हरतालिका तीज 2027 कब है?

2027 में हरतालिका तीज शुक्रवार, 3 सितंबर को है। जयपुर में तृतीया तिथि 2 सितंबर, 16:50 से 3 सितंबर, 14:19 तक रहेगी।

हरतालिका तीज कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय जयपुर के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

हरतालिका तीज 2027: तारीख और तिथि का समय

शुक्रवार, 3 सितंबर 2027

तिथि
तृतीया, शुक्ल पक्ष
हिंदू मास
भाद्रपद
तिथि आरंभ
2 सितंबर, 16:50
तिथि समाप्त
3 सितंबर, 14:19
दिन का निर्णय
सूर्योदय
जयपुर में सूर्योदय
3 सितंबर, 06:06

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: हरतालिका तीज का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

हरतालिका तीज 2027 शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तजयपुर में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:51 शुभ
अमृत काल 10:19 से 11:48 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 04:36 से 05:21 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिजयपुर में समय
राहु काल 10:51 से 12:26
यमगण्ड काल 15:35 से 17:10
दुर्मुहूर्त (पहला) 08:38 से 09:29
दुर्मुहूर्त (दूसरा) 12:51 से 13:42
वर्ज्यम् 23:32 से 01:04

ऊपर का हर समय जयपुर के लिए शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में हरतालिका तीज की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति जयपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 सोमवार, 14 सितंबर 2026 बीत गई
2027 शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 आने वाली
2028 मंगलवार, 22 अगस्त 2028 आने वाली

पंचांगों में हरतालिका तीज की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग हरतालिका तीज की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: हरतालिका तीज का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

हरतालिका तीज से जुड़े सामान्य प्रश्न

2027 में हरतालिका तीज कब है?

2027 में हरतालिका तीज शुक्रवार, 3 सितंबर को है। जयपुर में तृतीया तिथि 2 सितंबर, 16:50 से 3 सितंबर, 14:19 तक रहेगी।

हरतालिका तीज की तिथि क्या है?

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि। जयपुर में यह तिथि 2 सितंबर, 16:50 से 3 सितंबर, 14:19 तक है, और हरतालिका तीज का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।

दूसरे कैलेंडर में हरतालिका तीज की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल हरतालिका तीज कब है?

2028 में मंगलवार, 22 अगस्त।