लोहड़ी 2027 कब है?

2027 में लोहड़ी गुरुवार, 14 जनवरी को है। यह मकर संक्रांति की पूर्व संध्या है, जो शुक्रवार, 15 जनवरी को है; जयपुर के समय से सूर्य 14 जनवरी, 21:10 पर मकर राशि में प्रवेश करता है।

लोहड़ी मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मनाई जाती है — उस पर्व से एक दिन पहले, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से तय होता है। इसलिए सूर्यास्त के बाद प्रवेश होने पर मकर संक्रांति अगले दिन चली जाती है और लोहड़ी भी उसके साथ।

इस पेज का हर समय जयपुर के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

लोहड़ी 2027: तारीख और संक्रांति का समय

गुरुवार, 14 जनवरी 2027

लोहड़ी
गुरुवार, 14 जनवरी 2027
अगले दिन का पर्व
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
14 जनवरी, 21:10

यह तारीख अगले दिन के पर्व के साथ चलती है: सूर्य सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करे तो वह पर्व अगली सुबह होता है, और उसकी पूर्व संध्या भी एक दिन आगे खिसक जाती है।

आने वाले वर्षों में लोहड़ी की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 मंगलवार, 13 जनवरी 2026 बीत गई
2027 गुरुवार, 14 जनवरी 2027 आने वाली
2028 शुक्रवार, 14 जनवरी 2028 आने वाली

पंचांगों में लोहड़ी की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग लोहड़ी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: लोहड़ी का निर्णय सूर्य के राशि-प्रवेश से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

लोहड़ी से जुड़े सामान्य प्रश्न

2027 में लोहड़ी कब है?

2027 में लोहड़ी गुरुवार, 14 जनवरी को है। यह मकर संक्रांति की पूर्व संध्या है, जो शुक्रवार, 15 जनवरी को है; जयपुर के समय से सूर्य 14 जनवरी, 21:10 पर मकर राशि में प्रवेश करता है।

लोहड़ी की तारीख कभी 13 और कभी 14 जनवरी क्यों होती है?

क्योंकि लोहड़ी हमेशा मकर संक्रांति की पूर्व संध्या है, और जब सूर्य सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति अगले दिन चली जाती है — उसके साथ लोहड़ी भी एक दिन आगे खिसक जाती है।

अगले साल लोहड़ी कब है?

2028 में शुक्रवार, 14 जनवरी।