विवाह मुहूर्त 2027 — शादी की शुभ तारीखें

2027 में विवाह के 93 शुभ मुहूर्त हैं; पहला शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को और अंतिम मंगलवार, 14 दिसंबर 2027 को है।

  • श्रीनगर के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

2027 में महीनेवार विवाह मुहूर्त

महीनासंख्यातारीखेंटिप्पणी
जनवरी915, 19, 20, 23, 24, 26, 27, 30, 31
फ़रवरी132, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28
मार्च81, 2, 3, 4, 9, 10, 11, 14
अप्रैल918, 19, 21, 23, 24, 25, 26, 27, 28
मई194, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30, 31
जून161, 5, 9, 10, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 18, 19, 21, 26, 27, 28
जुलाई0—शुक्र अस्त · चातुर्मास
अगस्त0—शुक्र अस्त · चातुर्मास · गुरु अस्त
सितंबर0—शुक्र अस्त · चातुर्मास · गुरु अस्त
अक्तूबर0—चातुर्मास
नवंबर1210, 11, 12, 15, 16, 20, 21, 23, 24, 25, 26, 29
दिसंबर72, 7, 8, 9, 12, 13, 14

जनवरी 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शुक्रवार, 15 जनवरी 202707:36 – 14:14रेवतीशुक्ल सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण वणिज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 19 जनवरी 202707:50 – 07:34 (20 जनवरी)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल द्वादशी (क्षय) → शुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म / इन्द्र, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 20 जनवरी 202707:34 – 16:17मृगशिराशुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
शनिवार, 23 जनवरी 202704:53 – 07:32 (24 जनवरी)मघाकृष्ण द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 24 जनवरी 202707:32 – 21:30मघाकृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 26 जनवरी 202720:18 – 07:31 (27 जनवरी)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 27 जनवरी 202707:31 – 23:56हस्तकृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा / धृति, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शनिवार, 30 जनवरी 202703:55 – 07:28 (31 जनवरी)अनुराधाकृष्ण नवमी → कृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 31 जनवरी 202707:28 – 19:34अनुराधाकृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण वणिज — दोनों शुद्ध

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फ़रवरी 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
मंगलवार, 2 फ़रवरी 202717:47 – 07:26 (3 फ़रवरी)मूलकृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
बुधवार, 3 फ़रवरी 202707:26 – 12:26मूलकृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 9 फ़रवरी 202703:40 – 07:20 (10 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 10 फ़रवरी 202707:20 – 14:46
03:05 – 07:19 (11 फ़रवरी)
उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल चतुर्थी → शुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 11 फ़रवरी 202707:19 – 05:42 (12 फ़रवरी)रेवतीशुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रविवार, 14 फ़रवरी 202704:46 – 07:15 (15 फ़रवरी)रोहिणीशुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
सोमवार, 15 फ़रवरी 202707:15 – 12:33रोहिणीशुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 21 फ़रवरी 202711:27 – 13:51मघाकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण बालव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 22 फ़रवरी 202711:55 – 05:00 (23 फ़रवरी)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग धृति, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 25 फ़रवरी 202709:33 – 07:03 (26 फ़रवरी)स्वातिकृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि / ध्रुव, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 26 फ़रवरी 202707:03 – 10:13स्वातिकृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शनिवार, 27 फ़रवरी 202722:08 – 07:01 (28 फ़रवरी)अनुराधाकृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव — दोनों शुद्ध
रविवार, 28 फ़रवरी 202707:01 – 13:47अनुराधाकृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध

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मार्च 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
सोमवार, 1 मार्च 202723:11 – 06:58 (2 मार्च)मूलकृष्ण नवमी → कृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 2 मार्च 202706:58 – 15:25मूलकृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण वणिज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 3 मार्च 202701:06 – 06:56 (4 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 4 मार्च 202706:56 – 01:35 (5 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 9 मार्च 202709:58 – 06:48 (10 मार्च)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल प्रतिपदा → शुक्ल द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 10 मार्च 202706:48 – 06:47 (11 मार्च)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल द्वितीया → शुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 11 मार्च 202706:47 – 11:20रेवतीशुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म, करण गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 14 मार्च 202717:10 – 06:41 (15 मार्च)रोहिणीशुक्ल सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध

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अप्रैल 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
रविवार, 18 अप्रैल 202706:06 – 21:58उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
सोमवार, 19 अप्रैल 202719:44 – 04:40 (20 अप्रैल)हस्तशुक्ल चतुर्दशी (क्षय)विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 21 अप्रैल 202716:10 – 04:44 (22 अप्रैल)स्वातिकृष्ण प्रतिपदा → कृष्ण द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 23 अप्रैल 202714:13 – 15:54
04:21 – 05:49 (24 अप्रैल)
अनुराधाकृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 24 अप्रैल 202705:49 – 06:57अनुराधाकृष्ण चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 25 अप्रैल 202714:11 – 05:47 (26 अप्रैल)मूलकृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
सोमवार, 26 अप्रैल 202705:47 – 11:30मूलकृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 27 अप्रैल 202723:13 – 05:45 (28 अप्रैल)उत्तराषाढ़ाकृष्ण सप्तमीविवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण बव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 28 अप्रैल 202705:45 – 17:30उत्तराषाढ़ाकृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध

