अगली पूर्णिमा · काठमांडू
अगली पूर्णिमा: तारीख और तिथि का समय
सोमवार, 26 अक्तूबर 2026
- तिथि आरंभ
- 25 अक्तूबर, 12:11
- तिथि समाप्त
- 26 अक्तूबर, 09:57
- पक्ष
- शुक्ल
- हिंदू मास
- आश्विन
- इस तिथि का पर्व
- शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्तूबर 2026 की रात मनाई जाती है। पूर्णिमा 25 अक्तूबर, 12:11 से 26 अक्तूबर, 09:57 तक है, इसलिए पूर्णिमा की रात 25 अक्तूबर की है; 26 अक्तूबर की रात तक वह बीत चुकी होती है। पूर्णिमा का व्रत सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 को है, जिस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि है। पूरी जानकारी और समय।
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि है — पूरा चाँद। दिन वह माना जाता है जिसके सूर्योदय पर यह तिथि चल रही हो; यह अक्सर, पर हमेशा नहीं, वही रात होती है जब चाँद सबसे पूरा दिखता है।
शहर बदलें
इस पेज का हर समय काठमांडू के लिए निकाला गया है।
सभी शहर देखें
भारत के बाहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
2026 · काठमांडू
पूर्णिमा 2026: सभी तारीखें
2026 में काठमांडू के लिए 13 पूर्णिमा हैं। यह संख्या हर साल बदलती है: बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में संख्या बढ़ जाती है।
| तारीख | पक्ष | मास (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | पर्व |
|---|---|---|---|---|---|
| 3 जनवरी, शनिवार | शुक्ल | पौष | 2 जनवरी, 19:09 | 3 जनवरी, 15:48 | — |
| 1 फ़रवरी, रविवार | शुक्ल | माघ | 1 फ़रवरी, 06:08 | 2 फ़रवरी, 03:54 | माघ पूर्णिमा |
| 3 मार्च, मंगलवार | शुक्ल | फाल्गुन | 2 मार्च, 18:11 | 3 मार्च, 17:22 | होलिका दहन |
| 2 अप्रैल, गुरुवार | शुक्ल | चैत्र | 1 अप्रैल, 07:21 | 2 अप्रैल, 07:57 | हनुमान जयंती |
| 1 मई, शुक्रवार | शुक्ल | वैशाख | 30 अप्रैल, 21:28 | 1 मई, 23:08 | — |
| 31 मई, रविवार | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 30 मई, 12:13 | 31 मई, 14:30 | — |
| 29 जून, सोमवार · अगले दिन भी मान्य | शुक्ल | ज्येष्ठ | 29 जून, 03:22 | 30 जून, 05:41 | — |
| 29 जुलाई, बुधवार | शुक्ल | आषाढ़ | 28 जुलाई, 18:35 | 29 जुलाई, 20:20 | गुरु पूर्णिमा |
| 28 अगस्त, शुक्रवार | शुक्ल | श्रावण | 27 अगस्त, 09:24 | 28 अगस्त, 10:03 | रक्षाबंधन |
| 26 सितंबर, शनिवार | शुक्ल | भाद्रपद | 25 सितंबर, 23:22 | 26 सितंबर, 22:34 | पितृ पक्ष |
| 26 अक्तूबर, सोमवार · शरद पूर्णिमा: 25 अक्तूबर की रात | शुक्ल | आश्विन | 25 अक्तूबर, 12:11 | 26 अक्तूबर, 09:57 | शरद पूर्णिमा (25 अक्तूबर) |
| 24 नवंबर, मंगलवार | शुक्ल | कार्तिक | 23 नवंबर, 23:58 | 24 नवंबर, 20:38 | कार्तिक पूर्णिमा |
| 24 दिसंबर, गुरुवार | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 23 दिसंबर, 11:02 | 24 दिसंबर, 07:13 | — |
समय काठमांडू के अनुसार हैं। क्षय तिथि वाली पंक्ति की तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। अगले दिन भी मान्य वाली पंक्ति में तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
पर्व वाले कॉलम के बारे में: नाम केवल उन पंक्तियों पर है जिन पर हमारी गणना का कोई पर्व — जैसे गुरु पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा — उसी तिथि पर पड़ता है। जहाँ पर्व का दिन इस पंक्ति से अलग है — जैसे प्रदोष में मनाया जाने वाला पर्व — वहाँ उसकी अपनी तारीख कोष्ठक में दी है।
पंचांगों में पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों होती है
तिथि चंद्र मास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है और लगभग कभी सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। यह पेज सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का है। इसके दो परिणाम ऊपर की तालिका में दिखते हैं, और दोनों भूल नहीं हैं।
- दो सूर्योदय पर तिथि। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं।
- क्षय तिथि। जब तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय है, और व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली।
- शहर। सूर्योदय भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा बदलता है, इसलिए एक शहर में जो तिथि सूर्योदय के ठीक बाद ख़त्म होती है, वह दूसरे में ठीक पहले ख़त्म हो सकती है — और दिन बदल जाता है।
आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है। यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना, ताकि आप अपने पंचांग से मिलान कर सकें।
संबंधित पेज
- एकादशी कब है — अगली तारीख और पारण
- अमावस्या कब है — अगली अमावस्या
- माघ पूर्णिमा
- होलिका दहन
- हनुमान जयंती
- गुरु पूर्णिमा
- रक्षाबंधन
- पितृ पक्ष
- शरद पूर्णिमा
- कार्तिक पूर्णिमा
- 2026 के सभी त्योहार और व्रत
- आज कौन-सा त्योहार है
- आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- आज का शुभ मुहूर्त
- चौघड़िया — दिन और रात के मुहूर्त
- आज का राहु काल
- पूरा व्रत और त्योहार कैलेंडर (अंग्रेज़ी)
पूर्णिमा से जुड़े सामान्य प्रश्न
अगली पूर्णिमा कब है?
अगली पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 को है। काठमांडू में पूर्णिमा तिथि 25 अक्तूबर, 12:11 से 26 अक्तूबर, 09:57 तक रहेगी।
2026 में कितनी पूर्णिमा हैं?
काठमांडू के लिए 2026 में 13। यह संख्या हर साल बदलती है, क्योंकि बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, और अधिक मास वाले साल में एक-दो और जुड़ जाती हैं।
मेरे कैलेंडर में पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि बहुत कम ही सूर्योदय पर शुरू या ख़त्म होती है। जब वह दो दिन सूर्योदय पर चलती है, या किसी दिन नहीं, तब परंपराएँ बँट जाती हैं: कुछ सूर्योदय वाला दिन लेती हैं, कुछ वह दिन जब तिथि शुरू हुई। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पेज बताता है कि उसने कौन-सा नियम माना।
2026 में पूर्णिमा पर कौन-से पर्व पड़ते हैं?
माघ पूर्णिमा (1 फ़रवरी), होलिका दहन (3 मार्च), हनुमान जयंती (2 अप्रैल), गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई), रक्षाबंधन (28 अगस्त), पितृ पक्ष (26 सितंबर), शरद पूर्णिमा (25 अक्तूबर), कार्तिक पूर्णिमा (24 नवंबर)। तारीखें काठमांडू के लिए हैं; हर पर्व का अपना पेज उसका मुहूर्त और निर्णय का नियम बताता है।