जून 2027 में विवाह मुहूर्त

जून 2027 में विवाह के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 5, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 18, 19, 21, 26, 27 और 28 जून। पहला मुहूर्त मंगलवार, 1 जून 2027 को 04:51 – 12:50 है।

  • कोलकाता के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

जून 2027 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
मंगलवार, 1 जून 202704:51 – 12:50रेवतीकृष्ण एकादशी (31 मई, 10:02 – 1 जून, 09:40)
कृष्ण द्वादशी (1 जून, 09:40 – 2 जून, 08:29)
विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 5 जून 202711:36 – 12:10मृगशिराशुक्ल प्रतिपदा (5 जून, 01:10 – 5 जून, 21:59)विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण बव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 9 जून 202719:48 – 04:51 (10 जून)मघाशुक्ल षष्ठी (9 जून, 09:35 – 10 जून, 07:12)विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 10 जून 202704:51 – 15:24मघाशुक्ल षष्ठी (9 जून, 09:35 – 10 जून, 07:12)
शुक्ल सप्तमी (10 जून, 07:12 – 11 जून, 05:14)
विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 11 जून 202717:27 – 04:51 (12 जून)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल अष्टमी (क्षय) (11 जून, 05:14 – 12 जून, 03:45)
शुक्ल नवमी (12 जून, 03:45 – 13 जून, 02:44)
विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 12 जून 202704:51 – 10:48उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल नवमी (12 जून, 03:45 – 13 जून, 02:44)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 13 जून 202709:05 – 17:00हस्तशुक्ल दशमी (13 जून, 02:44 – 14 जून, 02:12)विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 15 जून 202706:46 – 18:23स्वातिशुक्ल द्वादशी (15 जून, 02:08 – 16 जून, 02:31)विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 16 जून 202719:44 – 04:51 (17 जून)अनुराधाशुक्ल त्रयोदशी (16 जून, 02:31 – 17 जून, 03:20)
शुक्ल चतुर्दशी (17 जून, 03:20 – 18 जून, 04:35)
विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 17 जून 202704:51 – 21:30अनुराधाशुक्ल चतुर्दशी (17 जून, 03:20 – 18 जून, 04:35)विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शुक्रवार, 18 जून 202723:40 – 04:52 (19 जून)मूलपूर्णिमा (18 जून, 04:35 – 19 जून, 06:14)विवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण बव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 19 जून 202704:52 – 02:13 (20 जून)मूलपूर्णिमा (18 जून, 04:35 – 19 जून, 06:14)
कृष्ण प्रतिपदा (19 जून, 06:14 – 20 जून, 08:15)
विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 21 जून 202705:04 – 23:50उत्तराषाढ़ाकृष्ण द्वितीया (20 जून, 08:15 – 21 जून, 10:35)
कृष्ण तृतीया (21 जून, 10:35 – 22 जून, 13:07)
विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म / इन्द्र, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शनिवार, 26 जून 202719:23 – 04:53 (27 जून)उत्तर भाद्रपदाकृष्ण सप्तमी (25 जून, 20:17 – 26 जून, 21:52)
कृष्ण अष्टमी (26 जून, 21:52 – 27 जून, 22:45)
विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रविवार, 27 जून 202704:53 – 04:54 (28 जून)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण अष्टमी (26 जून, 21:52 – 27 जून, 22:45)
कृष्ण नवमी (27 जून, 22:45 – 28 जून, 22:49)
विवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
सोमवार, 28 जून 202704:54 – 11:45रेवतीकृष्ण नवमी (27 जून, 22:45 – 28 जून, 22:49)विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 07:35) तक।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, कोलकाता के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या जून 2027 में विवाह मुहूर्त है?

हाँ, 16 दिन: 1, 5, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 18, 19, 21, 26, 27 और 28 जून।

मंगलवार, 1 जून 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

04:51 – 12:50 — कोलकाता के समय अनुसार, रेवती नक्षत्र में।

जून 2027 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

बुधवार, 10 नवंबर 2027 को।