नवमी 2026 में कब है

2026 में नवमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका काठमांडू के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2026 की सभी नवमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
सोमवार, 12 जनवरी 2026कृष्णमाघ11 जन, 10:3512 जन, 12:58—
मंगलवार, 27 जनवरी 2026शुक्लमाघ26 जन, 21:3327 जन, 19:21—
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026कृष्णफाल्गुन10 फ़र, 07:4311 फ़र, 10:14—
बुधवार, 25 फ़रवरी 2026शुक्लफाल्गुन25 फ़र, 05:0726 फ़र, 02:57—
गुरुवार, 12 मार्च 2026कृष्णचैत्र12 मार्च, 04:3513 मार्च, 06:45अगले दिन भी मान्य
शुक्रवार, 27 मार्च 2026शुक्लचैत्र26 मार्च, 12:0427 मार्च, 10:22—
शनिवार, 11 अप्रैल 2026कृष्णवैशाख10 अप्रै, 23:3112 अप्रै, 00:53—
शनिवार, 25 अप्रैल 2026शुक्लवैशाख24 अप्रै, 19:3725 अप्रै, 18:43—
सोमवार, 11 मई 2026कृष्णज्येष्ठ10 मई, 15:2211 मई, 15:40—
रविवार, 24 मई 2026शुक्लअधिक ज्येष्ठ24 मई, 04:4225 मई, 04:46—
मंगलवार, 9 जून 2026कृष्णअधिक ज्येष्ठ9 जून, 03:3910 जून, 02:50—
मंगलवार, 23 जून 2026शुक्लज्येष्ठ22 जून, 15:5523 जून, 16:55—
गुरुवार, 9 जुलाई 2026कृष्णआषाढ़8 जुला, 12:379 जुला, 10:53—
गुरुवार, 23 जुलाई 2026शुक्लआषाढ़22 जुला, 05:3223 जुला, 07:18—
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026कृष्णश्रावण6 अग, 19:087 अग, 16:53—
शुक्रवार, 21 अगस्त 2026शुक्लश्रावण20 अग, 21:3421 अग, 23:52—
शनिवार, 5 सितंबर 2026कृष्णभाद्रपद5 सित, 00:295 सित, 22:09—
रविवार, 20 सितंबर 2026शुक्लभाद्रपद19 सित, 15:4220 सित, 18:07—
रविवार, 4 अक्तूबर 2026कृष्णआश्विन4 अक्टू, 06:075 अक्टू, 04:09क्षय तिथि
मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026शुक्लआश्विन19 अक्टू, 11:0720 अक्टू, 13:06—
मंगलवार, 3 नवंबर 2026कृष्णकार्तिक2 नव, 13:263 नव, 12:10—
बुधवार, 18 नवंबर 2026शुक्लकार्तिक18 नव, 06:2019 नव, 07:22अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 2 दिसंबर 2026कृष्णमार्गशीर्ष1 दिस, 23:292 दिस, 23:07—
शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026शुक्लमार्गशीर्ष17 दिस, 23:4218 दिस, 23:30—

समय काठमांडू के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

नवमी जनवरी 2026

जनवरी 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 12 जनवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 11 जन, 10:35 → 12 जन, 12:58
  • मंगलवार, 27 जनवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 26 जन, 21:33 → 27 जन, 19:21

नवमी फ़रवरी 2026

फ़रवरी 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 11 फ़रवरी 2026 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 10 फ़र, 07:43 → 11 फ़र, 10:14
  • बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 25 फ़र, 05:07 → 26 फ़र, 02:57

नवमी मार्च 2026

मार्च 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 12 मार्च 2026 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 12 मार्च, 04:35 → 13 मार्च, 06:45 (अगले दिन भी मान्य)
  • शुक्रवार, 27 मार्च 2026 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 26 मार्च, 12:04 → 27 मार्च, 10:22

नवमी अप्रैल 2026

अप्रैल 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 11 अप्रैल 2026 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 10 अप्रै, 23:31 → 12 अप्रै, 00:53
  • शनिवार, 25 अप्रैल 2026 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 24 अप्रै, 19:37 → 25 अप्रै, 18:43

नवमी मई 2026

मई 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 11 मई 2026 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 10 मई, 15:22 → 11 मई, 15:40
  • रविवार, 24 मई 2026 — शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 24 मई, 04:42 → 25 मई, 04:46

नवमी जून 2026

जून 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 9 जून 2026 — कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ। तिथि 9 जून, 03:39 → 10 जून, 02:50
  • मंगलवार, 23 जून 2026 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 22 जून, 15:55 → 23 जून, 16:55

नवमी जुलाई 2026

जुलाई 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 9 जुलाई 2026 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 8 जुला, 12:37 → 9 जुला, 10:53
  • गुरुवार, 23 जुलाई 2026 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 22 जुला, 05:32 → 23 जुला, 07:18

नवमी अगस्त 2026

अगस्त 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 6 अग, 19:08 → 7 अग, 16:53
  • शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 20 अग, 21:34 → 21 अग, 23:52

नवमी सितंबर 2026

सितंबर 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 5 सितंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 5 सित, 00:29 → 5 सित, 22:09
  • रविवार, 20 सितंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 19 सित, 15:42 → 20 सित, 18:07

नवमी अक्तूबर 2026

अक्तूबर 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 4 अक्तूबर 2026 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 4 अक्टू, 06:07 → 5 अक्टू, 04:09 (क्षय तिथि)
  • मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 19 अक्टू, 11:07 → 20 अक्टू, 13:06

नवमी नवंबर 2026

नवंबर 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 3 नवंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 2 नव, 13:26 → 3 नव, 12:10
  • बुधवार, 18 नवंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 18 नव, 06:20 → 19 नव, 07:22 (अगले दिन भी मान्य)

नवमी दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में नवमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 2 दिसंबर 2026 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 1 दिस, 23:29 → 2 दिस, 23:07
  • शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 17 दिस, 23:42 → 18 दिस, 23:30

नवमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2026 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

नवमी कब है 2026 में?

2026 में अगली नवमी मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026 को है। तिथि 19 अक्टू, 11:07 → 20 अक्टू, 13:06 तक चलती है (काठमांडू के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2026 में नवमी कितनी बार आती है?

24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल नवमी और कृष्ण नवमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। नवमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में नवमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या नवमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो काठमांडू में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

नवमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

नवमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय नवमी क्या होती है?

2026 में 1 बार नवमी क्षय तिथि है: रविवार, 4 अक्तूबर 2026। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।