विवाह मुहूर्त 2026 — शादी की शुभ तारीखें

2026 में विवाह के 57 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 12 अभी बाकी हैं — अगला शनिवार, 21 नवंबर 2026 को 06:32 – 02:30 (22 नवंबर) है।

  • बेंगलुरु के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

2026 में महीनेवार विवाह मुहूर्त

महीनासंख्यातारीखेंटिप्पणी
जनवरी0—शुक्र अस्त · खरमास
फ़रवरी519, 20, 21, 25, 26अस्त के कारण 9 दिन छोड़े गए
मार्च82, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल815, 19, 20, 21, 25, 26, 28, 29
मई81, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून1019, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29
जुलाई61, 6, 7, 8, 11, 12अस्त के कारण 7 दिन छोड़े गए
अगस्त0—गुरु अस्त · चातुर्मास
सितंबर0—चातुर्मास
अक्तूबर0—चातुर्मास · शुक्र अस्त
नवंबर521, 24, 25, 26, 30
दिसंबर72, 3, 4, 5, 6, 11, 12

जनवरी 2026 विवाह मुहूर्त

शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक है।

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फ़रवरी 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 19 फ़रवरी 202620:52 – 06:39 (20 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 202606:39 – 01:52 (21 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 21 फ़रवरी 202613:01 – 19:07रेवतीशुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 25 फ़रवरी 202601:28 – 06:37 (26 फ़रवरी)मृगशिराशुक्ल नवमी → शुक्ल दशमीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 26 फ़रवरी 202606:37 – 12:11मृगशिराशुक्ल दशमीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण तैतिल — दोनों शुद्ध

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मार्च 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
सोमवार, 2 मार्च 202612:19 – 17:56
05:28 – 06:34 (3 मार्च)
मघाशुक्ल चतुर्दशी → पूर्णिमाविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 3 मार्च 202606:34 – 07:31मघापूर्णिमाविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण बव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 4 मार्च 202607:39 – 08:52उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग धृति, करण कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 7 मार्च 202611:15 – 06:31 (8 मार्च)स्वातिकृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 8 मार्च 202606:31 – 07:04स्वातिकृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण कौलव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 9 मार्च 202616:11 – 23:27अनुराधाकृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 11 मार्च 202622:00 – 06:28 (12 मार्च)मूलकृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 12 मार्च 202606:28 – 09:58मूलकृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं

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अप्रैल 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 15 अप्रैल 202615:22 – 22:31उत्तर भाद्रपदाकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 19 अप्रैल 202604:35 – 06:04 (20 अप्रैल)रोहिणीशुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 20 अप्रैल 202606:04 – 17:50
04:15 – 06:03 (21 अप्रैल)
रोहिणी, मृगशिराशुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थी (क्षय) → शुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण गरज / वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 21 अप्रैल 202606:03 – 12:31मृगशिराशुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 25 अप्रैल 202623:43 – 06:01 (26 अप्रैल)मघाशुक्ल दशमीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रविवार, 26 अप्रैल 202606:01 – 20:27मघाशुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 28 अप्रैल 202621:04 – 05:59 (29 अप्रैल)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तशुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 29 अप्रैल 202605:59 – 20:51हस्तशुक्ल त्रयोदशी → शुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं

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मई 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शुक्रवार, 1 मई 202610:00 – 21:13स्वातिपूर्णिमाविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव — दोनों शुद्ध
रविवार, 3 मई 202607:10 – 22:28अनुराधाकृष्ण द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 5 मई 202612:54 – 05:56 (6 मई)मूलकृष्ण चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 6 मई 202605:56 – 15:53मूलकृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 7 मई 202618:45 – 05:56 (8 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 8 मई 202605:56 – 12:22उत्तराषाढ़ाकृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण वणिज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 13 मई 202620:54 – 05:54 (14 मई)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 14 मई 202605:54 – 22:34रेवतीकृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध

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जून 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शुक्रवार, 19 जून 202610:07 – 14:53मघाशुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव — दोनों शुद्ध
रविवार, 21 जून 202609:31 – 11:21उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 22 जून 202610:31 – 05:54 (23 जून)हस्तशुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 23 जून 202605:54 – 10:13हस्तशुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 24 जून 202613:59 – 05:55 (25 जून)स्वातिशुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 25 जून 202605:55 – 07:08स्वातिशुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 26 जून 202619:16 – 05:55 (27 जून)अनुराधाशुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 27 जून 202605:55 – 22:11अनुराधाशुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रविवार, 28 जून 202601:09 – 03:06 (29 जून)मूलशुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग शुक्ल, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
सोमवार, 29 जून 202616:17 – 04:03 (30 जून)मूलपूर्णिमाविवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म, करण बव — दोनों शुद्ध

