तिथि कैलेंडर · सिंगापुर
त्रयोदशी 2026 में कब है
2026 में त्रयोदशी 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
- यह तालिका सिंगापुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
2026 की सभी त्रयोदशी तिथियाँ
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 1 जनवरी 2026 | शुक्ल | पौष | 1 जन, 04:19 | 2 जन, 00:52 | — |
| शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 | कृष्ण | माघ | 15 जन, 22:47 | 17 जन, 00:52 | — |
| शनिवार, 31 जनवरी 2026 | शुक्ल | माघ | 30 जन, 13:39 | 31 जन, 10:56 | — |
| रविवार, 15 फ़रवरी 2026 | कृष्ण | फाल्गुन | 14 फ़र, 18:32 | 15 फ़र, 19:35 | — |
| रविवार, 1 मार्च 2026 | शुक्ल | फाल्गुन | 28 फ़र, 23:14 | 1 मार्च, 21:40 | — |
| मंगलवार, 17 मार्च 2026 | कृष्ण | चैत्र | 16 मार्च, 12:11 | 17 मार्च, 11:53 | — |
| मंगलवार, 31 मार्च 2026 | शुक्ल | चैत्र | 30 मार्च, 09:40 | 31 मार्च, 09:27 | — |
| बुधवार, 15 अप्रैल 2026 | कृष्ण | वैशाख | 15 अप्रै, 02:43 | 16 अप्रै, 01:01 | — |
| बुधवार, 29 अप्रैल 2026 | शुक्ल | वैशाख | 28 अप्रै, 21:22 | 29 अप्रै, 22:22 | — |
| शुक्रवार, 15 मई 2026 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 14 मई, 13:51 | 15 मई, 11:02 | — |
| शुक्रवार, 29 मई 2026 | शुक्ल | अधिक ज्येष्ठ | 28 मई, 10:27 | 29 मई, 12:21 | — |
| शनिवार, 13 जून 2026 | कृष्ण | अधिक ज्येष्ठ | 12 जून, 22:07 | 13 जून, 18:38 | — |
| शनिवार, 27 जून 2026 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 27 जून, 00:53 | 28 जून, 03:14 | — |
| रविवार, 12 जुलाई 2026 | कृष्ण | आषाढ़ | 12 जुला, 04:35 | 13 जुला, 01:00 | — |
| सोमवार, 27 जुलाई 2026 | शुक्ल | आषाढ़ | 26 जुला, 16:28 | 27 जुला, 18:46 | — |
| मंगलवार, 11 अगस्त 2026 | कृष्ण | श्रावण | 10 अग, 10:31 | 11 अग, 07:25 | — |
| बुधवार, 26 अगस्त 2026 | शुक्ल | श्रावण | 25 अग, 08:51 | 26 अग, 10:30 | — |
| बुधवार, 9 सितंबर 2026 | कृष्ण | भाद्रपद | 8 सित, 17:13 | 9 सित, 15:01 | — |
| गुरुवार, 24 सितंबर 2026 | शुक्ल | भाद्रपद | 24 सित, 01:21 | 25 सित, 01:49 | — |
| गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 | कृष्ण | आश्विन | 8 अक्टू, 01:47 | 9 अक्टू, 00:46 | — |
| शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 | शुक्ल | आश्विन | 23 अक्टू, 17:06 | 24 अक्टू, 16:07 | — |
| शनिवार, 7 नवंबर 2026 | कृष्ण | कार्तिक | 6 नव, 13:01 | 7 नव, 13:18 | — |
| रविवार, 22 नवंबर 2026 | शुक्ल | कार्तिक | 22 नव, 07:27 | 23 नव, 05:07 | क्षय तिथि |
| रविवार, 6 दिसंबर 2026 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 6 दिस, 03:22 | 7 दिस, 04:52 | — |
| मंगलवार, 22 दिसंबर 2026 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 21 दिस, 20:06 | 22 दिस, 16:54 | — |
समय सिंगापुर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
त्रयोदशी जनवरी 2026
जनवरी 2026 में त्रयोदशी 3 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 1 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 1 जन, 04:19 → 2 जन, 00:52
- शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 15 जन, 22:47 → 17 जन, 00:52
- शनिवार, 31 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 30 जन, 13:39 → 31 जन, 10:56
त्रयोदशी फ़रवरी 2026
फ़रवरी 2026 में त्रयोदशी 1 बार पड़ती है।
- रविवार, 15 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 14 फ़र, 18:32 → 15 फ़र, 19:35
त्रयोदशी मार्च 2026
मार्च 2026 में त्रयोदशी 3 बार पड़ती है।
- रविवार, 1 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 28 फ़र, 23:14 → 1 मार्च, 21:40
- मंगलवार, 17 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 16 मार्च, 12:11 → 17 मार्च, 11:53
- मंगलवार, 31 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 30 मार्च, 09:40 → 31 मार्च, 09:27
