चतुर्थी 2026 में कब है

2026 में चतुर्थी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका दुबई के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी चतुर्थी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
मंगलवार, 6 जनवरी 2026कृष्णमाघ6 जन, 06:327 जन, 05:23—
गुरुवार, 22 जनवरी 2026शुक्लमाघ22 जन, 01:1823 जन, 00:59—
गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन4 फ़र, 22:405 फ़र, 22:53—
शनिवार, 21 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन20 फ़र, 13:0921 फ़र, 11:31—
शनिवार, 7 मार्च 2026कृष्णचैत्र6 मार्च, 16:237 मार्च, 17:48—
रविवार, 22 मार्च 2026शुक्लचैत्र21 मार्च, 22:2622 मार्च, 19:47—
सोमवार, 6 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख5 अप्रै, 10:306 अप्रै, 12:41—
सोमवार, 20 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख20 अप्रै, 05:5821 अप्रै, 02:45क्षय तिथि
मंगलवार, 5 मई 2026कृष्णज्येष्ठ5 मई, 03:556 मई, 06:21अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 20 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ19 मई, 12:4920 मई, 09:37—
गुरुवार, 4 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ3 जून, 19:524 जून, 22:01—
गुरुवार, 18 जून 2026शुक्लज्येष्ठ17 जून, 20:0918 जून, 17:29—
शनिवार, 4 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़3 जुला, 09:514 जुला, 11:10—
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़17 जुला, 04:5818 जुला, 03:13—
रविवार, 2 अगस्त 2026कृष्णश्रावण1 अग, 21:382 अग, 21:46—
रविवार, 16 अगस्त 2026शुक्लश्रावण15 अग, 15:5916 अग, 15:23—
मंगलवार, 1 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद31 अग, 07:221 सित, 06:12—
सोमवार, 14 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद14 सित, 05:3715 सित, 06:15अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 30 सितंबर 2026कृष्णआश्विन29 सित, 15:4030 सित, 13:26—
बुधवार, 14 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन13 अक्टू, 21:5814 अक्टू, 23:44—
गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026कृष्णकार्तिक28 अक्टू, 23:3729 अक्टू, 20:40—
शुक्रवार, 13 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक12 नव, 16:4013 नव, 19:13—
शुक्रवार, 27 नवंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष27 नव, 08:1928 नव, 05:10क्षय तिथि
रविवार, 13 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष12 दिस, 12:3713 दिस, 15:18—
रविवार, 27 दिसंबर 2026कृष्णपौष26 दिस, 18:3527 दिस, 15:44—

समय दुबई के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

चतुर्थी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 6 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 6 जन, 06:32 → 7 जन, 05:23
  • गुरुवार, 22 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 22 जन, 01:18 → 23 जन, 00:59

चतुर्थी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 4 फ़र, 22:40 → 5 फ़र, 22:53
  • शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 20 फ़र, 13:09 → 21 फ़र, 11:31

चतुर्थी मार्च 2026

मार्च 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 7 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 6 मार्च, 16:23 → 7 मार्च, 17:48
  • रविवार, 22 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 21 मार्च, 22:26 → 22 मार्च, 19:47

चतुर्थी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 6 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 5 अप्रै, 10:30 → 6 अप्रै, 12:41
  • सोमवार, 20 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 20 अप्रै, 05:58 → 21 अप्रै, 02:45 (क्षय तिथि)

चतुर्थी मई 2026

मई 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 5 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 5 मई, 03:55 → 6 मई, 06:21 (अगले दिन भी मान्य)
  • बुधवार, 20 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 19 मई, 12:49 → 20 मई, 09:37

चतुर्थी जून 2026

जून 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 4 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 3 जून, 19:52 → 4 जून, 22:01
  • गुरुवार, 18 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 17 जून, 20:09 → 18 जून, 17:29

चतुर्थी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 4 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 3 जुला, 09:51 → 4 जुला, 11:10
  • शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 17 जुला, 04:58 → 18 जुला, 03:13

चतुर्थी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 2 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 1 अग, 21:38 → 2 अग, 21:46
  • रविवार, 16 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 15 अग, 15:59 → 16 अग, 15:23

चतुर्थी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में चतुर्थी 3 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 1 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 31 अग, 07:22 → 1 सित, 06:12
  • सोमवार, 14 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 14 सित, 05:37 → 15 सित, 06:15 (अगले दिन भी मान्य)
  • बुधवार, 30 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 29 सित, 15:40 → 30 सित, 13:26

चतुर्थी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 14 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 13 अक्टू, 21:58 → 14 अक्टू, 23:44
  • गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 28 अक्टू, 23:37 → 29 अक्टू, 20:40

चतुर्थी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 12 नव, 16:40 → 13 नव, 19:13
  • शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 27 नव, 08:19 → 28 नव, 05:10 (क्षय तिथि)

चतुर्थी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में चतुर्थी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 13 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 12 दिस, 12:37 → 13 दिस, 15:18
  • रविवार, 27 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 26 दिस, 18:35 → 27 दिस, 15:44

चतुर्थी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

चतुर्थी कब है 2026 में?

2026 में अगली चतुर्थी बुधवार, 14 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 13 अक्टू, 21:58 → 14 अक्टू, 23:44 तक चलती है (दुबई के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में चतुर्थी कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल चतुर्थी और कृष्ण चतुर्थी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। चतुर्थी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में चतुर्थी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या चतुर्थी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो दुबई में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

चतुर्थी को और किन नामों से खोजा जाता है?

चौथ, चतुर्थी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय चतुर्थी क्या होती है?

2026 में 2 बार चतुर्थी क्षय तिथि है: सोमवार, 20 अप्रैल 2026; शुक्रवार, 27 नवंबर 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।