द्वितीया 2026 में कब है

2026 में द्वितीया 25 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका लंदन के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी द्वितीया तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
रविवार, 4 जनवरी 2026कृष्णमाघ4 जन, 07:005 जन, 04:27—
मंगलवार, 20 जनवरी 2026शुक्लमाघ19 जन, 20:4420 जन, 21:13—
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन2 फ़र, 20:233 फ़र, 19:11—
गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन18 फ़र, 11:2819 फ़र, 10:29—
गुरुवार, 5 मार्च 2026कृष्णचैत्र4 मार्च, 11:195 मार्च, 11:34—
शुक्रवार, 20 मार्च 2026शुक्लचैत्र19 मार्च, 23:2320 मार्च, 21:01—
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख3 अप्रै, 04:134 अप्रै, 05:39—
रविवार, 19 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख18 अप्रै, 09:4119 अप्रै, 06:20—
रविवार, 3 मई 2026कृष्णज्येष्ठ2 मई, 20:203 मई, 22:32—
सोमवार, 18 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ17 मई, 17:1118 मई, 13:24—
मंगलवार, 2 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ1 जून, 12:082 जून, 14:32—
मंगलवार, 16 जून 2026शुक्लज्येष्ठ16 जून, 00:0116 जून, 20:23—
बुधवार, 1 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़1 जुला, 03:082 जुला, 05:08अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 15 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़15 जुला, 07:2116 जुला, 04:23क्षय तिथि
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026कृष्णश्रावण30 जुला, 17:0031 जुला, 18:02—
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026शुक्लश्रावण13 अग, 16:1214 अग, 14:18—
शनिवार, 29 अगस्त 2026कृष्णभाद्रपद29 अग, 05:2730 अग, 05:08—
शनिवार, 12 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद12 सित, 03:1713 सित, 02:39—
सोमवार, 28 सितंबर 2026कृष्णआश्विन27 सित, 16:2928 सित, 14:44—
सोमवार, 12 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन11 अक्टू, 17:0112 अक्टू, 17:44—
मंगलवार, 27 अक्तूबर 2026कृष्णकार्तिक27 अक्टू, 01:3227 अक्टू, 22:37—
बुधवार, 11 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक10 नव, 08:3011 नव, 10:24—
गुरुवार, 26 नवंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष25 नव, 11:2126 नव, 07:45—
गुरुवार, 10 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष10 दिस, 03:1611 दिस, 05:53—
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026कृष्णपौष24 दिस, 21:3725 दिस, 17:57—

समय लंदन के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

द्वितीया जनवरी 2026

जनवरी 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 4 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 4 जन, 07:00 → 5 जन, 04:27
  • मंगलवार, 20 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 19 जन, 20:44 → 20 जन, 21:13

द्वितीया फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 2 फ़र, 20:23 → 3 फ़र, 19:11
  • गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 18 फ़र, 11:28 → 19 फ़र, 10:29

द्वितीया मार्च 2026

मार्च 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 5 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 4 मार्च, 11:19 → 5 मार्च, 11:34
  • शुक्रवार, 20 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 19 मार्च, 23:23 → 20 मार्च, 21:01

द्वितीया अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 3 अप्रै, 04:13 → 4 अप्रै, 05:39
  • रविवार, 19 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 18 अप्रै, 09:41 → 19 अप्रै, 06:20

द्वितीया मई 2026

मई 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 3 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 2 मई, 20:20 → 3 मई, 22:32
  • सोमवार, 18 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 17 मई, 17:11 → 18 मई, 13:24

द्वितीया जून 2026

जून 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 2 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 1 जून, 12:08 → 2 जून, 14:32
  • मंगलवार, 16 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 16 जून, 00:01 → 16 जून, 20:23

द्वितीया जुलाई 2026

जुलाई 2026 में द्वितीया 3 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 1 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 1 जुला, 03:08 → 2 जुला, 05:08 (अगले दिन भी मान्य)
  • बुधवार, 15 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 15 जुला, 07:21 → 16 जुला, 04:23 (क्षय तिथि)
  • शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 30 जुला, 17:00 → 31 जुला, 18:02

द्वितीया अगस्त 2026

अगस्त 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 13 अग, 16:12 → 14 अग, 14:18
  • शनिवार, 29 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 29 अग, 05:27 → 30 अग, 05:08

द्वितीया सितंबर 2026

सितंबर 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 12 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 12 सित, 03:17 → 13 सित, 02:39
  • सोमवार, 28 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 27 सित, 16:29 → 28 सित, 14:44

द्वितीया अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 12 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 11 अक्टू, 17:01 → 12 अक्टू, 17:44
  • मंगलवार, 27 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 27 अक्टू, 01:32 → 27 अक्टू, 22:37

द्वितीया नवंबर 2026

नवंबर 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 11 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 10 नव, 08:30 → 11 नव, 10:24
  • गुरुवार, 26 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 25 नव, 11:21 → 26 नव, 07:45

द्वितीया दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में द्वितीया 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 10 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 10 दिस, 03:16 → 11 दिस, 05:53
  • शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 24 दिस, 21:37 → 25 दिस, 17:57

द्वितीया का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

द्वितीया कब है 2026 में?

2026 में अगली द्वितीया सोमवार, 12 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 11 अक्टू, 17:01 → 12 अक्टू, 17:44 तक चलती है (लंदन के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 25 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में द्वितीया कितनी बार आती है?

25 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 13। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल द्वितीया और कृष्ण द्वितीया में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। द्वितीया हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में द्वितीया की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या द्वितीया पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो लंदन में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

द्वितीया को और किन नामों से खोजा जाता है?

दूज, बीज — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय द्वितीया क्या होती है?

2026 में 1 बार द्वितीया क्षय तिथि है: बुधवार, 15 जुलाई 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।