नरक चतुर्दशी 2026 कब है?

2026 में नरक चतुर्दशी रविवार, 8 नवंबर को है। जयपुर में अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त 05:39 से 06:41 तक है।

नरक चतुर्दशी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में यही तिथि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय जयपुर के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

नरक चतुर्दशी 2026: तारीख और तिथि का समय

रविवार, 8 नवंबर 2026

तिथि
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
हिंदू मास
कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत)
तिथि आरंभ
7 नवंबर, 10:49
तिथि समाप्त
8 नवंबर, 11:28
दिन का निर्णय
अरुणोदय
जयपुर में अरुणोदय
05:05 से 06:41

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: नरक चतुर्दशी का निर्णय सूर्योदय से पहले अरुणोदय में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके अरुणोदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

नरक चतुर्दशी 2026 अभ्यंग स्नान मुहूर्त

05:39 से 06:41

यह अवधि अरुणोदय और चतुर्दशी तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल अरुणोदय ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।

अरुणोदय
05:05 से 06:41
चतुर्दशी तिथि
7 नवंबर, 10:49 से 8 नवंबर, 11:28

अरुणोदय सूर्योदय से पहले की चार घड़ी (96 मिनट) है। अभ्यंग स्नान इसी में, सूरज निकलने से पहले, किया जाता है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तजयपुर में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:32 शुभ
अमृत काल 22:02 से 23:44 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 04:56 से 05:49 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिजयपुर में समय
राहु काल 16:17 से 17:39
यमगण्ड काल 12:10 से 13:32
दुर्मुहूर्त (पहला) 16:11 से 16:55
वर्ज्यम् 11:50 से 13:32

ऊपर का हर समय जयपुर के लिए रविवार, 8 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में नरक चतुर्दशी की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 आने वाली
2027 गुरुवार, 28 अक्तूबर 2027 आने वाली
2028 मंगलवार, 17 अक्तूबर 2028 आने वाली

पंचांगों में नरक चतुर्दशी की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग नरक चतुर्दशी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: नरक चतुर्दशी का निर्णय अरुणोदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

नरक चतुर्दशी से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में नरक चतुर्दशी कब है?

2026 में नरक चतुर्दशी रविवार, 8 नवंबर को है। जयपुर में अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त 05:39 से 06:41 तक है।

नरक चतुर्दशी की तिथि क्या है?

कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि। जयपुर में यह तिथि 7 नवंबर, 10:49 से 8 नवंबर, 11:28 तक है, और नरक चतुर्दशी का दिन सूर्योदय से पहले अरुणोदय में चल रही तिथि से तय होता है।

जयपुर में नरक चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त क्या है?

8 नवंबर को 05:39 से 06:41 तक। यह अरुणोदय और चतुर्दशी तिथि का मेल है, जयपुर के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।

दूसरे कैलेंडर में नरक चतुर्दशी की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल नरक चतुर्दशी कब है?

2027 में गुरुवार, 28 अक्तूबर; 2028 में मंगलवार, 17 अक्तूबर।