सप्तमी 2027 में कब है

2027 में सप्तमी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका श्रीनगर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2027 की सभी सप्तमी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027शुक्लपौष14 जन, 13:5915 जन, 14:14—
गुरुवार, 28 जनवरी 2027कृष्णमाघ28 जन, 03:5429 जन, 04:03—
शनिवार, 13 फ़रवरी 2027शुक्लमाघ13 फ़र, 02:5914 फ़र, 02:07—
शनिवार, 27 फ़रवरी 2027कृष्णफाल्गुन26 फ़र, 20:4327 फ़र, 21:55—
सोमवार, 15 मार्च 2027शुक्लफाल्गुन14 मार्च, 12:3215 मार्च, 10:52—
सोमवार, 29 मार्च 2027कृष्णचैत्र28 मार्च, 15:0529 मार्च, 17:11—
मंगलवार, 13 अप्रैल 2027शुक्लचैत्र12 अप्रै, 19:3513 अप्रै, 17:29—
बुधवार, 28 अप्रैल 2027कृष्णवैशाख27 अप्रै, 09:5828 अप्रै, 12:31—
बुधवार, 12 मई 2027शुक्लवैशाख12 मई, 01:2412 मई, 23:13—
गुरुवार, 27 मई 2027कृष्णज्येष्ठ27 मई, 04:0528 मई, 06:26अगले दिन भी मान्य
गुरुवार, 10 जून 2027शुक्लज्येष्ठ10 जून, 07:1211 जून, 05:14क्षय तिथि
शनिवार, 26 जून 2027कृष्णआषाढ़25 जून, 20:1726 जून, 21:52—
शनिवार, 10 जुलाई 2027शुक्लआषाढ़9 जुला, 14:0410 जुला, 12:37—
सोमवार, 26 जुलाई 2027कृष्णश्रावण25 जुला, 09:5326 जुला, 10:25—
रविवार, 8 अगस्त 2027शुक्लश्रावण7 अग, 23:018 अग, 22:25—
मंगलवार, 24 अगस्त 2027कृष्णभाद्रपद23 अग, 20:5324 अग, 20:25—
मंगलवार, 7 सितंबर 2027शुक्लभाद्रपद6 सित, 10:587 सित, 11:29—
बुधवार, 22 सितंबर 2027कृष्णआश्विन22 सित, 05:5223 सित, 04:37—
बुधवार, 6 अक्तूबर 2027शुक्लआश्विन6 अक्टू, 02:337 अक्टू, 04:14—
शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2027कृष्णकार्तिक21 अक्टू, 13:4322 अक्टू, 11:56—
शुक्रवार, 5 नवंबर 2027शुक्लकार्तिक4 नव, 21:386 नव, 00:10—
शनिवार, 20 नवंबर 2027कृष्णमार्गशीर्ष19 नव, 21:2020 नव, 19:18—
रविवार, 5 दिसंबर 2027शुक्लमार्गशीर्ष4 दिस, 18:565 दिस, 21:37—
रविवार, 19 दिसंबर 2027कृष्णपौष19 दिस, 05:3620 दिस, 03:34—

समय श्रीनगर के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

सप्तमी जनवरी 2027

जनवरी 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 14 जन, 13:59 → 15 जन, 14:14
  • गुरुवार, 28 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 28 जन, 03:54 → 29 जन, 04:03

सप्तमी फ़रवरी 2027

फ़रवरी 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 13 फ़र, 02:59 → 14 फ़र, 02:07
  • शनिवार, 27 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 26 फ़र, 20:43 → 27 फ़र, 21:55

सप्तमी मार्च 2027

मार्च 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 15 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 14 मार्च, 12:32 → 15 मार्च, 10:52
  • सोमवार, 29 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 28 मार्च, 15:05 → 29 मार्च, 17:11

सप्तमी अप्रैल 2027

अप्रैल 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 13 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 12 अप्रै, 19:35 → 13 अप्रै, 17:29
  • बुधवार, 28 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 27 अप्रै, 09:58 → 28 अप्रै, 12:31

सप्तमी मई 2027

मई 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 12 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 12 मई, 01:24 → 12 मई, 23:13
  • गुरुवार, 27 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 27 मई, 04:05 → 28 मई, 06:26 (अगले दिन भी मान्य)

सप्तमी जून 2027

जून 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 10 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 10 जून, 07:12 → 11 जून, 05:14 (क्षय तिथि)
  • शनिवार, 26 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 25 जून, 20:17 → 26 जून, 21:52

सप्तमी जुलाई 2027

जुलाई 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 10 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 9 जुला, 14:04 → 10 जुला, 12:37
  • सोमवार, 26 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 25 जुला, 09:53 → 26 जुला, 10:25

सप्तमी अगस्त 2027

अगस्त 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 8 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 7 अग, 23:01 → 8 अग, 22:25
  • मंगलवार, 24 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 23 अग, 20:53 → 24 अग, 20:25

सप्तमी सितंबर 2027

सितंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 7 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 6 सित, 10:58 → 7 सित, 11:29
  • बुधवार, 22 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 22 सित, 05:52 → 23 सित, 04:37

सप्तमी अक्तूबर 2027

अक्तूबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 6 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 6 अक्टू, 02:33 → 7 अक्टू, 04:14
  • शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 21 अक्टू, 13:43 → 22 अक्टू, 11:56

सप्तमी नवंबर 2027

नवंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 5 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 4 नव, 21:38 → 6 नव, 00:10
  • शनिवार, 20 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 19 नव, 21:20 → 20 नव, 19:18

सप्तमी दिसंबर 2027

दिसंबर 2027 में सप्तमी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 5 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 4 दिस, 18:56 → 5 दिस, 21:37
  • रविवार, 19 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 19 दिस, 05:36 → 20 दिस, 03:34

सप्तमी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2027 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

सप्तमी कब है 2027 में?

2027 में अगली सप्तमी शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है। तिथि 14 जन, 13:59 → 15 जन, 14:14 तक चलती है (श्रीनगर के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2027 में सप्तमी कितनी बार आती है?

24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल सप्तमी और कृष्ण सप्तमी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। सप्तमी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में सप्तमी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या सप्तमी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो श्रीनगर में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

सप्तमी को और किन नामों से खोजा जाता है?

सप्तमी तिथि — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय सप्तमी क्या होती है?

2027 में 1 बार सप्तमी क्षय तिथि है: गुरुवार, 10 जून 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।