त्रयोदशी अप्रैल 2026
अप्रैल 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 15 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 15 अप्रै, 02:43 → 16 अप्रै, 01:01
- बुधवार, 29 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 28 अप्रै, 21:22 → 29 अप्रै, 22:22
त्रयोदशी मई 2026
मई 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 15 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 14 मई, 13:51 → 15 मई, 11:02
- शुक्रवार, 29 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 28 मई, 10:27 → 29 मई, 12:21
त्रयोदशी जून 2026
जून 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 12 जून, 22:07 → 13 जून, 18:38
- शनिवार, 27 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 27 जून, 00:53 → 28 जून, 03:14
त्रयोदशी जुलाई 2026
जुलाई 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 12 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 12 जुला, 04:35 → 13 जुला, 01:00
- सोमवार, 27 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 26 जुला, 16:28 → 27 जुला, 18:46
त्रयोदशी अगस्त 2026
अगस्त 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 11 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 10 अग, 10:31 → 11 अग, 07:25
- बुधवार, 26 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 25 अग, 08:51 → 26 अग, 10:30
त्रयोदशी सितंबर 2026
सितंबर 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 9 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 8 सित, 17:13 → 9 सित, 15:01
- गुरुवार, 24 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 24 सित, 01:21 → 25 सित, 01:49
त्रयोदशी अक्तूबर 2026
अक्तूबर 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 8 अक्टू, 01:47 → 9 अक्टू, 00:46
- शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 23 अक्टू, 17:06 → 24 अक्टू, 16:07
त्रयोदशी नवंबर 2026
नवंबर 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 7 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 6 नव, 13:01 → 7 नव, 13:18
- रविवार, 22 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 22 नव, 07:27 → 23 नव, 05:07 (क्षय तिथि)
त्रयोदशी दिसंबर 2026
दिसंबर 2026 में त्रयोदशी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 6 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 6 दिस, 03:22 → 7 दिस, 04:52
- मंगलवार, 22 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 21 दिस, 20:06 → 22 दिस, 16:54
त्रयोदशी का दिन कैसे तय होता है
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
अन्य शहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
2026 की अन्य तिथियाँ
संबंधित पंचांग पृष्ठ
सामान्य प्रश्न
त्रयोदशी कब है 2026 में?
2026 में अगली त्रयोदशी गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 8 अक्टू, 01:47 → 9 अक्टू, 00:46 तक चलती है (सिंगापुर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2026 में त्रयोदशी कितनी बार आती है?
25 बार — शुक्ल पक्ष में 13 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल त्रयोदशी और कृष्ण त्रयोदशी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। त्रयोदशी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में त्रयोदशी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या त्रयोदशी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो सिंगापुर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
त्रयोदशी को और किन नामों से खोजा जाता है?
तेरस, त्रयोदशी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय त्रयोदशी क्या होती है?
2026 में 1 बार त्रयोदशी क्षय तिथि है: रविवार, 22 नवंबर 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।