शुक्ल पक्ष · नवमी तिथि · चैत्र
राम नवमी 2027 कब है?
2027 में राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को है। जयपुर में राम नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त 11:10 से 13:22 तक है।
राम नवमी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय जयपुर के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
जयपुर के लिए गणना
राम नवमी 2027: तारीख और तिथि का समय
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
- तिथि
- नवमी, शुक्ल पक्ष
- हिंदू मास
- चैत्र
- तिथि आरंभ
- 14 अप्रैल, 15:24
- तिथि समाप्त
- 15 अप्रैल, 13:22
- दिन का निर्णय
- मध्याह्न
- जयपुर में मध्याह्न
- 11:10 से 13:43
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: राम नवमी का निर्णय दिन के मध्य भाग में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके मध्याह्न पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
मुहूर्त · जयपुर
राम नवमी 2027 राम नवमी पूजा मुहूर्त
11:10 से 13:22
यह अवधि मध्याह्न और नवमी तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल मध्याह्न ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।
- मध्याह्न
- 11:10 से 13:43
- नवमी तिथि
- 14 अप्रैल, 15:24 से 15 अप्रैल, 13:22
मध्याह्न दिन के उजाले का बीच वाला पाँचवाँ भाग है। यह घड़ी के 12 बजे के बराबर नहीं होता — दोनों में आधे घंटे तक का अंतर रहता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | जयपुर में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 से 12:52 | शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:33 से 05:18 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | जयपुर में समय |
|---|---|
| राहु काल | 14:03 से 15:39 |
| यमगण्ड काल | 06:03 से 07:39 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 10:19 से 11:10 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 15:26 से 16:17 |
| वर्ज्यम् | 21:41 से 23:12 |
ऊपर का हर समय जयपुर के लिए गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में राम नवमी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | गुरुवार, 26 मार्च 2026 | बीत गई |
| 2027 | गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 | आने वाली |
| 2028 | सोमवार, 3 अप्रैल 2028 | आने वाली |
पंचांगों में राम नवमी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग राम नवमी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: राम नवमी का निर्णय मध्याह्न से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- पितृ पक्ष — शनिवार, 26 सितंबर से शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 तक
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
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राम नवमी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2027 में राम नवमी कब है?
2027 में राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को है। जयपुर में राम नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त 11:10 से 13:22 तक है।
राम नवमी की तिथि क्या है?
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि। जयपुर में यह तिथि 14 अप्रैल, 15:24 से 15 अप्रैल, 13:22 तक है, और राम नवमी का दिन दिन के मध्य भाग में चल रही तिथि से तय होता है।
जयपुर में राम नवमी का शुभ मुहूर्त क्या है?
15 अप्रैल को 11:10 से 13:22 तक। यह मध्याह्न और नवमी तिथि का मेल है, जयपुर के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।
दूसरे कैलेंडर में राम नवमी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल राम नवमी कब है?
2028 में सोमवार, 3 अप्रैल।