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जुलाई 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 1 जुलाई 202606:51 – 16:04उत्तराषाढ़ाकृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
सोमवार, 6 जुलाई 202601:41 – 05:58 (7 जुलाई)उत्तर भाद्रपदाकृष्ण सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 7 जुलाई 202605:58 – 14:31उत्तर भाद्रपदाकृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 8 जुलाई 202612:38 – 16:00रेवतीकृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 11 जुलाई 202600:05 – 06:00 (12 जुलाई)रोहिणीकृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 12 जुलाई 202606:00 – 22:30रोहिणी, मृगशिराकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध

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अगस्त 2026 विवाह मुहूर्त

गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।

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सितंबर 2026 विवाह मुहूर्त

चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।

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अक्तूबर 2026 विवाह मुहूर्त

चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है।

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नवंबर 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शनिवार, 21 नवंबर 202606:32 – 02:30 (22 नवंबर)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल द्वादशी (क्षय)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 24 नवंबर 202623:25 – 06:22 (25 नवंबर)रोहिणीकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 25 नवंबर 202606:22 – 06:23 (26 नवंबर)रोहिणी, मृगशिराकृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण बालव / कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 26 नवंबर 202606:23 – 17:47मृगशिराकृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 30 नवंबर 202612:55 – 14:27मघाकृष्ण सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बव — दोनों शुद्ध

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दिसंबर 2026 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 2 दिसंबर 202610:31 – 06:26 (3 दिसंबर)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण नवमी → कृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 3 दिसंबर 202606:26 – 10:54
23:04 – 06:27 (4 दिसंबर)
उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 4 दिसंबर 202606:27 – 10:23हस्तकृष्ण एकादशीविवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 5 दिसंबर 202611:49 – 06:28 (6 दिसंबर)स्वातिकृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 6 दिसंबर 202606:28 – 07:41स्वातिकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण गरज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 11 दिसंबर 202603:04 – 06:31 (12 दिसंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण गरज — दोनों शुद्ध
शनिवार, 12 दिसंबर 202606:31 – 03:28 (13 दिसंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं

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2026 में खरमास, चातुर्मास और अस्त

अवधिआरंभसमाप्ति
शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र26 नवंबर 2025, 11:5117 फ़रवरी 2026, 15:08
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2025, 04:2014 जनवरी 2026, 15:07
खरमास — मीन राशि में सूर्य15 मार्च 2026, 01:0314 अप्रैल 2026, 09:32
अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास)17 मई 2026, 01:3115 जून 2026, 08:24
गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु14 जुलाई 2026, 18:0413 अगस्त 2026, 15:53
चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी24 जुलाई 2026, 09:1320 नवंबर 2026, 07:16
शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र19 अक्तूबर 2026, 08:1529 अक्तूबर 2026, 09:40
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2026, 10:2514 जनवरी 2027, 21:10