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मई 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
मंगलवार, 4 मई 202716:14 – 19:31रेवतीकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 7 मई 202723:42 – 05:35 (8 मई)रोहिणीशुक्ल द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 8 मई 202702:37 – 05:34 (9 मई)मृगशिराशुक्ल तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 9 मई 202705:34 – 19:43मृगशिराशुक्ल तृतीया → शुक्ल चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 13 मई 202713:41 – 05:30 (14 मई)मघाशुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शुक्रवार, 14 मई 202705:30 – 08:50मघाशुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 15 मई 202712:00 – 04:31 (16 मई)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 16 मई 202702:42 – 05:27 (17 मई)हस्तशुक्ल द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 17 मई 202705:27 – 11:29हस्तशुक्ल द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 18 मई 202723:55 – 05:26 (19 मई)स्वातिशुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 19 मई 202705:26 – 12:19स्वातिशुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 20 मई 202722:26 – 05:25 (21 मई)अनुराधाकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 21 मई 202705:25 – 14:51अनुराधाकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 22 मई 202716:50 – 05:24 (23 मई)मूलकृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 23 मई 202705:24 – 07:42मूलकृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 24 मई 202722:08 – 05:23 (25 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण चतुर्थी → कृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 25 मई 202705:23 – 01:12 (26 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमीविवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रविवार, 30 मई 202711:32 – 21:55उत्तर भाद्रपदाकृष्ण दशमीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 31 मई 202710:02 – 05:20 (1 जून)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण एकादशीविवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध

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जून 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
मंगलवार, 1 जून 202705:20 – 12:50रेवतीकृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 5 जून 202711:36 – 12:10मृगशिराशुक्ल प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग धृति, करण बव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 9 जून 202719:48 – 05:18 (10 जून)मघाशुक्ल षष्ठीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 10 जून 202705:18 – 15:24मघाशुक्ल षष्ठी → शुक्ल सप्तमी (क्षय)विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 11 जून 202717:27 – 05:18 (12 जून)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल अष्टमी → शुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 12 जून 202705:18 – 10:48उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल नवमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
रविवार, 13 जून 202709:05 – 17:00हस्तशुक्ल दशमीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 15 जून 202706:46 – 18:23स्वातिशुक्ल द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 16 जून 202719:44 – 05:18 (17 जून)अनुराधाशुक्ल त्रयोदशी → शुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 17 जून 202705:18 – 21:30अनुराधाशुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शुक्रवार, 18 जून 202723:40 – 05:19 (19 जून)मूलपूर्णिमाविवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण बव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 19 जून 202705:19 – 02:13 (20 जून)मूलपूर्णिमा → कृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 21 जून 202705:19 – 23:50उत्तराषाढ़ाकृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म / इन्द्र, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शनिवार, 26 जून 202719:23 – 05:21 (27 जून)उत्तर भाद्रपदाकृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रविवार, 27 जून 202705:21 – 05:21 (28 जून)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
सोमवार, 28 जून 202705:21 – 11:45रेवतीकृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं

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जुलाई 2027 विवाह मुहूर्त

शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

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अगस्त 2027 विवाह मुहूर्त

शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।

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सितंबर 2027 विवाह मुहूर्त

शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।

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अक्तूबर 2027 विवाह मुहूर्त

चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

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नवंबर 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 10 नवंबर 202709:11 – 23:40उत्तर भाद्रपदाशुक्ल द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 11 नवंबर 202722:57 – 06:59 (12 नवंबर)रेवतीशुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 12 नवंबर 202706:59 – 07:55रेवतीशुक्ल त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध
सोमवार, 15 नवंबर 202715:21 – 07:03 (16 नवंबर)रोहिणी, मृगशिराकृष्ण द्वितीया (क्षय) → कृष्ण तृतीयाविवाह नक्षत्र; योग शिव, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 16 नवंबर 202707:03 – 16:43
03:42 – 04:42 (17 नवंबर)
मृगशिराकृष्ण तृतीया → कृष्ण चतुर्थीविवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 20 नवंबर 202723:07 – 07:08 (21 नवंबर)मघाकृष्ण अष्टमीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रविवार, 21 नवंबर 202707:08 – 19:25मघाकृष्ण अष्टमी → कृष्ण नवमीविवाह नक्षत्र; योग इन्द्र, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 23 नवंबर 202714:08 – 07:11 (24 नवंबर)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण एकादशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 24 नवंबर 202707:11 – 18:53हस्तकृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशीविवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 25 नवंबर 202718:17 – 07:12 (26 नवंबर)स्वातिकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 26 नवंबर 202707:12 – 09:48स्वातिकृष्ण त्रयोदशीविवाह नक्षत्र; योग सौभाग्य / शोभन, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 29 नवंबर 202719:47 – 02:30 (30 नवंबर)मूलशुक्ल द्वितीयाविवाह नक्षत्र; योग धृति, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध

