तिथि कैलेंडर · श्रीनगर
पंचमी 2027 में कब है
2027 में पंचमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
- यह तालिका श्रीनगर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
2027 की सभी पंचमी तिथियाँ
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 13 जनवरी 2027 | शुक्ल | पौष | 12 जन, 11:29 | 13 जन, 13:02 | — |
| मंगलवार, 26 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 26 जन, 06:01 | 27 जन, 04:33 | — |
| गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 11 फ़र, 03:05 | 12 फ़र, 03:19 | — |
| गुरुवार, 25 फ़रवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 24 फ़र, 20:41 | 25 फ़र, 20:18 | — |
| शनिवार, 13 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 12 मार्च, 14:57 | 13 मार्च, 13:55 | — |
| शनिवार, 27 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 26 मार्च, 12:43 | 27 मार्च, 13:34 | — |
| रविवार, 11 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 10 अप्रै, 23:40 | 11 अप्रै, 21:40 | — |
| रविवार, 25 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 25 अप्रै, 05:42 | 26 अप्रै, 07:37 | अगले दिन भी मान्य |
| सोमवार, 10 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 10 मई, 06:23 | 11 मई, 03:48 | क्षय तिथि |
| मंगलवार, 25 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 24 मई, 22:59 | 26 मई, 01:31 | — |
| बुधवार, 9 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 8 जून, 12:22 | 9 जून, 09:36 | — |
| गुरुवार, 24 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 23 जून, 15:43 | 24 जून, 18:10 | — |
| गुरुवार, 8 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 7 जुला, 18:44 | 8 जुला, 16:07 | — |
| शनिवार, 24 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 23 जुला, 06:57 | 24 जुला, 08:42 | — |
| शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 6 अग, 02:28 | 7 अग, 00:23 | — |
| रविवार, 22 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 21 अग, 20:05 | 22 अग, 20:46 | — |
| रविवार, 5 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 4 सित, 12:26 | 5 सित, 11:18 | — |
| मंगलवार, 21 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 20 सित, 07:09 | 21 सित, 06:43 | — |
| सोमवार, 4 अक्तूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 4 अक्टू, 01:28 | 5 अक्टू, 01:37 | — |
| बुधवार, 20 अक्तूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 19 अक्टू, 16:42 | 20 अक्टू, 15:19 | — |
| बुधवार, 3 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 2 नव, 18:03 | 3 नव, 19:32 | — |
| गुरुवार, 18 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 18 नव, 01:36 | 18 नव, 23:27 | — |
| शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 2 दिस, 13:44 | 3 दिस, 16:14 | — |
| शनिवार, 18 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 17 दिस, 10:35 | 18 दिस, 07:58 | — |
समय श्रीनगर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
पंचमी जनवरी 2027
जनवरी 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 13 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 12 जन, 11:29 → 13 जन, 13:02
- मंगलवार, 26 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 26 जन, 06:01 → 27 जन, 04:33
पंचमी फ़रवरी 2027
फ़रवरी 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 11 फ़र, 03:05 → 12 फ़र, 03:19
- गुरुवार, 25 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 24 फ़र, 20:41 → 25 फ़र, 20:18
पंचमी मार्च 2027
मार्च 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 12 मार्च, 14:57 → 13 मार्च, 13:55
- शनिवार, 27 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 26 मार्च, 12:43 → 27 मार्च, 13:34
पंचमी अप्रैल 2027
अप्रैल 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 11 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 10 अप्रै, 23:40 → 11 अप्रै, 21:40
- रविवार, 25 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 25 अप्रै, 05:42 → 26 अप्रै, 07:37 (अगले दिन भी मान्य)
पंचमी मई 2027
मई 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 10 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 10 मई, 06:23 → 11 मई, 03:48 (क्षय तिथि)
- मंगलवार, 25 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 24 मई, 22:59 → 26 मई, 01:31
पंचमी जून 2027
जून 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 9 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 8 जून, 12:22 → 9 जून, 09:36
- गुरुवार, 24 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 23 जून, 15:43 → 24 जून, 18:10
पंचमी जुलाई 2027
जुलाई 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 8 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 7 जुला, 18:44 → 8 जुला, 16:07
- शनिवार, 24 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 23 जुला, 06:57 → 24 जुला, 08:42
पंचमी अगस्त 2027
अगस्त 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 6 अग, 02:28 → 7 अग, 00:23
- रविवार, 22 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 21 अग, 20:05 → 22 अग, 20:46
पंचमी सितंबर 2027
सितंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 4 सित, 12:26 → 5 सित, 11:18
- मंगलवार, 21 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 20 सित, 07:09 → 21 सित, 06:43
पंचमी अक्तूबर 2027
अक्तूबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 4 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 4 अक्टू, 01:28 → 5 अक्टू, 01:37
- बुधवार, 20 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 19 अक्टू, 16:42 → 20 अक्टू, 15:19
पंचमी नवंबर 2027
नवंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 3 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 2 नव, 18:03 → 3 नव, 19:32
- गुरुवार, 18 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 नव, 01:36 → 18 नव, 23:27
पंचमी दिसंबर 2027
दिसंबर 2027 में पंचमी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 2 दिस, 13:44 → 3 दिस, 16:14
- शनिवार, 18 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 17 दिस, 10:35 → 18 दिस, 07:58
पंचमी का दिन कैसे तय होता है
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
अन्य शहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
2027 की अन्य तिथियाँ
संबंधित पंचांग पृष्ठ
सामान्य प्रश्न
पंचमी कब है 2027 में?
2027 में अगली पंचमी बुधवार, 13 जनवरी 2027 को है। तिथि 12 जन, 11:29 → 13 जन, 13:02 तक चलती है (श्रीनगर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में पंचमी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल पंचमी और कृष्ण पंचमी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। पंचमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में पंचमी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या पंचमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो श्रीनगर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
पंचमी को और किन नामों से खोजा जाता है?
पंचमी तिथि, पंचम — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय पंचमी क्या होती है?
2027 में 1 बार पंचमी क्षय तिथि है: सोमवार, 10 मई 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।