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, 09:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, 07:16) तक।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, बेंगलुरु के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
गुरुवार, 15 जनवरी 2026शुक्र2.0° (सीमा 10°)05:47 – 06:45 (16 जनवरी)
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026शुक्र2.2° (सीमा 10°)06:45 – 21:06
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026शुक्र3.9° (सीमा 10°)15:59 – 06:46 (24 जनवरी)
शनिवार, 24 जनवरी 2026शुक्र4.1° (सीमा 10°)06:46 – 06:46 (25 जनवरी)
रविवार, 25 जनवरी 2026शुक्र4.4° (सीमा 10°)06:46 – 13:35
बुधवार, 28 जनवरी 2026शुक्र5.1° (सीमा 10°)09:27 – 03:17 (29 जनवरी)
गुरुवार, 29 जनवरी 2026शुक्र5.3° (सीमा 10°)13:55 – 20:27
सोमवार, 2 फ़रवरी 2026शुक्र6.3° (सीमा 10°)22:47 – 06:45 (3 फ़रवरी)
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026शुक्र6.5° (सीमा 10°)06:45 – 22:10
बुधवार, 4 फ़रवरी 2026शुक्र6.8° (सीमा 10°)01:04 – 06:44 (5 फ़रवरी)
गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026शुक्र7.0° (सीमा 10°)06:44 – 06:44 (6 फ़रवरी)
शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026शुक्र7.3° (सीमा 10°)06:44 – 23:37
रविवार, 8 फ़रवरी 2026शुक्र7.7° (सीमा 10°)00:08 – 05:02 (9 फ़रवरी)
मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026शुक्र8.2° (सीमा 10°)07:55 – 01:42 (11 फ़रवरी)
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026शुक्र8.7° (सीमा 10°)13:42 – 03:06 (13 फ़रवरी)
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026शुक्र9.2° (सीमा 10°)18:16 – 03:17 (15 फ़रवरी)
गुरुवार, 16 जुलाई 2026गुरु9.2° (सीमा 11°)19:52 – 01:22 (17 जुलाई)
शनिवार, 18 जुलाई 2026गुरु7.7° (सीमा 11°)18:00 – 20:45
रविवार, 19 जुलाई 2026गुरु7.0° (सीमा 11°)19:23 – 06:02 (20 जुलाई)
सोमवार, 20 जुलाई 2026गुरु6.2° (सीमा 11°)06:02 – 19:09
मंगलवार, 21 जुलाई 2026गुरु5.5° (सीमा 11°)20:49 – 06:02 (22 जुलाई)
बुधवार, 22 जुलाई 2026गुरु4.8° (सीमा 11°)06:02 – 23:03
गुरुवार, 23 जुलाई 2026गुरु4.0° (सीमा 11°)01:42 – 06:03 (24 जुलाई)

दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं

  • अस्त अंश से या दृष्टि से। यह पेज गुरु या शुक्र को तब अस्त मानता है जब वे अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में हों। कुछ पंचांग अस्त तब मानते हैं जब ग्रह सचमुच सूर्य की चमक में दिखना बंद हो जाए, जो छोटी अवधि होती है — इसलिए वे ऊपर की ‘अस्त के कारण छोड़े गए दिन’ तालिका के 23 दिनों में से कुछ को भी सूची में रखते हैं।
  • रिक्ता तिथि। यहाँ ये हटाई नहीं गईं, चिह्नित की गई हैं — बड़े पंचांग विवाह के लिए इन्हें मान्य रखते हैं।
  • खरमास और चातुर्मास। कुछ प्रकाशित सूचियों में इन अवधियों के भीतर की तारीखें भी मिलती हैं; यह पेज शास्त्रीय नियम मानकर दोनों को छोड़ता है।
  • अतिरिक्त दोष और लग्न। कुछ पंचांग हर दिन को और दोषों पर भी जाँचते हैं, जिससे कुछ तिथियाँ और घट जाती हैं। इस सूची को पंचांग-शुद्धि की शुरुआत मानें और अंतिम मुहूर्त पंडित से तय कराएँ।
  • शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

2026 में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं?

57। महीनेवार: फ़रवरी 5, मार्च 8, अप्रैल 8, मई 8, जून 10, जुलाई 6, नवंबर 5, दिसंबर 7। जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में कोई नहीं।

2026 का अगला विवाह मुहूर्त कब है?

शनिवार, 21 नवंबर 2026 को 06:32 – 02:30 (22 नवंबर), उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में (बेंगलुरु के समय अनुसार)।

2026 के किन महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं है?

जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर — शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है, चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है।

2026 में खरमास कब है?

खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक है।

2026 में चातुर्मास कब से कब तक है?

चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है — देवशयनी एकादशी के आरंभ से देवउठनी एकादशी के आरंभ तक। इस बीच विवाह नहीं होते।

2026 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?

शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।

क्या चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी को विवाह हो सकता है?

बड़े पंचांग इन रिक्ता तिथियों को विवाह के लिए मान्य रखते हैं, इसलिए यह सूची भी रखती है। 2026 की 16 तारीखों पर रिक्ता तिथि आती है और वे तालिका में चिह्नित हैं — जो परिवार रिक्ता टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।

दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?

मुख्य कारण अस्त गिनने का तरीका (अंश-सीमा या दृष्टि), अतिरिक्त दोष और लग्न की जाँच, और शहर का सूर्योदय हैं। हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है।