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दिसंबर 2027 विवाह मुहूर्त

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 2 दिसंबर 202713:44 – 02:30 (3 दिसंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल पंचमीविवाह नक्षत्र; योग वृद्धि, करण बव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 7 दिसंबर 202714:15 – 06:57 (8 दिसंबर)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल नवमी → शुक्ल दशमीविवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 8 दिसंबर 202706:34 – 07:24 (9 दिसंबर)रेवतीशुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 9 दिसंबर 202707:24 – 15:15रेवतीशुक्ल एकादशीविवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 12 दिसंबर 202716:42 – 23:55रोहिणीशुक्ल चतुर्दशीविवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
सोमवार, 13 दिसंबर 202710:50 – 07:27 (14 दिसंबर)रोहिणी, मृगशिरापूर्णिमा → कृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 14 दिसंबर 202707:27 – 13:25मृगशिराकृष्ण प्रतिपदाविवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध

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2027 में खरमास, चातुर्मास और अस्त

अवधिआरंभसमाप्ति
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2026, 10:2514 जनवरी 2027, 21:10
खरमास — मीन राशि में सूर्य15 मार्च 2027, 07:0014 अप्रैल 2027, 15:29
शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र6 जुलाई 2027, 20:4217 सितंबर 2027, 22:49
चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी13 जुलाई 2027, 12:099 नवंबर 2027, 07:35
गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु16 अगस्त 2027, 19:4215 सितंबर 2027, 03:12
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2027, 16:3915 जनवरी 2028, 03:24

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 07:35) तक।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, श्रीनगर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
मंगलवार, 6 जुलाई 2027शुक्र9.9° (सीमा 10°)04:03 – 05:25 (7 जुलाई)
बुधवार, 7 जुलाई 2027शुक्र9.6° (सीमा 10°)05:25 – 08:13
18:44 – 23:58
गुरुवार, 8 जुलाई 2027शुक्र9.4° (सीमा 10°)00:18 – 05:26 (9 जुलाई)
शुक्रवार, 9 जुलाई 2027शुक्र9.1° (सीमा 10°)05:26 – 18:16
रविवार, 11 जुलाई 2027शुक्र8.5° (सीमा 10°)23:05 – 05:28 (12 जुलाई)
सोमवार, 12 जुलाई 2027शुक्र8.3° (सीमा 10°)05:28 – 23:56

दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं

  • अस्त अंश से या दृष्टि से। यह पेज गुरु या शुक्र को तब अस्त मानता है जब वे अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में हों। कुछ पंचांग अस्त तब मानते हैं जब ग्रह सचमुच सूर्य की चमक में दिखना बंद हो जाए, जो छोटी अवधि होती है — इसलिए वे ऊपर की ‘अस्त के कारण छोड़े गए दिन’ तालिका के 6 दिनों में से कुछ को भी सूची में रखते हैं।
  • रिक्ता तिथि। यहाँ ये हटाई नहीं गईं, चिह्नित की गई हैं — बड़े पंचांग विवाह के लिए इन्हें मान्य रखते हैं।
  • खरमास और चातुर्मास। कुछ प्रकाशित सूचियों में इन अवधियों के भीतर की तारीखें भी मिलती हैं; यह पेज शास्त्रीय नियम मानकर दोनों को छोड़ता है।
  • अतिरिक्त दोष और लग्न। कुछ पंचांग हर दिन को और दोषों पर भी जाँचते हैं, जिससे कुछ तिथियाँ और घट जाती हैं। इस सूची को पंचांग-शुद्धि की शुरुआत मानें और अंतिम मुहूर्त पंडित से तय कराएँ।
  • शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

2027 में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं?

93। महीनेवार: जनवरी 9, फ़रवरी 13, मार्च 8, अप्रैल 9, मई 19, जून 16, नवंबर 12, दिसंबर 7। जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में कोई नहीं।

2027 का पहला विवाह मुहूर्त कब है?

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को 07:36 – 14:14, रेवती नक्षत्र में (श्रीनगर के समय अनुसार)।

2027 के किन महीनों में विवाह मुहूर्त नहीं है?

जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर — शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है, चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है।

2027 में खरमास कब है?

खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक है, खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2027 से 14 अप्रैल 2027 तक है और खरमास (धनु राशि में सूर्य) 16 दिसंबर 2027 से 15 जनवरी 2028 तक है।

2027 में चातुर्मास कब से कब तक है?

चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है — देवशयनी एकादशी के आरंभ से देवउठनी एकादशी के आरंभ तक। इस बीच विवाह नहीं होते।

2027 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?

शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और गुरु 16 अगस्त 2027 से 15 सितंबर 2027 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।

क्या चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी को विवाह हो सकता है?

बड़े पंचांग इन रिक्ता तिथियों को विवाह के लिए मान्य रखते हैं, इसलिए यह सूची भी रखती है। 2027 की 25 तारीखों पर रिक्ता तिथि आती है और वे तालिका में चिह्नित हैं — जो परिवार रिक्ता टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।

दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?

मुख्य कारण अस्त गिनने का तरीका (अंश-सीमा या दृष्टि), अतिरिक्त दोष और लग्न की जाँच, और शहर का सूर्योदय हैं। हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है।