शरद पूर्णिमा 2026 कब है?

2026 में शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्तूबर को है। जयपुर में शरद पूर्णिमा पूजा का शुभ मुहूर्त 23:45 से 00:36 तक है।

शरद पूर्णिमा कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय जयपुर के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

शरद पूर्णिमा 2026: तारीख और तिथि का समय

रविवार, 25 अक्तूबर 2026

तिथि
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
हिंदू मास
आश्विन
तिथि आरंभ
25 अक्तूबर, 11:57
तिथि समाप्त
26 अक्तूबर, 09:42
दिन का निर्णय
निशीथ काल
जयपुर में निशीथ काल
23:45 से 00:36

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: शरद पूर्णिमा का निर्णय मध्य रात्रि के निशीथ काल में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके निशीथ काल पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

शरद पूर्णिमा 2026 शरद पूर्णिमा पूजा मुहूर्त

23:45 से 00:36

यह अवधि निशीथ काल और पूर्णिमा तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल निशीथ काल ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।

निशीथ काल
23:45 से 00:36
पूर्णिमा तिथि
25 अक्तूबर, 11:57 से 26 अक्तूबर, 09:42

निशीथ काल रात के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है, यानी मध्य रात्रि। घड़ी में यह अक्सर आधी रात के बाद पड़ता है, फिर भी ऊपर लिखे दिन का ही हिस्सा है, क्योंकि हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तजयपुर में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:33 शुभ
अमृत काल 17:05 से 18:36 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 04:50 से 05:41 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिजयपुर में समय
राहु काल 16:25 से 17:49
यमगण्ड काल 12:10 से 13:35
दुर्मुहूर्त (पहला) 16:19 से 17:04
वर्ज्यम् 07:57 से 09:28

ऊपर का हर समय जयपुर के लिए रविवार, 25 अक्तूबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में शरद पूर्णिमा की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 रविवार, 25 अक्तूबर 2026 आने वाली
2027 गुरुवार, 14 अक्तूबर 2027 आने वाली
2028 सोमवार, 2 अक्तूबर 2028 आने वाली

पंचांगों में शरद पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग शरद पूर्णिमा की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: शरद पूर्णिमा का निर्णय निशीथ काल से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

शरद पूर्णिमा से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में शरद पूर्णिमा कब है?

2026 में शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्तूबर को है। जयपुर में शरद पूर्णिमा पूजा का शुभ मुहूर्त 23:45 से 00:36 तक है।

शरद पूर्णिमा की तिथि क्या है?

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। जयपुर में यह तिथि 25 अक्तूबर, 11:57 से 26 अक्तूबर, 09:42 तक है, और शरद पूर्णिमा का दिन मध्य रात्रि के निशीथ काल में चल रही तिथि से तय होता है।

जयपुर में शरद पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त क्या है?

25 अक्तूबर को 23:45 से 00:36 तक। यह निशीथ काल और पूर्णिमा तिथि का मेल है, जयपुर के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।

दूसरे कैलेंडर में शरद पूर्णिमा की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल शरद पूर्णिमा कब है?

2027 में गुरुवार, 14 अक्तूबर; 2028 में सोमवार, 2 अक्तूबर।