सप्तमी 2026 में कब है

2026 में सप्तमी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका दुबई के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी सप्तमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
शुक्रवार, 9 जनवरी 2026कृष्णमाघ9 जन, 05:3610 जन, 06:54—
रविवार, 25 जनवरी 2026शुक्लमाघ24 जन, 23:1125 जन, 21:41—
रविवार, 8 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन8 फ़र, 01:259 फ़र, 03:31—
सोमवार, 23 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन23 फ़र, 07:4024 फ़र, 05:32क्षय तिथि
मंगलवार, 10 मार्च 2026कृष्णचैत्र9 मार्च, 21:5711 मार्च, 00:25—
बुधवार, 25 मार्च 2026शुक्लचैत्र24 मार्च, 14:3825 मार्च, 12:21—
गुरुवार, 9 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख8 अप्रै, 17:329 अप्रै, 19:50—
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख22 अप्रै, 21:2023 अप्रै, 19:19—
शनिवार, 9 मई 2026कृष्णज्येष्ठ8 मई, 10:529 मई, 12:33—
शुक्रवार, 22 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ22 मई, 04:5523 मई, 03:35—
रविवार, 7 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ7 जून, 01:118 जून, 01:55—
रविवार, 21 जून 2026शुक्लज्येष्ठ20 जून, 14:1721 जून, 13:51—
मंगलवार, 7 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़6 जुला, 12:187 जुला, 11:56—
सोमवार, 20 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़20 जुला, 02:0021 जुला, 02:33—
बुधवार, 5 अगस्त 2026कृष्णश्रावण4 अग, 20:345 अग, 19:13—
बुधवार, 19 अगस्त 2026शुक्लश्रावण18 अग, 16:2119 अग, 17:50—
गुरुवार, 3 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद3 सित, 02:574 सित, 00:56—
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद17 सित, 09:1818 सित, 11:32—
शनिवार, 3 अक्तूबर 2026कृष्णआश्विन2 अक्टू, 08:463 अक्टू, 06:30—
शनिवार, 17 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन17 अक्टू, 04:2518 अक्टू, 06:58अगले दिन भी मान्य
रविवार, 1 नवंबर 2026कृष्णकार्तिक31 अक्टू, 15:281 नव, 13:22—
सोमवार, 16 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक16 नव, 00:3117 नव, 02:50—
सोमवार, 30 नवंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष30 नव, 00:1730 नव, 22:42—
बुधवार, 16 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष15 दिस, 19:5016 दिस, 21:16—
बुधवार, 30 दिसंबर 2026कृष्णपौष29 दिस, 11:5530 दिस, 11:07—

समय दुबई के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

सप्तमी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 9 जन, 05:36 → 10 जन, 06:54
  • रविवार, 25 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 24 जन, 23:11 → 25 जन, 21:41

सप्तमी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 8 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 8 फ़र, 01:25 → 9 फ़र, 03:31
  • सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 23 फ़र, 07:40 → 24 फ़र, 05:32 (क्षय तिथि)

सप्तमी मार्च 2026

मार्च 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 10 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 9 मार्च, 21:57 → 11 मार्च, 00:25
  • बुधवार, 25 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 24 मार्च, 14:38 → 25 मार्च, 12:21

सप्तमी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 8 अप्रै, 17:32 → 9 अप्रै, 19:50
  • गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 22 अप्रै, 21:20 → 23 अप्रै, 19:19

सप्तमी मई 2026

मई 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 9 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 8 मई, 10:52 → 9 मई, 12:33
  • शुक्रवार, 22 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 22 मई, 04:55 → 23 मई, 03:35

सप्तमी जून 2026

जून 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 7 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 7 जून, 01:11 → 8 जून, 01:55
  • रविवार, 21 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 20 जून, 14:17 → 21 जून, 13:51

सप्तमी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 7 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 6 जुला, 12:18 → 7 जुला, 11:56
  • सोमवार, 20 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 20 जुला, 02:00 → 21 जुला, 02:33

सप्तमी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 5 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 4 अग, 20:34 → 5 अग, 19:13
  • बुधवार, 19 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 18 अग, 16:21 → 19 अग, 17:50

सप्तमी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 3 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 3 सित, 02:57 → 4 सित, 00:56
  • शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 17 सित, 09:18 → 18 सित, 11:32

सप्तमी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 3 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 2 अक्टू, 08:46 → 3 अक्टू, 06:30
  • शनिवार, 17 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 17 अक्टू, 04:25 → 18 अक्टू, 06:58 (अगले दिन भी मान्य)

सप्तमी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में सप्तमी 3 बार पड़ती है।

  • रविवार, 1 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 31 अक्टू, 15:28 → 1 नव, 13:22
  • सोमवार, 16 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 16 नव, 00:31 → 17 नव, 02:50
  • सोमवार, 30 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 30 नव, 00:17 → 30 नव, 22:42

सप्तमी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 16 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 15 दिस, 19:50 → 16 दिस, 21:16
  • बुधवार, 30 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 29 दिस, 11:55 → 30 दिस, 11:07

सप्तमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

सप्तमी कब है 2026 में?

2026 में अगली सप्तमी शनिवार, 17 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 17 अक्टू, 04:25 → 18 अक्टू, 06:58 तक चलती है (दुबई के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में सप्तमी कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल सप्तमी और कृष्ण सप्तमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। सप्तमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में सप्तमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या सप्तमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो दुबई में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

सप्तमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

सप्तमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय सप्तमी क्या होती है?

2026 में 1 बार सप्तमी क्षय तिथि है: सोमवार, 23 फ़रवरी 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।