दशमी 2026 में कब है

2026 में दशमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका सिंगापुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी दशमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
मंगलवार, 13 जनवरी 2026कृष्णमाघ12 जन, 15:1313 जन, 17:48—
बुधवार, 28 जनवरी 2026शुक्लमाघ27 जन, 21:3628 जन, 19:07—
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन11 फ़र, 12:2912 फ़र, 14:52—
गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन26 फ़र, 05:1127 फ़र, 03:04—
शनिवार, 14 मार्च 2026कृष्णचैत्र13 मार्च, 08:5914 मार्च, 10:41—
शनिवार, 28 मार्च 2026शुक्लचैत्र27 मार्च, 12:3828 मार्च, 11:16—
रविवार, 12 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख12 अप्रै, 03:0813 अप्रै, 03:47—
रविवार, 26 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख25 अप्रै, 20:5826 अप्रै, 20:37—
मंगलवार, 12 मई 2026कृष्णज्येष्ठ11 मई, 17:5512 मई, 17:23—
मंगलवार, 26 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ25 मई, 07:0126 मई, 07:41—
बुधवार, 10 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ10 जून, 05:0511 जून, 03:28—
बुधवार, 24 जून 2026शुक्लज्येष्ठ23 जून, 19:1024 जून, 20:43—
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़9 जुला, 13:0810 जुला, 10:46—
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़23 जुला, 09:3324 जुला, 11:43—
शनिवार, 8 अगस्त 2026कृष्णश्रावण7 अग, 19:088 अग, 16:29—
शनिवार, 22 अगस्त 2026शुक्लश्रावण22 अग, 02:0723 अग, 04:31—
रविवार, 6 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद6 सित, 00:246 सित, 21:59—
सोमवार, 21 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद20 सित, 20:2221 सित, 22:31—
सोमवार, 5 अक्तूबर 2026कृष्णआश्विन5 अक्टू, 06:246 अक्टू, 04:38—
बुधवार, 21 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन20 अक्टू, 15:2121 अक्टू, 16:42—
बुधवार, 4 नवंबर 2026कृष्णकार्तिक3 नव, 14:254 नव, 13:33—
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक19 नव, 09:3720 नव, 09:46—
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष3 दिस, 01:224 दिस, 01:34—
शनिवार, 19 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष19 दिस, 01:4520 दिस, 00:39—

समय सिंगापुर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

दशमी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 13 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 12 जन, 15:13 → 13 जन, 17:48
  • बुधवार, 28 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 27 जन, 21:36 → 28 जन, 19:07

दशमी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 11 फ़र, 12:29 → 12 फ़र, 14:52
  • गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 26 फ़र, 05:11 → 27 फ़र, 03:04

दशमी मार्च 2026

मार्च 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 14 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 13 मार्च, 08:59 → 14 मार्च, 10:41
  • शनिवार, 28 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 27 मार्च, 12:38 → 28 मार्च, 11:16

दशमी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 12 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 12 अप्रै, 03:08 → 13 अप्रै, 03:47
  • रविवार, 26 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 25 अप्रै, 20:58 → 26 अप्रै, 20:37

दशमी मई 2026

मई 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 12 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 11 मई, 17:55 → 12 मई, 17:23
  • मंगलवार, 26 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 25 मई, 07:01 → 26 मई, 07:41

दशमी जून 2026

जून 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 10 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 10 जून, 05:05 → 11 जून, 03:28
  • बुधवार, 24 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 23 जून, 19:10 → 24 जून, 20:43

दशमी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 9 जुला, 13:08 → 10 जुला, 10:46
  • शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 23 जुला, 09:33 → 24 जुला, 11:43

दशमी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 8 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 7 अग, 19:08 → 8 अग, 16:29
  • शनिवार, 22 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 22 अग, 02:07 → 23 अग, 04:31

दशमी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 6 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 6 सित, 00:24 → 6 सित, 21:59
  • सोमवार, 21 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 20 सित, 20:22 → 21 सित, 22:31

दशमी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 5 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 5 अक्टू, 06:24 → 6 अक्टू, 04:38
  • बुधवार, 21 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 20 अक्टू, 15:21 → 21 अक्टू, 16:42

दशमी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 4 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 3 नव, 14:25 → 4 नव, 13:33
  • शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 19 नव, 09:37 → 20 नव, 09:46

दशमी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में दशमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 3 दिस, 01:22 → 4 दिस, 01:34
  • शनिवार, 19 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 19 दिस, 01:45 → 20 दिस, 00:39

दशमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

दशमी कब है 2026 में?

2026 में अगली दशमी बुधवार, 21 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 20 अक्टू, 15:21 → 21 अक्टू, 16:42 तक चलती है (सिंगापुर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में दशमी कितनी बार आती है?

24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल दशमी और कृष्ण दशमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। दशमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में दशमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या दशमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो सिंगापुर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

दशमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

दशमी तिथि, दसमी — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।